गोरक्षकों पर बवाल मचा हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इनको टिंचर दे चुकेहैं. ऐसे में प्रधानमंत्री के गोरक्षकों को हड़काने के बाद उसका नतीजा देखने कोमिला है. BJP ने जो 'गौ वंश विकास प्रकोष्ठ' बना रखा था, उसको खत्म कर दिया गया है.यह फैसला नेशनल लेवल की लीडरशिप ने लिया. वैसे पार्टी के दूसरे सेल भी घटाकर 12 करदिए गए हैं. हालांकि स्टेट यूनिट के लिए लोकल जरूरतों और कंडीशन को ध्यान में रखतेहुए 5 स्पेशल सेल भी बनाने को कहा गया है. गायों की हमारी डेली लाइफ में क्याइंपॉरटेंस है? इसके बारे में जागरुकता फैलाने के मकसद से करीब 6 साल पहले BJP ने'गौ वंश विकास प्रकोष्ठ' इस्टेब्लिश किया था. सेंटर और स्टेट लेवल पर BJP केअलग-अलग करीब 40 सेल थे. इसमें कई अलग-अलग सेक्टर के सेल थे. हृदयनाथ सिंह, जो BJPके गौ वंश विकास प्रकोष्ठ के नेशनल कॉर्डिनेटर थे, उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस अखबारको बताया, 'इस सेल का मकसद गायों की रक्षा करना और घरों में गायों को पालने की आदतको बढ़ावा देना था. लोगों को खेती और इकोनॉमिक सेक्टर में जानवरों के इस्तेमाल कीइंपॉर्टेंस के बारे में बताना था. हेल्थ के लिए गोमूत्र और गोबर को कैसे यूज कियाजाए, खाद बनाने में इनका यूज किया जाए, ये बताना हमारा काम था.' हृदयनाथ सिंह RSSके बैकग्राउंड से हैं. फेक गोरक्षकों को हड़काने के कुछ ही दिनों बाद ये काम BJP नेकिया. तो इसे मोदी के भाषण से जोड़कर देखा जा रहा है. BJP के पास 17 सेल होंगी. येफिक्स हो चुका है और सेल अभी नहीं बनाई जाएंगी. जो बनी हुई हैं उनमें लॉ, मेडिकल,कॉपरेटिव, इकोनॉमिक, एक्स सर्विसमैन, जुलाहे, कल्चरल, टीचर, ट्रेड, लोकल बॉडीज,पंचायत, NGO, सीनियर सिटीजन और लघु उद्योग सेक्टर की सेल शामिल हैं. जबकि BJPके राष्ट्रीय महासचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि सेंटर लेवल पर सेल बनी हुई हैं.स्टेट लेवल वालों को भी सेल बनाने की छूट है. BJP हमेशा से ही गायों की रक्षा केपक्ष में रही है. गाय काटना पूरी तरह से उन राज्यों में बैन है, जहां पर BJP कीसरकारें हैं. शर्मा का कहना है कि NDA की सरकार गायों को खेती के साथ जोड़ने केफेवर में रही है. BJP की स्टेट यूनिट के लीडर ने कहा, अब आगे से पार्टी ने औरगोरक्षा प्रकोष्ठ न बनाने का फैसला किया है. पर गायों को बचाने की बात हमारे एजेंडेमें रहेगी. अभी हाल ही में झांसी में हमारी मीटिंग हुई. वहां पर हमने बुंदेलखंड मेंएक स्पेशल सेंटर बनाने का फैसला किया है. और ऐसे प्रोग्राम चलाने का भी फैसला कियागया है, जिनसे स्टेट में गायों की पॉपुलेशन को बढ़ाया जा सके.उधर हरियाणा सरकार सच्चे गोरक्षकों के लिए बनाएगी पहचान पत्रहरियाणा में उन गोरक्षकों को पहचान पत्र जारी किए जायेंगे, जो गोतस्करी और गोहत्याके मामले में पुलिस की मदद करना चाहते हैं. ये जानकारी हरियाणा गोसेवक आयोग केचेयरमैन भानी राम मंगला ने गुरुवार को पंचकुला में दी. उन्होंने बताया की किसी भीगौ-सेवक को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी. हरियाणा गौ-सेवक आयोगकी बैठक गुरुवार को पंचकूला में हुई. बैठक के बाद आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगलाने बताया कि स्टेट में गोरक्षकों ने कोई गैर-कानूनी काम किया हो, ऐसा रिपोर्ट नहींहुआ है. स्टेट में पहले ही पुलिस का काऊ प्रोटेक्शन सेल बना हुआ है. जो सक्सेसफुलीगाय से जुड़े क्राइम रोक सकती है. फिर भी जो लोग गौ-सेवक के रूप में पुलिस की हेल्पकरना चाहते हैं, उनकी जिले के हिसाब से लिस्ट मंगवा ली गई हैं. अब लिस्ट के हिसाबसे चल रहा है पुलिस वेरिफिकेशन. जब ये लोग ठीक-ठाक पाए जाएंगे, तो इनको मिलेगागौ-सेवक होने का पहचान पत्र, माने आई-डी कार्ड. इससे आम जनता भी गाय की रक्षा करनेमें अपना योगदान दे पाएगी.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: hi हिंदुओं! तुम कौन सी गाय से प्यार करते हो? 'गाय का गोबर मोबाइल केपीछे चिपकाइए, जालिम रेडिएशन से छुटकारा पाइए'