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न्यूजक्लिक के एडिटर और HR हेड गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने UAPA के तहत की कार्रवाई

मीडिया प्लेटफॉर्म के ऑफिस में 37 पुरुषों से पूछताछ की गई है. वहीं 9 महिला कर्मचारियों से उनकी लोकेशन पर पूछताछ की गई है.

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3 अक्तूबर 2023 (पब्लिश्ड: 10:51 PM IST)
editor in chief of newsclick arrested by delhi police under uapa
पुलिस ने संस्थान के HR हेड अमित चक्रवर्ती को भी गिरफ्तार किया है. (फोटो- AP)
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दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने 3 अक्टूबर को मीडिया प्लेटफॉर्म न्यूज़क्लिक (NewsClick) के एडिटर इन चीफ प्रबीर पुरकायस्थ (Prabir Purkayastha) को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने संस्थान के HR हेड अमित चक्रवर्ती को भी गिरफ्तार किया है. दोनों के खिलाफ UAPA एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मीडिया प्लेटफॉर्म के ऑफिस में 37 पुरुषों से पूछताछ की गई है. वहीं 9 महिला कर्मचारियों से उनकी लोकेशन पर पूछताछ की गई है. साथ ही सभी के डाक्यूमेंट्स और मोबाइल डिवाइस पूछताछ के दौरान सीज़ कर लिए गए थे. पुलिस ने इसके साथ ही पत्रकारों के लैपटॉप, सेलफोन समेत कई दस्तावेजों को जांच के लिए जब्त किया है. पुलिस की कार्रवाई अभी जारी है.

30 से ज्यादा लोकेशन्स पर छापा

बता दें कि 3 अक्टूबर की सुबह दिल्ली पुलिस ने न्यूज़क्लिक के 30 से ज्यादा लोकेशन्स पर छापेमारी की थी. पुलिस ने कई पत्रकारों को हिरासत में भी लिया था. 

दरअसल, बीती 5 अगस्त को अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक रिपोर्ट जारी कर बताया था कि न्यूज़क्लिक को अमेरिकी अरबपति नेविल रॉय सिंघम ने फाइनेंस किया था. अखबार के मुताबिक नेविल चीनी प्रोपेगैंडा को बढ़ावा देने के लिए भारत समेत दुनियाभर में संस्थाओं को फंड करते हैं.

इसके बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि भारत सरकार लंबे समय से बता रही है कि न्यूज़क्लिक प्रचार की एक खतरनाक वैश्विक चाल है. ठाकुर ने दावा किया था कि नेविल रॉय का सीधा संपर्क कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के एक प्रोपेगैंडा विंग के साथ है. उनके मुताबिक कांग्रेस और विपक्षी दल जिन अखबारों (न्यूयॉर्क टाइम्स) के बारे में बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, उन्होंने ही पुष्टि की है.

हालांकि, इस रिपोर्ट के बाद न्यूज़क्लिक ने आरोपों पर जवाब दिया था. संस्थान की तरफ से कहा गया था कि उनके खिलाफ कई तरह के झूठे और आधारहीन आरोप लगाए गए हैं. न्यूज़क्लिक पर साल 2021 में FDI (विदेशी प्रत्यक्ष निवेश) नियमों के उल्लंघन का भी आरोप लगा था. इस पर संस्थान ने कहा था कि ये मामला कोर्ट के सामने विचाराधीन है. न्यूज़क्लिक के मुताबिक, वो भारतीय कोर्ट में भरोसा करता है और भारतीय कानून के हिसाब से काम करता रहेगा. संस्थान ने उस वक्त ये भी कहा था कि दिल्ली हाई कोर्ट ने मौजूदा केस में न्यूज़क्लिक के पक्ष में एक फैसला सुनाया और कंपनी के कई अधिकारियों को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी.

इससे पहले न्यूज़क्लिक के खिलाफ फरवरी 2021 में ED ने छापेमारी की थी. छापेमारी 5 दिनों तक चली थी. न्यूज़क्लिक ऑफिस के अलावा वेबसाइट के एडिटर-इन-चीफ प्रबीर पुरकायस्थ और कई जगहों पर भी छापेमारी की गई थी. उस वक्त भी यही खबर सामने आई थी कि वेबसाइट को मिली फंडिंग की जांच की जा रही है. हालांकि, न्यूज़क्लिक की तरफ से कहा गया था कि उसके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और कंपनी ने सभी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है.

(ये भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस ने जिन पत्रकारों के घर रेड मारी उनके बारे में कितना जानते हैं आप?)

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