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इज़रायली सेना ने ग़ाज़ा में अस्पतालों को घेरा, बमबारी से बचने के लिए भाग रहे मरीज़ और शरणार्थी

इज़रायली सेना ने अस्पतालों को घेर रखा है. सीधे हमले की आशंका से वहां शरण लेने वाले हज़ारों मरीज़ और विस्थापित लोग दक्षिण की ओर भाग रहे हैं.

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12 नवंबर 2023 (पब्लिश्ड: 01:32 PM IST)
palestine south gaza
11,000 'हत्याओं' के बाद भी इज़रायल नहीं रुकने वाला, दक्षिणी ग़ाज़ा की ओर भागते फिलिस्तीनी (फ़ोटो - AP)
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आज दिवाली है. भारत में जश्न का माहौल है. घरों में झालर लग गए हैं. मिठाइयां आ गई हैं. नए कपड़े आ गए हैं. लेकिन ग़ाज़ा में आज भी भीषण लड़ाई जारी है, क्योंकि इज़रायली सेना लगातार हमले कर रही है. जंग शुरू होने से इज़रायल ने अब तक 11,000 फ़िलिस्तीनियों का मार दिया है. अब ख़बर है कि सेना ने अस्पतालों को घेर रखा है. सीधे हमले की आशंका से वहां शरण लेने वाले हज़ारों मरीज़ और विस्थापित लोग दक्षिण की ओर भाग रहे हैं. फ़िलिस्तीनी अथॉरिटी के मुताबिक़, दो नवजात शिशुओं की मौत हो गई और दर्जनों ख़तरे में हैं.

युद्धविराम के लिए बढ़ती अंतरराष्ट्रीय अपीलों के बावजूद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कह रखा है कि हमास चरमपंथियों को ख़त्म करने के लिए वो पूरी ताक़त से लड़ेंगे. और युद्धविराम तभी हो सकता है, जब ग़ाज़ा में रखे गए सभी 239 बंधकों को रिहा किया जाएगा. अस्पतालों में किए जा रहे हमलों के बीच इज़रायल की सेना ने घोषणा की है कि वो बच्चों को निकालने में मदद करने के लिए तैयार है.

और क्या-क्या अपडेट्स हैं?

10 नवंबर को सऊदी अरब में एक इस्लामिक-अरब शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया. ईरान के राष्ट्रपति इब्राहीम रायसी, तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोआन, क़तर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद और फ़िलिस्तीन के 'राष्ट्रपति' महमूद अब्बास सहित दर्जनों नेताओं ने हिस्सा लिया. सब ने ग़ाज़ा में इज़रायल की बमबारी को तत्काल रोकने की अपील की. और, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत से इज़रायल के 'युद्ध-अपराधों' और मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों की जांच करने की अपील की.

इधर जारी संकट को देखते हुए 9 नवंबर को UN में एक रिज़ॉल्यूशन पास किया गया है. 145 देशों ने अधिकृत फ़िलिस्तीनी क्षेत्र - पूर्वी जेरुसलम और सीरियाई गोलान - में क़ब्ज़े की निंदा की है. प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया. 145 देशों में भारत भी था. केवल 7 देश इज़रायल के पक्ष में थे: कनाडा, हंगरी, इज़राइल, मार्शल द्वीप, माइक्रोनेशिया के संघीय राज्य, नाउरू, अमेरिका. 18 मतदान से अनुपस्थित रहे. पिछले महीने भारत ने भी इज़रायल-हमास संघर्ष विराम का आह्वान से परहेज़ किया था, क्योंकि इसमें हमास का कोई ज़िक्र नहीं था.

ये भी पढ़ें - इज़रायल-ग़ाज़ा जंग में भारत पर कौन दबाव बना रहा? 

बाक़ी इज़रायली सेना और हमास के लड़ाकों की तरफ़ से दावे चल रहे हैं. इज़रायल कह रहा है कि हमास ने उत्तरी-ग़ाज़ा से नियंत्रण खो दिया है. उधर हमास की आर्म्ड-विंग इज़ अल-दीन अल-क़सम ब्रिगेड ने कहा कि उन्होंने 160 से ज़्यादा इज़रायली सैन्य ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है.

लेबनान के ईरान-समर्थित मिलिशिया हिजबुल्लाह ने भी दावा किया है उनके लड़ाकों ने हाल के दिनों में इज़रायल के कई टार्गेट्स पर हमला किया है. इज़रायली रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने हिजबुल्लाह को चेतावनी दी है.

इज़रायल की राजधानी तेल अवीव में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं. हज़ारों लोगों ने इज़रायली बंधकों की रिहाई की मांग करते हुए रैली निकाली.

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