कानपुर में एक बाप अपने बेटे को कंधे पर लादे घूमता रहा. लड़का अपने बाप के कंधे परही मर गया. कानपुर के सुनील कुमार ने आरोप लगाया है कि उनके बीमार बेटे को अस्पतालके इमरजेंसी वार्ड में भर्ती नहीं किया गया, जिसके चलते उसकी मौत हो गई. ये बात हैसोमवार की. जब लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल यानी हैलट के प्रिंसिपलनवनीत कुमार से बात करने की कोशिश की गई, तो वो मौके पर मौजूद नहीं थे. लड़के कानाम था अंश. जिसे संडे की रात तेज बुखार हो गया था. पहले उसे इलाज के लिए घर के पासही एक डॉक्टर के पास ले जाया गया. पर जब दवा का कोई असर नहीं हुआ और बुखार बढ़तागया तो उसके पिता सुनील उसे लेकर शहर के सबसे बड़े हॉस्पिटल हैलेट पहुंचे. सुनीलकुमार का कहना है, 'मैं इमरजेंसी में डॉक्टरों के सामने अपने बेटे को देख लेने औरएडमिट कर लेने के लिए गिड़गिड़ाता रहा. केवल इतना कहने के लिए कि इसे चिल्ड्रेनहॉस्पिटल ले जाओ, डॉक्टरों ने मुझे आधे घंटे तक इंतजार कराया.' जब वो चिल्ड्रेनहॉस्पिटल पहुंचे, तब तक उनका बेटा मर चुका था. वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मराहुआ घोषित कर दिया. सुनील ने फिर से अपने बेटे को कंधे पर उठाया और घर ले आए. किसीने उनकी मदद नहीं की. लड़के की मौत ने इंडिया के हेल्थकेयर सिस्टम पर सवाल खड़े करदिए हैं. दुनिया की तीसरी बड़ी इकोनॉमी होने के बावजूद नेशनल हेल्थ प्रोफाइल 2015के आंकड़ों के हिसाब से भारत में 11 हजार लोगों पर एक डॉक्टर है. कई जगहों पर तोहालत बहुत खराब है. हाल ही में ऐसे ही ओडिशा में एक आदमी के अपनी मरी हुई पत्नी कोकंधे पर 60 किमी तक ले जाने की घटना सामने आई थी. [facebook_embedded_posthref="https://www.facebook.com/thelallantop/videos/1573929659580538/"]