पंजाब में अगले साल चुनाव होने हैं. AAP ने कैंडीडेट्स की दो लिस्ट जारी कीं. दोनोंमें सुच्चा सिंह छोटेपुर का नाम नदारद था. आज यानी शुक्रवार को उन्होंने प्रेसकॉन्फ्रेंस में बातों का बम फोड़ दिया. आम आदमी पार्टी और इसके सीनियर नेताओं पर कसकसकर आरोप लगाए हैं. पढ़ो, खास क्या-क्या बोले. 1. मैंने पार्टी के लिए कड़ी मेहनतकी. और इसको जीरो से यहां तक लेकर आया. मेरा खून पसीना लगा है इसमें. मैं क्योंछोड़ूंगा पार्टी? 2. मैंने कुछ भी गलत नहीं किया. वो मेरे खिलाफ CBI जांच कराएं.मैं ईमानदार हूं पूरी तरह. 3. ये क्या हो रहा है? AAP मुझे फंसा रही है. और मेरेविरोधी मेरा बचाव कर रहे हैं. मेरे अपने लोगों ने मेरे खिलाफ साजिश की है. 4. मनीषसिसोदिया डिप्टी सीएम नहीं जासूस हैं. उनका लेवल एक जासूस का है. अगर डिप्टी सीएमकिसी की रिकॉर्डिंग करता है, अपने संयोजक की करता है. तो मैं समझता हूं कि ये बहुतबदकिस्मती की बात है. अब सुनो इससे पहले हुआ क्या है. पंजाब के संयोजक हैं सुच्चासिंह. उनको पार्टी से निकालने की तैयारी हो रही है. कुछ दिन पहले एक स्टिंग सामनेआया था. जिसके बाद कहा गया कि ये पैसा लेते हैं, टिकट बेचते हैं. इसके सामने आने केबाद पंजाब यूनिट ने इनको पार्टी से निकालने की सिफारिश की. ये एपॉइंटमेंट लेने मेंलगे थे केजरीवाल से मिलने की. लेकिन मुलाकात न हो पाई. आज का दिन मुकर्रर किया गयाथा प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए. ये भी हो गई. सुच्चा सिंह की नाराजगी आज की नहीं है.घाव पुराने हैं.पिछले साल भी साइडलाइन किए गए थे छोटेपुरजुलाई 2015 में लौटते हैं. तब छोटेपुर पंजाब के बीते 9 महीनों से संयोजक थे. लेकिनएक रोज इस पद से उन्हें छुट्टी दे दी जाती है. कहा जाता है कि बीते 9 महीनों मेंउनने एक भी एक्जीक्यूटिव मीटिंग्स नहीं कीं. इसके अलावा छोटेपुर पार्टी को उस तरहसे एकजुट नहीं कर पाए, जैसा कि पार्टी आलाकमान को उनसे उम्मीद थी. दूजा जब नवजोतसिंह सिद्धू के पार्टी में आने की बातें उछलीं. तब एक बयान छोटेपुर का भी सुनाईपड़ा. उनने कहा, सिद्धू एक मामले में सजा पा चुके हैं, उन्हें टिकट नहीं मिल सकता.हालांकि बाद में वो अपने बयान से पलटी मार गए. पंजाब में AAP के एक बड़े लीडर कायूं पलटी मारना कई कान खड़े कर गया.पंजाब पॉलिटिक्स में छोटेपुर की हैसियतदो बार निर्दलीय MLA रह चुके हैं, धारीवाल, गुरदासपुर से 2002 में चुने गए थे. इससेबड़ी बात ये कि AAP के विरोधी अकाली दल में भी रह चुके हैं छोटेपुर. एक वक्त मेंकैप्टन अमरिंदर सिंह के भी साथ थे. वो दौर था, 1985 के आस-पास वाला. सुरजीत सिंहबरनाला पंजाब के मुख्यमंत्री थे. तब सुच्चा सिंह छोटेपुर पंजाब सरकार में 1985-88में हेल्थ और टूरिज्म मिनिस्टर बनाए गए थे. 2014 में गुरदासपुर से AAP के टिकट परचुनाव लड़े थे, लेकिन हार गए थे बीजेपी के विनोद खन्ना से.