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फ्रांस ने माली में एयर स्ट्राइक कर अल कायदा से जुड़े 50 आतंकी ढेर कर दिए

फ्रांस मिलिट्री की मानें तो ये आतंकी बड़े हमले की तैयारी में थे.

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3 नवंबर 2020 (अपडेटेड: 3 नवंबर 2020, 10:40 AM IST)
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फ्रांस की सेना को ड्रोन सर्विलांस में मोटरसाइकिलों का बड़ा काफिला दिखा तो लड़ाकू विमानों से मिसाइल हमला किया गया.
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माली. अफ्रीका के पश्चिम में एक देश है. फ्रांस ने यहां एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया है. फ्रांस सरकार का दावा है कि इस कार्रवाई में अलकायदा से जुड़े 50 जिहादी मारे गए हैं. ये हवाई हमला 30 अक्टूबर को बुर्किना फासो और नाइजर की सीमा पर किया गया, जहां फ्रांस की सेना इस्लामी उग्रवाद से जूझ रही है. इसे माली में फ्रांस की सबसे बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है. फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली ने बताया कि ड्रोन सर्विलांस में बुर्किना फासो और नाइजर सीमा के करीब मोटरसाइकिलों का एक बड़ा काफिला दिखा था. सर्विलांस से बचने के लिए जिहादी पेड़ों के नीचे छिप रहे थे. फ्रांस की सेना ने दो मिराज जेट और एक ड्रोन की मदद से मिसाइल दागी. इसमें 30 मोटरसाइकिलों पर सवार 50 जिहादी मारे गए. फ्रांस की सरकार इसे अलकायदा के लिए बड़ा झटका बता रही है. फ्रांसीसी मिलिट्री के प्रवक्ता ने बताया कि चार आतंकी पकड़े भी गए हैं. इनके पास हथियार, बारूद के अलावा एक सुसाइड जैकेट भी मिली. उन्होंने दावा किया कि ये जिहादी सेना पर हमले की तैयारी में थे. माली में क्या हालात हैं? माली 2012 से जिहादी उग्रवाद से जूझ रहा है. इसकी शुरुआत देश के उत्तरी हिस्से से हुई थी. जिहादियों को पीछे धकेलने के लिए फ्रांस ने 2013 में वहां मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किए. लेकिन उग्रवाद बढ़ते-बढ़ते सेंट्रल माली और बुर्किना फासो-नाइजर तक पहुंच गया. अब तक वहां हज़ारों लोग मारे जा चुके हैं. लाखों लोग अपना घर छोड़कर पलायब करने पर मजबूर हुए हैं. यूनाइटेड नेशंस ने पीस कीपिंग मिशन के तहत वहां  13 हजार सैनिक तैनात किये हैं. साहेल क्षेत्र में फ्रांस ने 5100 जवान लगाए हैं. यहां अंसारुल इस्लाम नाम का समूह एक्टिव है, जो इयाद अग घाली की GSIM अलायंस के जरिए अल कायदा से जुड़ा हुआ है. घाली इस इलाके का सबसे बड़ा जिहादी लीडर है. 18 अगस्त, 2020 को माली में सैन्य तख्तापलट हुआ था. इसके पीछे भी एक बड़ी वजह उग्रवाद को रोक पाने में सरकार की नाकामयाबी ही थी. उस तख्तापलट की पूरी कहानी हमने अपने इंटरनेशनल खबरों के शो दुनियादारी में बताई थी. जिसे आप यहां देख सकते हैंः

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