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कनाडा में खालिस्तानी आतंकियों की ISI से 'सीक्रेट मीटिंग', क्या प्लान बन रहा है?

कनाडा में खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस(SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू और पाकिस्तानी ISI की सीक्रेट मीटिंग हुई. इसमें दूसरे खालिस्तानी संगठनों के प्रमुख भी शामिल हुए. गुरपतवंत सिंह पन्नू भारत में नामित आतंकवादी है.

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SFJ chief Gurpatwant Singh Pannu met ISI in a secret meeting in Canada's Vancouver.
SFJ प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कनाडा से हिन्दू समुदाय के लोगों को देश छोड़कर जाने की धमकी दी है. (फोटो क्रेडिट - ट्विटर)
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21 सितंबर 2023 (Updated: 21 सितंबर 2023, 12:06 IST)
Updated: 21 सितंबर 2023 12:06 IST
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भारत-कनाडा विवाद (India-Canada Dispute) के बाद से कनाडा में बैठे खालिस्तानी संगठन एक्टिव हो गए हैं. रिपोर्ट्स हैं कि खालिस्तानी आतंकवादी (Khalistani Terrorist) और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के बीच एक सीक्रेट मीटिंग (secret meeting) हुई है. इंडिया टुडे से जुड़े जितेंद्र बहादुर सिंह ने खुफिया सूत्रों के हवाले से बताया कि ये बैठक कनाडा के वैंकुवर शहर में हुई. 

करीब 5 दिन पहले हुई इस सीक्रेट मीटिंग में सिख फॉर जस्टिस (SFJ) का प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू मौजूद था. उसके साथ ही दूसरे खालिस्तानी संगठनों के प्रमुख भी इस बैठक में शामिल हुए. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से ये भी कहा गया कि ISI के साथ हुई इस मीटिंग में एंटी-इंडिया प्रोपेगैंडा को ज्यादा से ज्यादा फैलाने को लेकर प्लान तैयार हुआ.

SFJ प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू को भारत के गृह मंत्रालय ने UAPA के तहत नामित आतंकवादी घोषित किया है. उसने कनाडा में रहने वाले हिन्दू समुदाय के लोगों को देश छोड़कर जाने की धमकी भी दी है.

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भारत कनाडा को भेज चुका है कई MLATs

कनाडा में ISI प्लान-K के तहत खालिस्तानी गतिविधियों को तेज़ करने के लिए फंडिंग कर रहा है. पिछले कुछ महीनों में खालिस्तानी संगठनों के प्रमुखों को बड़ी संख्या में फंडिंग मिली है. इसका इस्तेमाल लोगों को प्रदर्शन में ले जाने, पोस्टर, बैनर बनाने और भारत के खिलाफ युवाओं को भड़काने के लिए किया जा रहा है.

कनाडा में इस समय 20 से ज़्यादा खालिस्तानी आतंकवादी और गैंगस्टर छिपे हुए हैं. इसके लिए भारत कई बार कनाडा को MLATs (Mutual Legal Assistance Treaties) भेज चुका है. ये NIA और देश की दूसरी एजेंसियों ने भेजा है. लेकिन कनाडा ने भारत की जांच एजेंसियों को कोई जवाब नहीं दिया. ना ही इनकी जांच में सहयोग किया.

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भारत ने कनाडा के आरोपों को खारिज किया

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार के हाथ होने का आरोप लगाया था. भारत ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया है. साथ ही विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में इन आरोपों को बेतुका और एक विचारधारा से प्रेरित बताया.

हालांकि, भारत ने जांच के लिए कनाडा से सबूतों की मांग की है. इनके आधार पर ही भारत की तरफ से जांच में सहयोग की बात कही गई है. 18 जून को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया के एक पार्किंग इलाके सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर हरदीप सिंह निज्जर को गोली मार दी गई थी. अब भारत का साफ कहना है कि जांच तभी हो पाएगी, जब कनाडा सबूत दे.

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