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भारत के किस आदेश से परेशान हुआ कनाडा? रिश्ते सुधारने को यूएस में जयशंकर के साथ की 'सीक्रेट' मीटिंग!

ब्रिटेन के अखबार फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के एस जयशंकर और कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली के बीच ये गुपचुप मुलाकात वाशिंगटन में हुई है.

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12 अक्तूबर 2023 (अपडेटेड: 13 अक्तूबर 2023, 07:20 AM IST)
Jaishankar, Canada foreign minister held secret meeting in Washington amid row
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की ये मुलाकात अमेरिका में हुई | फाइल फोटो: इंडिया टुडे/कनाडा पार्लियामेंट
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कनाडा से तनातनी के बीच दोनों के संबंधों को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है. खबर ये है कि अमेरिका में कनाडा की विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ एक ‘सीक्रेट’ मीटिंग की है. हालांकि, अभी तक दोनों देशों की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है. ब्रिटेन के अखबार फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक जयशंकर और कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली के बीच ये मुलाकात हुई है. अखबार ने इस मीटिंग की खबर तब दी है, जब भारत द्वारा कनाडा को अतिरिक्त राजनयिकों को वापस बुलाने के लिए दी गई 10 अक्टूबर की समय सीमा खत्म हो गई है. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि कनाडाई राजनयिक भारत में अभी भी इसलिए बने हुए हैं क्योंकि भारत और कनाडा के बीच अंदरखाने बातचीत चल रही है. रिपोर्ट के मुताबिक दोनों मुल्कों की टेंशन के बाद कनाडा सरकार भारत के साथ अपने राजनयिक संबंधों को सुधारने का प्रयास कर रही है.

फाइनेंशियल टाइम्स ने क्या-क्या बताया?

अखबार ने आगे लिखा है,

'भारत-कनाडा के बीच हुई इस मीटिंग की जानकारी रखने वाले कुछ लोगों ने कहा है कि कुछ दिन पहले, जोली ने वाशिंगटन में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ एक गुप्त बैठक की थी. जब हमने कनाडा के विदेश मंत्रालय से इसपर टिप्पणी मांगी तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.'

रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि भारत ने राजनयिक संबंधों पर वियना कन्वेंशन का हवाला दिया. कहा कि डिप्लोमैट्स की संख्या दोनों देशों में बराबर होनी चाहिए. क्योंकि ये वियना कन्वेंशन के तहत जरूरी है. लेकिन, कनाडा ने इस तर्क को खारिज कर दिया और जवाब दिया कि भारत वियना कन्वेंशन का गलत मतलब निकाल रहा है.

Indian EAM S. Jaishankar said Canada has a permissive attitude towards terrorists and extremists.
जयशंकर ने कह चुके हैं कि आतंकवादियों और चरमपंथियों के लिए कनाडा का रवैया उदार है
राजनयिकों की वापसी का आदेश कब दिया गया था?

कनाडा के PM जस्टिन टूड्रो ने 18 सितंबर को भारत सरकार पर खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था. इसके बाद उन्होंने भारत के एक डिप्लोमैट को भी निकाल दिया था. कनाडा के इस एक्शन का जवाब देते हुए भारत ने भी उनके एक डिप्लोमैट को देश छोड़ने के लिए कहा था. इसके बाद भारत ने कनाडाई नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं भी बंद कर दी थीं.

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इसके कुछ रोज बाद ही दिन पहले ही फाइनेंशियल टाइम्स ने ही अपनी में दावा किया था कि भारत ने कनाडा से उनके 41 डिप्लोमैट्स को वापस बुलाने को कहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, इन डिप्लोमैट्स को भारत छोड़ने के लिए 10 अक्टूबर की डेडलाइन दी गई है. खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या पर जारी तनाव के बीच ये फैसला लिया गया.

रिपोर्ट में ये भी बताया गया था कि डेडलाइन के बाद इन 41 में से जो डिप्लोमैट भारत में रह जाएंगे, उनको मिलने वाली छूट और दूसरे फायदे (डिप्लोमैटिक इम्यूनिटी) बंद कर दिए जाएंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कनाडा के भारत में करीब 62 डिप्लोमैट्स काम करते हैं. 10 अक्टूबर के बाद देश में केवल 21 कनाडाई डिप्लोमैट्स ही बचेंगे.

canada pm justin trudeau targets india while talking about israel and rule of law
इजरायल पर हमास के हमले को लेकर कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो ने UAE के राष्ट्रपति से बात की और इस दौरान भारत का मुद्दा उठा दिया था
राजनयिकों की वापसी के आदेश से परेशान कनाडा

इसके बाद 3 अक्टूबर को कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो ने कहा था कि वो भारत के साथ तनाव को बढ़ाना नहीं चाहते हैं. उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को फिलहाल बेहद चुनौतीपूर्ण बताया था. ओटावा में मीडिया से बात करते हुए ट्रूडो ने कहा था

कनाडा के लिए ये जरूरी है कि हमारे डिप्लोमैट्स भारत में मौजूद रहें. हम लगातार ऐसे कदम उठाते रहेंगे, जिससे मुश्किल समय में भी भारत के साथ बेहतर रिश्ते बना सकें.

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उसी समय कनाडा की विदेश मंत्री मेलेनी जोली ने कहा था कि डिप्लोमैटिक संकट से निकलने के लिए वो भारत के साथ प्राइवेट बातचीत करना चाहती हैं. जोली ने कहा था, ‘हम भारत सरकार के साथ संपर्क में हैं. हमारे लिए कनाडा के डिप्लोमैट्स की सुरक्षा बेहद जरूरी है. हम भारत के साथ प्राइवेट लेवल पर बातचीत जारी रखेंगे, क्योंकि कूटनीतिक मामलों को आपसी बातचीत के जरिए सबसे बेहतर तरह से सुलझाया जा सकता है.’

वीडियो: अमेरिका के इंडिया और कनाडा के रिश्ते पर इस बयान से खुश हो जाएंगे जस्टिन ट्रुडो?

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