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केरल: ब्लास्ट की जिम्मेदारी लेते हुए एक व्यक्ति ने सरेंडर किया, अब तक क्या-क्या पता चला?

प्रारंभिक जांच में मालूम चला है कि धमाकों में IED का इस्तेमाल किया गया था. ब्लास्ट में एक शख़्स की मौत हुई है और तकरीबन 40 लोग घायल हुए हैं.

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सोम शेखर
| हिमांशु तिवारी
29 अक्तूबर 2023 (पब्लिश्ड: 05:41 PM IST)
Kerala convention centre blasts
जहां धमाका हुआ, उस कन्वेंशन सेंटर के बाहर खड़े लोग. (फ़ोटो - रॉयटर्स)
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29 अक्टूबर की सुबह, केरल के कलामसेरी में बने कन्वेंशन सेंटर में धमाके हुए. पुलिस के मुताबिक़, इस घटना (Kerala convention centre blasts) में एक शख़्स की मौत हुई है और तकरीबन 40 लोग घायल हुए हैं. धमाके के बाद पूरे सूबे के लिए हाई-अलर्ट जारी किया गया है.

घटना के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से बात की. उन्होंने NIA और NSG को मौके पर पहुंचकर मामले की तुरंत जांच करने को कहा है. मुख्यमंत्री विजयन ने कल सुबह सर्वदलीय बैठक बुलाई है.

किस धार्मिक सभा में धमाके?

कोच्चि से लगभग 10 किलोमीटर दूर कलामासेरी क़स्बे में यहोवा विटनेस समुदाय का एक सम्मेलन हो रहा था. धमाका यहीं हुआ. यहोवा विटनेस (Jehovah’s Witnesses) या यहोवा के साक्षी, ईसाइयों का एक फ़िरक़ा है. मगर पारंपरिक ईसाइयत से कुछ मान्यताएं अलग हैं. वो ईसा मसीह को ईश्वर नहीं मानते. यहोवा की पूजा करते हैं. यहोवा को इब्राहीम, मूसा और यीशु का ईश्वर मानते हैं. क्रिसमस और ईस्टर नहीं मनाते, क्योंकि उनका मानना है कि ये त्योहार पेगन परंपराओं से आए हैं. दुनिया भर में इस संप्रदाय के लाखों लोग हैं. भारत में भी 50,000 हज़ार से ज़्यादा लोग हैं. यहोवा के साक्षी आम तौर पर अन्य धार्मिक या राजनीतिक मामलों से दूर ही रहते हैं. ये उनका ज़ाहिर स्टैंड हैं.

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स्थानीय मीडिया के मुताबिक़, समुदाय के लोगों ने तीन दिन का एक क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया था. इसमें 2,000 से ज़्यादा लोग पंजीकृत थे.

IED ब्लास्ट में कई घायल

29 अक्टूबर को प्रार्थना सभा का आख़िरी दिन था. प्रार्थना हर दिन की तरह शुरू ही हुई थी, कि कुछ मिनटों बाद ही एक-के-बाद-एक तीन धमाके हुए. घायल हुए 23 लोगों को अस्पताल ले जाया गया है. एर्नाकुलम के ज़िला कलेक्टर एन एस के उमेश ने जानकारी दी है कि 10 घायलों को कलामासेरी मेडिकल कॉलेज की बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है. दो लोगों की हालत गंभीर है, सो उन्हें दूसरे अस्पताल में ट्रांसफ़र कर दिया गया है.

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केरल के DGP शेख दरवेश साहेब ने मीडिया को बताया कि प्रारंभिक जांच के मुताबिक़, धमाके में IED का इस्तेमाल किया गया है. हालांकि, धमाके की वजह अभी नहीं पता चल पाई है. विस्तृत जांच के लिए स्पेशल टीम (SIT) का गठन किया जाएगा. 

इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से छापा है कि त्रिशूर ज़िले के कोडकारा पुलिस स्टेशन में एक व्यक्ति ने सरेंडर किया है. उसका दावा है कि उसी ने ही बम लगाया था. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि उसका विस्फोट से कोई संबंध है या नहीं. 

कर्नाटक के अधिकारियों ने कर्नाटक-केरल सीमा पर चेकिंग कड़ी कर दी है. केरल से कर्नाटक में घुसने के लिए 7 बड़े और 7 छोटे रास्ते हैं. सभी एंट्री पॉइंट्स पर तैनाती बढ़ गई है. सभी हाई अलर्ट पर रहेंगे. 

धमाके पर 'राजनीति'

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने उन सभी डॉक्टर्स और हेल्थ वर्कर्स को काम पर वापस आने के निर्देश दिए हैं, जो छुट्टी पर थे. उधर, इस घटना पर मुख्यमंत्री पी विजयन ने कहा है,

"ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. हम इस मामले से संबंधित सभी जानकारियां जुटा रहे हैं. एर्नाकुलम के टॉप लेवल के सारे अफ़सर मौक़े पर हैं. हम इसे बहुत गंभीरता से ले रहे हैं. मैंने DGP से बात भी की है. पूरे मामले की पड़ताल के बाद हमें इस घटना की ज्यादा जानकारी मिलेगी."

ब्लास्ट के बाद राज्य में विपक्षी पार्टी भाजपा ने इसे विजयन सरकार और गृह मंत्रालय की विफलता बताया. केरल बीजेपी अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने ट्वीट किया है कि इन दिनों केरल एक ऐसा राज्य बन गया है, जहां लगातार हमले और धमाके हो रहे हैं.

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