उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow). यहां का गोपरामऊ पंचायत इलाका. बीती 23जून को यहां एक दलित युवक की सोते समय हत्या कर दी जाती है. चारपाई के नीचे बम रखकर उसे उड़ा दिया जाता है. मृतक का नाम शिवकुमार रावत है. वो हरिद्वार में एक मजदूरके तौर पर काम करते थे और अपने परिवार का पेट पालते थे.छुट्टी पर घर आए थे शिवकुमारमीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीती 22 जून को शिवकुमार अपने घर आए थे. उनका घरगोपरामऊ पंचायत के रानियामऊ गांव में है. इस घर में शिवकुमार के पिता मेवालाल रावतऔर मां सावित्री रहते हैं. उनके साथ तीन और बच्चे रहते हैं. खबरों के मुताबिक,मेवालाल रावत का स्वास्थ्य ठीक नहीं है. वो किसी भी तरह का काम करने में असमर्थहैं. ऐसे में 18 साल के शिवकुमार हरिद्वार में काम कर परिवार की देखभाल कर रहे थे.बेटे के साथ हुई घटना के बारे में बताते हुए मेवालाल ने कहा,"बेटा 22 जून को दोपहर 12 बजे घर आया था. रात में वो घर के बाहर चारपाई पर सो रहाथा. आधी रात को अचानक तेज धमाके से हमारी नींद खुल गई. मैंने बाहर आकर देखा तो पूरेइलाके में धुएं के कारण कुछ दिखाई नहीं दे रहा था. हमारा छप्पर सुलग रहा था. मैंनेबेटे को खोजने की कोशिश की. मेरा बेटा खून से लथपथ चारपाई से दूर पड़ा था."इस धमाके के बाद 18 साल के शिवकुमार को पास के सरकारी अस्पताल ले जाया गया. जहां सेउन्हें डॉक्टरों ने लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया. ट्रॉमा सेंटर में इलाज केदौरान शिवकुमार ने दम तोड़ दिया.मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहां धमाका हुआ वहां स्टील के टुकड़े, बारूद, बजरी औरघड़ी के सेल पड़े हुए थे. हालांकि, पुलिस का कहना है कि धमाका एक मामूली सुतली बमसे किया गया.आरोपी फराररिपोर्ट्स में हत्या की वजह जमीनी विवाद बताई जा रही है. मृतक के पिता मेवालाल काकहना है कि उनका गांव के ही तेज बहादुर सिंह और दीपू सिंह से जमीन को लेकर विवाद चलरहा था. दोनों ठाकुर समुदाय से वास्ता रखते हैं. इधर इस पूरे घटनाक्रम के बाद सेअभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. खबरों के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में FIRदर्ज कर ली है. वहीं आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है. हालांकि, आरोपी अभीभी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं.