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गोवा सरकार ने कहा पुर्तगालियों ने हमारे 1000 मंदिर तोड़े, अफसर बोले- सब फिर से नहीं बन पाएंगे

गोवा सरकार में मंत्री सुभाष फाल देसाई ने बताया है कि पुर्तगालियों ने यहां 1000 से ज्यादा मंदिर नष्ट किए. अधिकारियों ने इन मंदिरों के फिर से निर्माण को लेकर क्या सुझाव दिया है?

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26 अक्तूबर 2023 (अपडेटेड: 26 अक्तूबर 2023, 01:22 PM IST)
goa government temple purtgal 1000
गोवा सरकार के मंत्री सुभाष फाल देसाई (बाएं) और दाएं मंदिर का फाइल फोटो | क्रेडिट: सोशल मीडिया
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गोवा की BJP सरकार ने बताया है कि उनके राज्य में पुर्तगाली शासन के दौरान कथित तौर पर 1000 से ज्यादा मंदिर नष्ट (Goa minister claims Purtuguese razed 1000 temples) किए गए. गोवा के आर्काइव्स और आर्केलोजी मंत्री सुभाष फाल देसाई ने 24 अक्टूबर को ये जानकारी दी. कहा कि पुरातत्व विभाग ने इसकी जांच के लिए विशेषज्ञों की एक समिति बनाई थी. इस समिति ने नष्ट किए हुए मंदिरों की जानकारी जुटाई है.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने गोवा सरकार को 10 पन्नों की शुरुआती रिपोर्ट दी है. इसमें सभी मंदिरों के लिए एक स्मारक बनाने की सिफारिश की गई है. ये भी कहा गया कि सभी मंदिरों का पुनर्निमाण करना संभव नहीं है. रिपोर्ट में कहा गया कि तिस्वाडी, बर्देज़ और सालसेटे तालुका में सबसे ज्यादा मंदिर बर्बाद किए गए.

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अफसरों ने पुनर्निमाण पर क्या कहा?

पुरातत्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समिति के सामने इन स्थानों की पहचान करने का काम है. अभी तक 19 आवेदन मिले हैं. कुछ मंदिरों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया था. इसके चलते इतने सारे मंदिरों का पुनर्निमाण करना संभव नहीं होगा. साथ ही इसके लिए भूमि अधिग्रहण करने में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, इसलिए समिति ने सिफारिश की है कि सरकार सभी मंदिरों के लिए एक स्मारक मंदिर बनाया जाए.

किस वजह से बनानी पड़ी थी समिति?

पुरातत्व विभाग की इस समिति ने दिवेर आइलैंड पर सप्तकोटेश्वर मंदिर का पुनर्निमाण करने की सिफारिश की है. साथ ही बाकी जगहों पर आगे की खोज का भी सुझाव दिया है. सप्तकोटेश्वर मंदिर कदंब राजवंश के समय बनाया गया था. पुर्तगालियों ने 16वीं शताब्दी में इसे ध्वस्त कर दिया था.

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रिपोर्ट में वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया कि सप्तकोटेश्वर मंदिर की जमीन सरकार की है. ये एक संरक्षित स्थान है इसलिए समिति को लगता है कि यहां मंदिर का पुनर्निमाण किया जा सकता है. बाकी जगहों पर जहां मंदिर की नींव या स्तंभ के अवशेष मिले हैं, समिति ने उन्हें संरक्षित करने और आगे की जांच करने की सिफारिश की है.

पुरातत्व विभाग की इस समिति को जनवरी 2023 में बनाया गया था. इसका काम उन आवेदनों और दावों की जांच करना था, जो पुर्तगाली शासन के समय नष्ट किए गए मंदिरों के पुनर्निमाण और मरम्मत के लिए संभावित स्थानों की पहचान के लिए आए थे. इसके लिए गोवा सरकार ने साल 2022 में मरम्मत के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया था.

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