नरेन्द्र मोदी ने पूरा किया 4 साल पुराना वादा!
अब सौराष्ट्र में पानी की समस्या नहीं रहेगी.
Advertisement

फोटो - thelallantop
Quick AI Highlights
Click here to view more
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सनोसरा गांव में SAUNI (Saurashtra Narmada Avataran for Irrigation) प्रोजेक्ट के पहले फेज का उद्घाटन कर दिया है. इस प्रोजेक्ट की वजह से राजकोट, जामनगर और मोरबी के 10 बांधों में नर्मदा नदी का पानी पहुंचेगा. 12 हज़ार करोड़ रुपये का ये प्रोजेक्ट सौराष्ट्र क्षेत्र के 115 बांधों के काम आएगा. सौराष्ट्र में पीने के पानी और खेती के पानी, दोनों की बड़ी दिक्कत है. 2012 में जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उन्होंने इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी. उद्घाटन के बाद भाषण होना तो बनता है न.
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने कहा कि ये प्रोजेक्ट 4 फेज का है. यानी 4 स्टेप में बनेगा. 2019 तक पूरा हो जायेगा. 4 लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई संभव हो जाएगी. इस क्षेत्र के पीने के पानी की भी समस्या काफी हद कम हो जाएगी.
इसके उत्तर-पश्चिम में कच्छ की खाड़ी और पूर्व में खम्भात की खाड़ी है. इसके अन्दर ये जिले आते हैं:
राजकोट, जामनगर, जूनागढ़, भावनगर, पोरबंदर, अमरेली, सुरेंद्रनगर, देवभूमि, द्वारका, मोरबी, गिर सोमनाथ और अहमदाबाद जिले के कुछ हिस्से.
इस क्षेत्र का जिक्र महाभारत में भी है. पहले इसे सुराष्ट्र कहा जाता था. मतलब अच्छा देश. 150 ईस्वी में लगे जूनागढ़ रॉक इनस्क्रिप्शन में भी इसका नाम है. इसके पहले अशोक के समय में यहां पर एक यवन राजा राज करता था. 1947 में ब्रिटिश काल के दौरान बनी जूनागढ़ रियासत के नवाब ने भारत में शामिल होने से इनकार कर दिया था. पर बाद में शामिल होना पड़ा.
सौराष्ट्र क्षेत्र क्या है?
सौराष्ट्र क्षेत्र अरब सागर के किनारे बसा हुआ है. इस में गुजरात के 11 जिले हैं. यहां अक्सर सूखा पड़ता रहता है. पिछले दो साल में स्थिति ज्यादा ही खराब हो गई है.
इसके उत्तर-पश्चिम में कच्छ की खाड़ी और पूर्व में खम्भात की खाड़ी है. इसके अन्दर ये जिले आते हैं:
राजकोट, जामनगर, जूनागढ़, भावनगर, पोरबंदर, अमरेली, सुरेंद्रनगर, देवभूमि, द्वारका, मोरबी, गिर सोमनाथ और अहमदाबाद जिले के कुछ हिस्से.
इस क्षेत्र का जिक्र महाभारत में भी है. पहले इसे सुराष्ट्र कहा जाता था. मतलब अच्छा देश. 150 ईस्वी में लगे जूनागढ़ रॉक इनस्क्रिप्शन में भी इसका नाम है. इसके पहले अशोक के समय में यहां पर एक यवन राजा राज करता था. 1947 में ब्रिटिश काल के दौरान बनी जूनागढ़ रियासत के नवाब ने भारत में शामिल होने से इनकार कर दिया था. पर बाद में शामिल होना पड़ा.
