दिल्ली में आंदोलन कर रहे किसानों ने अब भूख हड़ताल का ऐलान किया
तोमर और राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद दुष्यंत चौटाला बोले अगले 48 घंटे अहम
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मीडिया के सामने अपनी बात रखते किसान नेता कमलप्रीत सिंह बाएं और गुरनाम सिंह दाएं. फोटो साभार ANI
पिछले 17 दिनों से किसानों का आंदोलन जारी है. किसान तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. किसान संगठनों ने दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैफिक ठप करने की चेतावनी दी है. किसान नेताओं ने कहा कि हमने आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया है. यूनियन के नेता भूख हड़ताल शुरू करेंगे. अगर सरकार बातचीत करना चाहती है तो हम तैयार हैं. वहीं हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने उम्मीद जताई है कि अगले 24 से 48 घंटों में किसानों और सरकार के बीच बातचीत हो सकती है.
गुस्से में किसान
जैसे-जैसे वक्त बीत रहा है वैसे-वैसे किसानों का गुस्सा भी बढ़ता जा रहा है. शनिवार को कई जगहों से टोल प्लाजा भी बंद कराए जाने की खबरें सामने आई हैं. साथ ही कई इलाकों से दिल्ली में बैठे किसानों के समर्थन में अन्य किसानों की आमद जारी है. किसान नेता कमलप्रीत पन्नू ने कहा है कि राजस्थान बॉर्डर से हजारों किसान ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे और दिल्ली-जयपुर हाईवे को बंद करेंगे.
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा,
https://twitter.com/ANI/status/1337737444356214784
कमल प्रीत सिंह पन्नू ने कहा,
https://twitter.com/ANI/status/1337732605156806657
उन्होंने कहा,
https://twitter.com/ANI/status/1337730934741733376
कमल प्रीत सिंह पन्नू ने कहा,
https://twitter.com/ANI/status/1337729106700427265
वहीं दूसरी ओर कृषि भवन में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने हरियाणा के कुछ किसान नेताओं के साथ बैठक की. हालांकि इस बैठक की जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
https://twitter.com/ANI/status/1337739721435320323
किसान आंदोलन पर राजनीति?
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल ने कहा कि जब कृषि से जुड़े कानून पास हुए तो मैं लोकसभा में मौजूद नहीं था. अगर मैं वहां होता, तो एनडीए का हिस्सा होने के बावजूद शिरोमणि अकाली दल की तरह इसका विरोध किया होता और इसे टुकड़ों में फाड़ दिया होता.
https://twitter.com/ANI/status/1337738469825597442
JJP नेता और हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने किसानों के मुद्दे पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर से मुलाकात की. इससे पहले उन्होंने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की. उन्होंने कहा कि उन्हें जल्द ही इस मामले के समाधान की उम्मीद है. चौटाला ने कहा,
https://twitter.com/ANI/status/1337729775855497221
वहीं शिरोमणि अकाली कल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने कहा,
https://twitter.com/ANI/status/1337663110350479361
कांग्रेस के नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला का ये ट्वीट देखिए. उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार की नीति हर विरोधी को माओवादी और देशद्रोही घोषित करने की है.
https://twitter.com/rssurjewala/status/1337601758932082691
हाईजैक हो चुका है आंदोलन?
दरअसल पीयूष गोयल ने न्यूज़ चैनल आजतक से बात करते हुए कहा कि लेफ्ट और माओवादी विचारधारा से प्रभावित एक गुट किसानों के आंदोलन में शामिल हो गया है. उन्होंने कहा कि पराली और बिजली जैसे विषयों पर भी सरकार बात करने को तैयार है. देश भर के किसान इस कानून का स्वागत कर रहे हैं. यूपी के किसान तो इसे महेंद्र सिंह टिकैत का सपना सच होना बता रहे थे. कांग्रेस के मेनिफेस्टो में भी ये बातें कही गई थीं.
पीयूष गोयल ने कहा कि कुछ ग्रुप ऐसे घुस गए हैं जो बातचीत को पटरी से उतारना चाहते हैं. ऐसे लोग घुस गए हैं जो शरजीत इमाम और उमर खालिद जैसे लोगों को छुड़ाना चाहते हैं.
https://twitter.com/PiyushGoyal/status/1337676991693205505
वहीं देश के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी इस बात को कहा कि बातचीत में कुछ वामपंथी लोग शामिल हैं लेकिन सरकार अपनी ओर से वार्ता कर रही है ताकि किसानों को किसी तरह का कोई नुकसान ना हो.
https://twitter.com/aajtak/status/1337645922587607040
आपको बता दें कि किसानों ने साफ तौर पर कहा है कि राजनीति से जुड़े लोग उनके आंदोलन से दूर रहें ताकि सरकार और उनके बीच सीधी बातचीत हो सके.

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