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23 साल का युवक ब्रेन डेड हुआ, फिर परिवार ने जो किया उससे डॉक्टर तक हतप्रभ रह गए

चंडीगढ़ के राजेश घर पर गिर गए थे. सिर पर गंभीर चोट आई थी. डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया था. इसके बाद उनके परिवार ने जो किया, वो मिसाल बन गया.

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सुरभि गुप्ता
| ललित शर्मा
15 जनवरी 2024 (पब्लिश्ड: 11:47 PM IST)
brain dead chandigarh man organ donation
23 साल के राजेश 3 जनवरी को अपने घर पर गिर गए थे. उनके सिर पर गंभीर चोट आई थी. (फोटो: इंडिया टुडे)
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एक 23 साल के ब्रेन डेड (Brain Dead) युवक के अंगदान से 5 मरीजों को नई जिंदगी मिली है. इस युवक को चंडीगढ़ के हॉस्पिटल PGIMER (पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) में ब्रेन डेड घोषित किया गया था. 23 साल के राजेश 3 जनवरी को अपने घर पर गिर गए थे. उनके सिर पर गंभीर चोट आई थी. लोकल हॉस्पिटल ने राजेश को चंडीगढ़ के PGIMER में रेफर कर दिया था. 12 जनवरी को डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया. राजेश के परिवार ने इस दुःख में भी उनके अंगदान (organ donation) करने का फैसला किया.

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चंडीगढ़ PGIMER के डायरेक्टर प्रोफेसर विवेक लाल ने राजेश के परिवार का आभार जताया. इंडिया टुडे के ललित शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक प्रोफेसर विवेक लाल ने कहा,

"दुःख की घड़ी में राजेश के परिवार का उनके अंगों को दान करने का फैसला आशा की किरण है. उनके इस निःस्वार्थ फैसले से न केवल पांच मरीजों को नया जीवन मिला है बल्कि इतने कठिन समय में भी उदारता और करुणा की एक मिसाल पेश की है."

मीडिया से बात करते हुए, राजेश की मां, मंदोदरी देवी ने कहा,

"हम अपने दुःख को शब्दों में बयां नहीं कर सकते. अपने पिता के निधन के बाद, राजेश ही मेरे जीने का सहारा था. सिर्फ वही कमाने वाला था. अब वह भी चला गया है और हमारी दुनिया पूरी तरह से बर्बाद हो गई है. शायद भगवान ने मेरे बेटे को इसलिए ले लिया क्योंकि उसके अंगदान से दूसरों को जीना था."

परिवार की सहमति के बाद, PGIMER के डॉक्टरों ने राजेश के अंगों को निकालने की प्रक्रिया शुरू की. राजेश का दिल 30 साल के मरीज को अलॉट किया गया है, जो सेना के दिल्ली स्थित रिसर्च एंड रेफरल (R&R) हॉस्पिटल में एडमिट है. राजेश के फेफड़े गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती 55 साल के एक व्यक्ति को ट्रांसप्लांट किए गए. राजेश का लिवर PGIMER में एडमिट एक 60 साल के मरीज को ट्रांसप्लांट किया गया. PGIMER में ही एडमिट एक 26 साल के मरीज को राजेश की एक किडनी और पैनक्रिआज ट्रांसप्लांट किया गया. दूसरी किडनी PGIMER में  ही एडमिट 32 साल के एक मरीज को दी गई है.

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