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अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे पर मारपीट और अपहरण केस दर्ज

सपा सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद मिल्खीपुर विधानसभा उपचुनाव में सपा के उम्मीदवार हैं.

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निहारिका यादव
| समर्थ श्रीवास्तव
22 सितंबर 2024 (पब्लिश्ड: 05:16 PM IST)
SP MP Awdhesh Prasad son Ajit Prasad (photo-aajtak)
सपा सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद (फोटो-आजतक)
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उत्तर प्रदेश के अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजित प्रसाद पर अपहरण के आरोप लगे हैं. मिल्खीपुर विधानसभा उपचुनाव में सपा उम्मीदवार अजीत प्रसाद और उनके समर्थकों पर आरोप हैं कि एक युवक से मारपीट की और उसका अपहरण कर लिया. पीड़ित ने मामले में FIR दर्ज कराई है. 

UP Tak की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित युवक की पहचान रवि तिवारी के तौर पर हुई है. पीड़ित ने अजित प्रसाद और उनके 10-15 साथियों के खिलाफ मारपीट और अगवा करने का आरोप लगाया है. उन्होंने मुकदमा भी दर्ज करवाया है. मामला जमीन की रजिस्ट्री और पैसों के लेन-देन से जुड़े विवाद का है. पीड़ित रवि तिवारी का आरोप है कि जब वो बैंक से बाहर निकले तभी अजित प्रसाद अपने साथियों के साथ आए और उन्हें जबरन गाड़ी में बैठा कर ले गए. 

पीड़ित के मुताबिक, उन्हें गाड़ी में पीटा गया. और फिर तहसील के पास उतार दिया. उनसे एक लाख रुपए भी ले लिए गए. आरोपियों ने इसका वीडियो भी बनाया. पीड़ित का आरोप है कि अजित प्रसाद ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी है. 

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घटना पर बीजेपी आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने सोशल मीडिया के जरिए पोस्ट कर लिखा, 

'फैजाबाद के सांसद अवधेश प्रसाद, जिनको आज कल अखिलेश यादव अपनी छाती से लगाकर घूम रहे हैं, उनके बेटे अजीत प्रसाद ने रवि तिवारी का “अपहरण” करके उसकी “पिटाई” की. सपा कुछ सीटें क्या जीत गई, बलात्कार और गुंडागर्दी का सिलसिला थम ही नहीं रहा.' 

इस मामले में सपा का भी बयान आया है. सपा नेता उदयवीर सिंह ने कहा कि 

मिल्कीपुर में उपचुनाव है. अवधेश जी वहां के लोकप्रिय नेता हैं. उनका नाम और सम्मान बढ़ा है. भारतीय जनता पार्टी परेशान है. इसलिए दो राज्यों के चुनाव होने घोषित होने के बाद भी यूपी के उपचुनाव घोषित नहीं हुए. मुख्यमंत्री के एक सलाहकार पूर्व IAS पूरी ताकत के साथ लगे हैं कि पुलिस-प्रशासन से किसको डराना है किसको मनाना है.

सपा नेता ने कहा कि पहले इस मामले की जांच होनी चाहिए थी तब FIR होनी चाहिए थी. उन्होेंने कहा कि यह ऐसी घटना नहीं थी जिसमें FIR दर्ज की जाए. 

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