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ISIS के जवाब में धर्म सेना, 50 कैंप, 15 हजार लड़ाके तैयार

आग से बुझाएंगे आग, सिखा रहे हैं 8 साल के बच्चों को हथियार उठाना.

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20 जनवरी 2016 (अपडेटेड: 19 जनवरी 2016, 05:04 AM IST)
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Source - Reuters
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इस्लामिक स्टेट को जवाब के नाम पर हिंदू स्वाभिमान सेना अपने ट्रेनिंग कैंप चला रही है. उनकी मानें तो 50 कैंपों  में अब तक 15 हजार लोग ट्रेंड हो चुके हैं. गाजियाबाद के डासना में एक मंदिर में इनका हेडक्वार्टर है. नेता लोग यहीं मिलकर स्ट्रेटेजी बनाते हैं. ये कहते हैं ISIS वाले 2020 तक भारत में भी घुस जाएंगे और वेस्टर्न यूपी में इनका असर होगा, जिससे निबटने के लिए इन्होंने तैयारी शुरू कर दी है. वेस्टर्न यूपी में वैसे भी माहौल बिगड़ा ही रहता है. वहां इनके कैंप चलते हैं. कुछ खुल्ले में कुछ दबी में. 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की खबर के मुताबिक, यहां धड़ल्ले से तलवार और बंदूक चलाने की ट्रेनिंग दी जाती है. बमहेता, रोरी के अलावा मेरठ में इनके तीन और मुजफ्फरनगर में पांच कैंप चल रहे हैं. इनके कैंप में औरत, आदमी, लड़कियों सबको ट्रेनिंग दी जाती है. 8 साल के छोटे-छोटे बच्चों को भी. इनके नेता चेतन शर्मा ने कहा है कि "हम सीधे किसी को बन्दूक नहीं पकड़ा देते, छह महीने तक इन्हें 'मेंटल ट्रेनिंग' देते हैं. गीता पढ़ाते हैं. बताते है हिंदू मौत से नहीं डरते क्योंकि हम फिर जन्म लेते हैं." इनके ट्रेनिंग कैंप में नौ साल के एक बच्चे ने कहा कि सरकार तो कुछ कर नहीं पा रही है, तो हमीं हथियार उठा रहे हैं. आठ साल की बच्ची  ने कहा हम लड़ना सीख रहे हैं क्योंकि हमारी मां-बहन खतरे में हैं. उधर पुलिस वालों को इस सबके बारे में कुछ पता ही नहीं है. इनके अगुआ नरसिंघानंद सरस्वती की कुछ बातें सुनिए. ISIS का जवाब सिर्फ हिंदू स्टेट दे सकता है. हमें भी आग का जवाब आग से देना चाहिए. हमारे पास बंदूकें हैं उनके पास राकेट लांचर. हमें भी अच्छे हथियार चाहिए. ताकि हम अपनी फौज को ट्रेंड कर सकें. मुजफ्फरनगर दंगों के वक़्त हमने हिन्दुओं को हथियार उठाने को कहा था. आगे जाकर न राज्य सरकार न मोदी सिविल वार रोक पाएंगे. हिंदू शेरों शान से जीना है तो शान से मरना सीखो.

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