The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • israel gaza war updates alshifa hospital bombing death toll

इज़रायल ने अस्पताल ख़ाली करने के लिए दिया एक घंटा, ग़ाज़ा से UN का संपर्क 'टूटा'!

इज़रायल सरकार ने संयुक्त राष्ट्र और टेली-कम्यूनिकेशन सिस्टम के लिए ईंधन के दो टैंकर ट्रकों को इजाज़त दी है. हालांकि, ग़ाज़ा के हालात को देखते हुए जितनी मोहलत मिली है, बहुत कम है.

Advertisement
pic
18 नवंबर 2023 (पब्लिश्ड: 01:30 PM IST)
ISRAEL-GAZA-HOSPITAL
अस्पताल में हज़ारों लोग हैं. (फ़ोटो - रॉयटर्स)
Quick AI Highlights
Click here to view more

ग़ाज़ा पट्टी (Gaza Strip) में इंटरनेट और टेलीफ़ोन सेवाएं ठप हैं, क्योंकि ईंधन नहीं है. UN ने भी जानकारी दी है कि ईंधन की कमी की वजह से ग़ाज़ा में खाना और बाक़ी ज़रूरी चीज़ें नहीं पहुंच पा रही हैं. इससे बड़े पैमाने पर भुखमरी के ख़तरे की आशंका है.

इज़रायल सरकार (Israel) ने संयुक्त राष्ट्र और टेली-कम्यूनिकेशन सिस्टम के लिए ईंधन के दो टैंकर ट्रकों को इजाज़त दी है. हालांकि, ग़ाज़ा के हालात को देखते हुए जितनी मोहलत मिली है, बहुत कम है. फ़िलिस्तीनी दूरसंचार कंपनी पालटेल ने बताया कि थोड़ा ईंधन मिला, तो वापस से जनरेटर शुरू कर के इंटरनेट बहाल किया गया है.

अभी क्या-क्या अपडेट हैं?

हमास ने अपने शुरूआती हमले में लगभग 1,400 इज़रायली नागरिकों को मार दिया. जवाब में इज़रायली सेना ने 12,000 हज़ार से ज़्यादा फ़िलिस्तीनी मार दिए हैं. इसमें से 6,000 से ज़्यादा बच्चे थे. बीते कुछ दिनों में ग़ाज़ा में मरने वालों की आधिकारिक संख्या अपडेट नहीं की गई है, क्योंकि एन्क्लेव की स्वास्थ्य प्रणाली ठप्प पड़ी है.

UN के मानवीय मामलों के कार्यालय (OCHA) ने आंकड़ों के हवाले से बताया है कि इज़रायली हमलों से अब तक पट्टी के कम से कम 45% घर बर्बाद हो चुके हैं.

ये भी पढ़ें - PM मोदी ने इजरायल-हमास युद्ध का जिक्र कर पूरे ग्लोबल साउथ को बड़ा संदेश दिया

UN के विश्व खाद्य अभियान (WFP) ने बताया कि खाने की कमी की वजह से फ़िलिस्तीनियों को भुखमरी का ख़तरा है. UN के वरिष्ठ अधिकारी मार्टिन ग्रिफिथ्स ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 'मानवीय विराम' की अपील दोहराई है. कहा,

"आप जो चाहें कहें, लेकिन मानवीय नज़रिए से ये बहुत सरल है. लड़ाई रोक दें. हम चांद नहीं मांग रहे हैं."

अल-जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक़, इज़रायली सेना ने ग़ाज़ा के सबसे बड़े अस्पताल अल-शिफ़ा को अपने क़ब्ज़े में ले लिया है. और दावा किया है कि वहां उन्हें हमास का प्रमुख कमांड सेंटर मिला है. इज़रायली सेना के प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें अंडर-ग्राउंड बुनियादी ढांचे और बंधकों के बारे में जानकारी मिली है. 
अस्पताल में भोजन, पानी, बिजली और ऑक्सीजन नहीं है. हालिया जानकारी ये है कि अल-शिफ़ा अस्पताल को ख़ाली करने के लिए चंद घंटों का समय मिला है.

तुर्किए के राष्ट्रपति तैय्यप अर्दोआन ने इज़रायल की निंदा की है. कहा कि अस्पतालों में गोलीबारी करना या बच्चों को मारना तोराह में भी नहीं लिखा. तोराह हिब्रू बाइबिल की पहली पांच किताबों के संकलन को कहते हैं.

ये भी पढ़ें - इज़रायली सेना ने ग़ाज़ा में अस्पतालों को घेरा, बमबारी से बचने भाग रहे मरीज़ और शरणार्थी

इसके अलावा पांच देशों - दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश, बोलीविया, कोमोरोस और जिबूती - ने अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय से फ़िलिस्तीन की स्थिति की जांच करने की मांग की है.

एक ख़बर और है. रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि पोप फ्रांसिस के अगले हफ्ते हमास आतंकवादियों द्वारा बंधक बनाए गए यहूदी बंधकों के रिश्तेदारों और अलग से एक फिलिस्तीनी प्रतिनिधिमंडल से मिलने की उम्मीद है जिसमें गाजा के कुछ लोग शामिल हैं.

Advertisement

Advertisement

()