The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • canada withdraws 41 diplomats from india, foreign minister melanie joly

कनाडा ने वापस बुलाए अपने 41 राजनयिक, भारत के इन शहरों में अपनी कौन सी सेवाएं बंद कर दीं?

Canada की राजधानी ओटावा में कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा कि भारत ने कहा तो हमने डिप्लोमैट्स वापस बुला लिए. फिर भारत पर जवाबी कार्रवाई करने को लेकर मंत्री ने क्या कहा?

Advertisement
pic
20 अक्तूबर 2023 (अपडेटेड: 20 अक्तूबर 2023, 03:29 PM IST)
canada withdraws 41 diplomats
कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली और प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (तस्वीर साभार: Reuters)
Quick AI Highlights
Click here to view more

हरदीप सिंह निज्जर हत्या मामले पर भारत और कनाडा के बीच चल रहे विवाद में एक नया मोड़ आया है. कनाडा ने भारत से अपने 41 राजनयिकों को वापस बुला लिया है. गुरूवार (19 अक्टूबर) को कनाडा की राजधानी ओटावा में एक प्रेस कॉफ्रेंस को संबोधित करते हुए कनाडा की विदेश मामलों की मंत्री मेलानी जोली ने इसकी पुष्टि की है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले दिनों भारत ने कनाडा से दिल्ली में मौजूद कनाडाई राजनयिकों की संख्या को कम करने को कहा था. इसे लेकर अब कनाडा की विदेश मंत्री ने बताया है कि पिछले दिनों भारत सरकार ने 21 कनाडाई राजनयिकों को छोड़कर बाकी सभी के लिए राजनयिक अधिकारों को खत्म करने की बात कही थी. ऐसा होने पर कनाडा के 41 डिप्लोमैट्स की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो जाता. उन्होंने आगे कहा कि कनाडाई राजनयिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें भारत से सुरक्षित वापस बुला लिया गया है.

क्या कनाडा जवाबी कार्रवाई करेगा?

न्यूज़ एजेंसी Reuters की एक रिपोर्ट के मुताबिक मंत्री मेलानी जोली ने ये भी कहा है कि इस मामले में कनाडा की तरफ से कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की जाएगी. हालांकि उन्होंने इस कदम को अनुचित बताते हुए आरोप लगाया कि भारत ने राजनयिक संबंधो को लेकर वियना कन्वेंशन का उल्लंघन किया है.

इस दौरान उन्होंने आगे कहा,

‘अगर हम राजनयिकों के लिए बनाए गए नियमों को टूटने देंगे, तो दुनिया में कहीं भी कोई राजनयिक सुरक्षित नहीं रह पायेंगे. इसलिए हम भारत के इस फैसले पर कोई जवाबी कार्रवाई नहीं करेंगे.’

मेलानी जोली के इस बयान पर भारत सरकार का भी जवाब आ गया है. सरकार ने इस कार्रवाई में वियना कन्वेंशन के उल्लंघन के आरोप को नकार दिया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया है कि वियना कन्वेंशन के आर्टिकल 11.1 के आधार पर ही ये कार्रवाई की गई है. 

प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान कनाडा के अप्रवासी मामलों के मंत्री मार्क मिलर ने एक अहम जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अगली सूचना तक फिलहाल चंडीगढ़, बेंगलुरु और मुंबई में स्थित कनाडाई दूतावासों में लोगों के लिए व्यक्तिगत सेवाएं बंद रखनी होंगी.

इसे भी पढ़ें: क्या जयशंकर ने कनाडा के साथ अमेरिका में गुपचुप मीटिंग की थी? सच पता चल गया!

कब शुरु हुआ विवाद?

बीते 18 सितंबर को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था. इसके बाद उन्होंने भारत के एक डिप्लोमैट को भी निकाल दिया. जिसके जवाब में भारत ने भी उनके एक डिप्लोमैट को निष्कासित कर दिया था. भारत ने कनाडाई नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं भी बंद कर दीं.

इसके कुछ रोज बाद फाइनेंशियल टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया कि 41 कनाडाई राजनयिकों को भारत छोड़ने के लिए 10 अक्टूबर तक की डेडलाइन दी गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में अब तक कनाडा के 62 डिप्लोमैट्स थे. इनमें से 41 को वापस चले गए हैं. 

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: भारत और कनाडा की सीक्रेट मीटिंग, दुनिया के सामने रोए ट्रूडो

Advertisement

Advertisement

()