किसान आंदोलन: किसानों और सरकार के बीच पांचवीं बैठक में क्या हुआ?
अब अगली बैठक 9 दिसंबर को होगी.
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किसानों ने आज भी सरकार का खाना नहीं खाया और अपना लाया हुआ खाना खाया. फोटो- PTI
नए कृषि कानूनों को लेकर किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच पांचवें दौर की बातचीत खत्म हो गई है. शनिवार पांच दिसंबर को किसानों और सरकार के बीच ये बातचीत बेनतीजा रही. बैठक से बाहर निकले किसान काफी गुस्से में दिखाई दिए. किसानों ने कहा कि वे कानून वापसी चाहते हैं और इससे कम पर तैयार नहीं हैं. किसान नेताओं ने मीटिंग में हां और ना लिखे प्लेकार्ड दिखाए. सरकार ने कानूनों में संशोधन की बात स्वीकार कर ली है, लेकिन किसान संशोधन नहीं बल्कि कानूनों को ही वापस लेने की मांग कर रहे हैं. अब 9 दिसंबर को सुबह 11 बजे फिर सरकार और किसान नेताओं की बातचीत होगी.
आजतक से बात करते हुए एक किसान नेता ने कहा,
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा,
एक अन्य किसान नेता ने कहा,
सरकार ने क्या कहा?
केंद्र सरकार की ओर से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा,
किसानों के YES और NO वाले पोस्टर पर कृषि मंत्री ने कहा कि जब चर्चा होती है तो अनेक बात आती हैं. उन्होंने कहा,
8 तारीख को जोर शोर से होगा भारत बंद
इस बीच सिंघु बॉर्डर पर बैठे किसानों में खासी हलचल देखी गई. टीवी चैनल आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि वो 8 तारीख को होने वाले भारत बंद में पूरी जान लगा देंगे ताकि अगले दिन 9 दिसंबर को सुबह 11 बजे जब मीटिंग हो तो सरकार उनकी बातों को और गंभीरता से सुने.
किसान संगठनों, किसान नेताओं और सामान्य किसानों का यही कहना है कि वो 8 तारीख की तैयारी में जुटेंगे और भारत बंद को सफल कराएंगे. भारत बंद के जरिए किसान अपना शक्ति प्रदर्शन करना चाहते हैं ताकि सरकार जब 9 तारीख को बातचीत की टेबल पर आए तो किसान अपनी बात और दबाव के साथ रखें.
क्या कुछ हुआ मीटिंग के दौरान?
दिल्ली के विज्ञान भवन में जारी पांचवें दौर की बातचीत के दौरान किसान और सरकार अपने अपने रुख पर कायम रहे. सरकार ने किसानों के सामने कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखा जिसे किसान नेताओं ने ठुकरा दिया. किसानों ने स्पष्ट कहा कि सरकार को ये नए कृषि कानून रद्द करने चाहिए. किसान संगठनों के 40 प्रतिनिधि इस बैठक में मौजूद रहे.
बैठक में किसानों की ओर से कहा गया कि वे सरकार से अब और चर्चा नहीं करेंगे, बल्कि ठोस जवाब चाहते हैं, वो भी लिखित में. सरकार की ओर से बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल मौजूद रहे. आपको बता दें कि अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा था कि कानून में सरकार की ओर से कोई संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा.
बैठक के दौरान एक वक्त ऐसा भी आया जब किसान नेताओं ने चुप्पी साध ली और Yes/No लिखे कागज लेकर बैठ गए. उन्होंने अपनी कुर्सियां भी पीछे कर लीं. ये स्थिति करीब एक घंटे तक बनी रही.
इस मीटिंग से पहले शनिवार 5 दिसंबर की सुबह गृह मंत्री अमित शाह, पीएम मोदी से मिलने पहुंचे. इस मीटिंग में राजनाथ सिंह, नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल भी शामिल हुए. गौरतलब है कि आज शनिवार 5 दिसंबर को किसानों के प्रदर्शन का दसवां दिन है. दिल्ली की कई सीमाओं पर किसान भारी संख्या में जमा हैं. और किसान संगठनों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान किया हुआ है.
आज की मीटिंग के दौरान एक बार फिर किसानों ने सरकार का नहीं बल्कि अपने साथ लाया खाना ही खाया. कई किसान नेताओं ने फर्श पर बैठ कर खाना खाया. जब से विज्ञान भवन में वार्ता का दौर शुरू हुआ है, किसान अपने लिए खुद ही भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं और सरकार का खाना खाने से बच रहे हैं.

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