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41 डिप्लोमैट्स की वापसी पर कनाडा ने भारत को सुनाया था, अब पलटवार आया है

विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि भारत सरकार इसको लेकर पिछले एक महीने से कनाडाई सरकार के साथ काम कर रही थी.

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20 अक्तूबर 2023 (अपडेटेड: 21 अक्तूबर 2023, 01:38 PM IST)
india rejects canada claims on parity in canadian diplomats presence in india
कनाडा की विदेश मंत्री कहा कि भारत के इस कदम की हमें उम्मीद नहीं थी. (फोटो- इंडिया टुडे)
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भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव के चलते कनाडा ने अपने 41 डिप्लोमैट्स को अपने देश वापस बुला लिया है (India-Canada diplomatic row). इस बात की पुष्टि कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने 19 अक्टूबर को ओटावा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की है. साथ ही उन्होंने कहा है कि भारत का ये कदम विएना समझौते का उल्लंघन करता है. लेकिन भारत ने भी कनाडा को जवाब दिया है.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया वेबसाइट X पर एक पोस्ट में बताया,

“भारत में कनाडाई डिप्लोमैट्स से जुड़े कनाडा सरकार के 19 अक्टूबर वाले बयान को हम सबने देखा है. दोनों देशों में मौजूद डिप्लोमैट्स की संख्या में समानता की बात की गई थी. भारत में कनाडाई डिप्लोमैट्स की संख्या ज्यादा है. जिस वजह से भारत के आंतरिक कामकाज में उनका दखल हो रहा था.”

 

डिप्लोमैट्स की वापसी

कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कनाडाई डिप्लोमैट्स की वापसी की बात बताते हुए कहा,

“मैं इस बात की पुष्टि कर सकती हूं कि भारत ने 21 कनाडाई डिप्लोमैट्स को छोड़कर बाकी सभी डिप्लोमैट्स की राजनयिक छूट 20 अक्टूबर के बाद खत्म करने की बात से हमें अवगत करा दिया है. सभी डिप्लोमैट्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हमने भारत से उन्हें सुरक्षित वापस बुला लिया है.”

बता दें कि 3 अक्टूबर को भारत सरकार की तरफ से कनाडा को चेतावनी दी गई थी कि अगर डिप्लोमैट्स की संख्या कम नहीं की गई, तो सभी की राजनयिक छूट खत्म कर दी जाएगी.

जोली ने कहा कि कनाडा के जिन डिप्लोमैट्स को आज भारत निष्कासित कर रहा है, उन्हें भारत ने ही कनाडाई डिप्लोमैट्स के तौर पर मान्यता दी थी. वो सभी डिप्लोमैट्स सद्भावना और दोनों देशों के व्यापक लाभ के लिए अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे थे.

कनाडा की विदेश मंत्री ने आगे कहा कि कनाडा भारत के साथ संपर्क में रहना जारी रखेगा, क्योंकि हमें भारत में डिप्लोमैट्स की जरूरत है. हमें एक दूसरे से बात करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि कनाडा अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करता रहेगा, जो सभी देशों पर समान रूप से लागू होता है.

कनाडाई विदेश मंत्री ने ये भी कहा कि भारत के इस कदम की उन्हें उम्मीद नहीं थी. इस तरह की घटना कभी नहीं हुई. किसी भी देश के डिप्लोमैट्स के विशेषाधिकारों और छूट को एकतरफा खत्म करना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है. ये डिप्लोमैटिक संबंधों के लिए बने विएना समझौते का उल्लंघन है. इस तरह से छूट छीनने की धमकी देना बेवजह किसी विवाद को बढ़ावा देना है. इससे किसी भी डिप्लोमैट के लिए उस देश में काम करना कठिन हो जाता है.

इसके जवाब में भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से आगे कहा गया कि भारत सरकार इसको लेकर पिछले एक महीने से कनाडाई सरकार के साथ काम कर रही थी. उसके फैसले विएना समझौते के आर्टिकल 11.1 के तहत हैं. मंत्रायल ने ये भी कहा कि भारत समानता लागू करने के फैसले को समझौते का उल्लंघन नहीं मानता.

(ये भी पढ़ें: कनाडा ने वापस बुलाए अपने 41 राजनयिक, भारत के इन शहरों में अपनी कौन सी सेवाएं बंद कर दीं?)

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: भारत और कनाडा की सीक्रेट मीटिंग, दुनिया के सामने रोए ट्रूडो

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