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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं पर ED के छापे, क्या है कोयला उगाही घोटाले की पूरी कहानी?

जांच एजेंसी का कहना है कि करोड़ों की डील रायपुर के कांग्रेस भवन में हुई

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Chhattisgarh coal levy scam
छापे के दौरान मौजूद जवान और दायीं ओर छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल. (आजतक)
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सौरभ
20 फ़रवरी 2023 (अपडेटेड: 20 फ़रवरी 2023, 07:33 PM IST)
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छत्तीसगढ़ में कोयला उगाही घोटाला मामले में आज ED ने बड़े स्तर पर छापेमारी की. 20 फरवरी को ED ने कांग्रेस नेताओं के कई ठिकानों पर छापे मारे. बताया जा रहा है  कि कांग्रेस नेताओं, विधायकों और कुछ अधिकारियों के एक दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर रेड हुई. ED का कहना है कि एजेंसी उन लोगों की जांच कर रही है जिन्होंने वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान कथित कोयला लेवी घोटाले में अवैध तरीके से वसूली की.

क्या कोयला उगाही घोटाला?

ED की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि एजेंसी की जांच "एक बड़े घोटाले से संबंधित है जिसमें सीनियर नौकरशाहों, व्यापारियों, राजनेताओं और बिचौलियों द्वारा छत्तीसगढ़ में प्रत्येक टन कोयले के लिए 25 रुपये की अवैध उगाही की जा रही थी".

इस मामले में अब तक राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया, सूर्यकांत तिवारी, उनके चाचा लक्ष्मीकांत तिवारी, छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई और एक अन्य कोयला कारोबारी सुनील अग्रवाल समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

क्या हैं आरोप?

इस मामले में आरोप है कि राज्य में कांग्रेस के ट्रेजरर राम गोपाल अग्रवाल ने 52 करोड़ रुपये लिए. आरोप है कि ये पैसे रायपुर में कांग्रेस भवन में लिए गए. ED का कहना है उसने इसके सबूत भी जुटाए हैं. उसके मुताबिक वो आरी डोंगरी माइन्स के टेंडर की भी जांच कर रही है. इस माइन को कांग्रेस ट्रेजरर से जुड़ी एक कंपनी ही हैंडल कर रही है.

ED ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि आरोपी सूर्यकांत तिवारी के ठिकाने से एक डायरी मिली है जिसमें नौकरशाहों, विधायकों को दिए गए पैसों और कुछ बेनामी ट्रांज़ैक्श्न का जिक्र है.

ED के मुताबिक डायरी में दर्ज है कि
- 52 करोड़ रुपये कांग्रेस के सीनियर नेता को दिए गए.
- 4 करोड़ रुपये कांग्रेस के कुछ विधायकों को दिए गए.
- 6 करोड़ रुपये कुछ पूर्व विधायकों और नेताओं को दिए गए.
- 4 करोड़ रुपये बेंगलुरु भेजे गए.
- 170 करोड़ रुपये बेनामी.
- मनीष उपाध्याय और जय के माध्यम से सौम्या चौरसिया को 36 करोड़ रुपये दिए गए.

इस मामले में ये भी आरोप है कि वसूली के इन पैसों का इस्तेमाल चुनाव लड़ने और पार्टी फंड में किया जाता है. ED का आरोप है कि पिछले साल हुए खैरागढ़ उपचुनाव में भी इन पैसों का इस्तेमाल किया गया.

भूपेश बघेल क्या बोले?

छापे के बाद भूपेश बघेल का बयान सामने आया. बघेल ने कहा कि- 

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छत्तीसगढ़ में छापे के बाद कांग्रेस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की. सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का अधिवेशन होने वाला है इसीलिए सरकार डर की वजह से छापेमारी करवा रही है.

वीडियो: आसान भाषा मेंं: छत्तीसगढ़ के हसदेव जंगल में चल रहा कोयले का खेल!

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