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अब हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने ढाबों-दुकानों पर नाम लिखना अनिवार्य किया

हिमाचल के शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह के मुताबिक, सभी स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नाम-आईडी लगाना अनिवार्य होगा ताकि लोगों को किसी भी तरीके की ‘परेशानी’ न हो.

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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु. (फोटो- पीटीआई)
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साकेत आनंद
25 सितंबर 2024 (अपडेटेड: 26 सितंबर 2024, 10:28 AM IST)
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हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने राज्य के सभी भोजनालयों और ढाबों को निर्देश दिया है कि वे अपने मालिकों के नाम और पता लिखें. राज्य सरकार के मुताबिक, इससे ग्राहकों के लिए 'पारदर्शिता' बढ़ेगी. 24 सितंबर को राज्य के शहरी विकास और नगर निगम की एक बैठक हुई थी, जिसमें राज्य सरकार ने ये फैसला लिया. हाल में उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इसी तरह का आदेश जारी किया था.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने इसके लिए एक कमेटी का गठन किया है. इस कमेटी की अध्यक्षता मंत्री हर्ष वर्धन चौहान करेंगे. शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह और मंत्री अनिरुद्ध सिंह भी इस कमेटी में हैं. कमेटी की पहली बैठक 24 सितंबर को ही सचिवालय में हुई.

हिमाचल के शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह के मुताबिक, सभी स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नाम-आईडी लगाना अनिवार्य होगा ताकि लोगों को किसी भी तरीके की ‘परेशानी’ न हो. उन्होंने मीडिया को बताया, 

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विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि ‘स्ट्रीट वेंडिंग कमिटी’ के जरिये सभी दुकानदारों के आईडी कार्ड बनाए जाएंगे. इस पर उनकी फोटो, उनका रजिस्ट्रेशन नंबर और सारी चीजें लिखी होंगी.

सरकार ने नगर निगम को निर्देश दिया है कि 31 दिसंबर तक नई तहबाजारी (रेहड़ी) नीति लागू करने की प्रक्रिया पूरी करे. विक्रमादित्य ने कहा है कि बाहरी राज्यों से आने वाले तहबाजारियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. नगर निगम को निर्देश दिए गए हैं कि अगले महीने से शहर में ब्लू लाइन लगाकर तहबाजारियों के लिए जगह चिह्नित की जाए.

ये भी पढ़ें- यूपी: खाने-पीने की दुकानों पर लिखना होगा नाम, CCTV और मास्क जरूरी, योगी सरकार ने की व्यवस्था

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्ट्रीट वेंडिंग कमेटी में 9 सदस्य हैं, जिसमें एनजीओ, व्यापार मंडल, नगर निगम के अधिकारी और पार्षद भी रखे गए हैं. ये सदस्य इस वेंडिंग जोन पर काम करेंगे. तहबाजारियों के लिए विकलांग, विधवा, एससी/एसटी वर्ग के लोगों के लिए भी विशेष स्थान रखे गए हैं.

नई नीति के तहत अब एक परिवार से एक ही व्यक्ति को तहबाजारी के लिए मंजूरी मिलेगी. दुकानों के आगे और फुटपाथ पर दुकानें नहीं लगेंगी. बिना आईडी के सामान बेचने पर एक से 10 हजार तक का जुर्माना लगाया जाएगा.

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