ODD-EVEN फॉर्मूले पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ब्लू प्रिंट जारी किया. सोमवार को अधिसूचना जारी होगी. केजरीवाल ने कहा, CNG गाड़ियों, मेडिकलइमरजेंसी में नियम लागू नहीं होगा. ट्रस्ट बेस्ड छूट मिलेगी. स्कीम पहले 1 से 15जनवरी तक चलाई जाएगी. महिलाओं को इस फॉर्मूले में तभी छूट मिलेगी, जब साथ में 12साल तक का बच्चा हो. केजरीवाल ने कहा, एंबेसी और केंद्रीय मंत्रियों की गाड़ियों परये नियम लागू नहीं होगा. पब्लिक ट्रांसपोर्ट ठीक करने के लिए 5 हजार बसें चलाईजाएंगी. 10 हजार नए ऑटो के परमिट और 2000 स्कूल की बसें चलेंगी. पूछो ऐप से घर परऑटो. कार पूल ऐप दो-तीन दिन के अंदर. जिसके जरिए दोस्तों संग कार पूलिंग कर सकें.अजनबियों को अवॉइड करने की सलाह भी केजरीवाल ने दी. संडे को लागू नहीं होगा नियम.https://twitter.com/ANI_news/status/679898981971828737 ये नियम सब पर लागू नहींहोगा. कुछ को छूट मिलेगी. जैसे टू-व्हीलर (स्कूटर, बाइक), अकेली महिला ड्राइवर औरहाइब्रिड कारें. देश के VVIP लोग भी इस फॉर्मूले से बाध्य नहीं होंगे. सभीमुख्यमंत्रियों को भी छूट मिलेगी, लेकिन चर्चा है कि अरविंद केजरीवाल ने खुद को इसछूट से बाहर रखा है. वह इसका पालन करेंगे. फॉर्मूला है क्या ? एक दिन सिर्फ वेप्राइवेट कारें चलेंगी जिनके रजिस्ट्रेशन नंबर का आखिरी अंक ऑड नंबर (1,3,4,7,9)है. अगले दिन सिर्फ वे प्राइवेट कारें चलेंगी जिनके नंबर का आखिरी अंक ईवेन(2,4,6,8) है. 24 घंटे लागू? जी नहीं. सिर्फ 12 घंटे. फॉर्मूला सुबह 8 से रात 8 बजेतक ही लागू रहेगा. मकसद? दिल्ली की सड़कों पर वाहन कम निकलेंगे. लोग पब्लिकट्रांसपोर्ट और कार पूलिंग को जरिया बनाएंगे. इससे प्रदूषण पर भी लगाम लगेगी औरट्रैफिक भी कंट्रोल होगा. किन्हें मिलेगी छूट? इसमें 20 तरह के वाहन होंगे. इंडियनएक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि इन्हें इस फॉर्मूले के पालन से छूटमिल सकती है: 1. सारे टू-व्हीलर 2. CNG वाहन, जिन्हें सर्टिफिकेट दिखाना होगा 3.इलेक्ट्रिक वाहन और हाइब्रिड वाहन 4. अकेली महिला ड्राइवर और 12 साल तक के बच्चे केसाथ ड्राइव कर रही महिला. 5. राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभास्पीकर, राज्यसभा के उपसभापति, लोकसभा के डिप्टी स्पीकर, सारे राज्यपाल, लेफ्टिनेंटगवर्नर, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, केंद्रीय मंत्री, दोनों सदनों के नेता विपक्ष, सभीप्रदेशों के मुख्यमंत्री (दिल्ली को छोड़कर), सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज,लोकायुक्त, इमरजेंसी वाहन, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, अस्पताल, जेल, शव वाहन, पुलिसकी गाड़ियां, पैरामिलिट्री की गाड़ियां, डिफेंस मिनिस्ट्री की गाड़ियां, पायल औरएस्कॉर्ट, एसपीजी सुरक्षा वाले लोगों के वाहन, डिप्लोमेटिक कॉर्प्स के रजिस्ट्रेशननंबर वाली गाड़ियां. 6. फिजिकली चैलेंज्ड लोगों के वाहनों को भी छूट मिल सकती है.अस्पताल जाने या किसी तरह की मेडिकल इमरजेंसी के केस में प्रूफ दिखाना होगा. औरनहीं माना तो? ऑड-ईवन फॉर्मूले का नियम तोड़ने पर 2 हजार रुपये जुर्माना प्रस्तावितहै. मोटर वेहिकल्स एक्ट के तहत ये किया जा सके, इसके लिए दिल्ली सरकार नेलेफ्टिनेंट गवर्नर से रिक्वेस्ट की है कि वह चालान जारी करने के लिए अफसरों कोअधिकृत करें. दुनिया में कहां-कहां आजमाया गया यह फॉर्मूला? कई जगह आजमाया है. बड़ेशहरों में हैं, बीजिंग, पेरिस, लंदन, मेक्सिको सिटी और साओ पाउलो (ब्राजील). चीनमें यह व्यवस्था सबसे कामयाब रही. बीजिंग में रोजाना करीब 40 लाख प्राइवेट कारेंसड़कों पर दौड़ती हैं. इसके मद्देनजर 2008 ओलंपिक के दौरान यह प्रयोग किया गया किएक दिन ऑड और दूसरे दिन इवेन नंबर वाली गाड़ियां चलेंगी. और नतीजा यह मिला किगाड़ियों से होने वाला प्रदूषण करीब 40 फीसदी घट गया. सरकार को आइडिया इतना जंचा किओलंपिक खत्म होने के बाद भी हफ्ते में एक दिन इस व्यवस्था को जारी रखा. [total-pollid=4345]