The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Hyderabad gang rape case BJP mla booked for revealing victim identity

हैदराबाद गैंगरेप: बीजेपी विधायक पर पीड़िता की पहचान बताने का आरोप, केस दर्ज

विधायक एम रघुनंदन राव ने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो जारी किए थे.

Advertisement
pic
7 जून 2022 (अपडेटेड: 7 जून 2022, 10:11 PM IST)
BJP MLA M Raghunandan Rao
बीजेपी विधायक एम रघुनंदन राव (फोटो: फेसबुक)
Quick AI Highlights
Click here to view more

हैदराबाद गैंगरेप की पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करने के आरोप में बीजेपी के एक विधायक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. एम रघुनंदन राव तेलंगाना के दुब्बक निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं. उन पर आरोप है कि उन्होंने गैंगरेप मामले से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो जारी कर पीड़िता की पहचान सार्वजनिक कर दी थी. इसके बाद करम कोमिरेड्डी नाम के वकील ने उनके खिलाफ शिकायत की थी. इसके बाद मंगलवार, 7 जून को पुलिस ने बताया कि बीजेपी विधायक के खिलाफ आईपीसी की धारा 228-ए (पहचान का खुलासा) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर दी गलती

इंडिया टुडे से जुड़े आशीष पांडे की रिपोर्ट के मुताबिक शिकायत में कहा गया है कि 4 जून को विधायक एम रघुनंदन राव ने बीजेपी के स्टेट ऑफिस से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया था. इसमें उन्होंने गैंगरेप मामले से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो मीडिया में जारी किए. लेकिन इस चक्कर में पीड़िता की पहचान भी उजागर हो गई. 

शिकायत में कहा गया कि फिलहाल गैंगरेप मामले की जांच चल रही है, ऐसे में विधायक का तस्वीरें-वीडियो जारी करना बताता है कि वे न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं. इससे नाबालिग पीड़िता को भी भारी परेशानी हो सकती है. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक वकील करम कोमिरेड्डी ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद लड़की की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. उन्होंने कहा,

"मीडिया के सामने राव के खुलासे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 74 के खिलाफ थे, जो मीडिया के किसी भी रूप में बच्चे की पहचान के प्रकट करने को प्रतिबंधित करता है. POCSO एक्ट, 2012 की धारा 23  के अनुसार, किसी भी तरह की मीडिया में बच्चे की कोई भी जानकारी/फोटो प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए."

कोमिरेड्डी ने इसी तरह की शिकायत राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग और तेलंगाना राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग में भी दर्ज कराई है.

उधर एम रघुनंदन राव ने अलग ही रुख अपनाया हुआ है. खबर के मुताबिक बीजेपी विधायक ने पहले ही कहा था कि वो किसी भी मामले से डरते नहीं हैं. उनका दावा है कि उन्होंने तस्वीरों और वीडियो में लड़की का चेहरा या कोई अन्य पहचान नहीं दिखाई और न ही पीड़िता का नाम लिया. बोले कि उन्होंने अपराध में शामिल आरोपियों को बेनकाब करने के लिए तस्वीरें और वीडियो जारी किए थे. एम रघुनंदन का आरोप है कि इस पूरे मामले में AIMIM के एक विधायक का बेटा भी शामिल है और ये साबित करने के लिए उनके पास सबूत हैं.

हैदराबाद गैंगरेप मामला

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 28 मई को हुई. हैदराबाद के जुबली हिल्स इलाके में पेपर खत्म होने के बाद कुछ छात्रों ने एक पब में पार्टी का आयोजन किया था. इसी पार्टी में पीड़िता अपने एक दोस्त के साथ आई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी पार्टी में उसे पांचों आरोपी लड़के मिले. आरोप है कि उन्होंने पीड़िता को घर ड्रॉप करने के बहाने उसका कार में गैंगरेप किया. पीड़िता ने लड़कों पर मारपीट का भी आरोल लगाया है. इसके बाद 1 जून को उसके पिता ने जुबली हिल्स थाने में FIR दर्ज कराई. पहले पुलिस ने IPC की धारा 354 (यौन शोषण) और POCSO एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया था. लेकिन मेडिकल जांच के दौरान जब विक्टिम की काउंसलिंग की गई, तो गैंगरेप की बात सामने आई. इसके बाद पुलिस ने IPC की धारा 376 डी के तहत गैंगरेप का मामला भी दर्ज किया.

वीडियो- म्याऊं: लेयर शॉट ऐड और हैदराबाद गैंगरेप केस में बहुत सी चीज़ें कॉमन हैं!

Advertisement

Advertisement

()