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नेपाल में एक के बाद एक भूकंप के चार झटके, 128 लोगों की मौत

भूकंप का केंद्र जाजरकोट जिला था. ये पूरा पहाड़ी इलाका है. झटकों के चलते भूस्खलन भी हुआ है. कई रास्ते बंद हो गए हैं. बचाव अभियान जारी.

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4 नवंबर 2023 (अपडेटेड: 4 नवंबर 2023, 11:02 AM IST)
at least 128 killed in nepal earthquake jajarkot 150 injured communication cut tremors north india
नेपाल में देर रात 6.4 तीव्रता का भूकंप आया (फोटो- ANI)
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नेपाल में 3 नवंबर की देर रात जोरदार भूकंप (Nepal Earthquake) आया. भूकंप के झटकों के कारण अब तक कम से कम 128 लोगों की मौत हो गई है. वहीं करीब 150 लोग घायल हुए हैं. रात करीब 11:30 बजे पहली बार भूकंप से धरती हिली. इसके बाद कई और झटके महसूस किए गए. नेपाल की सेना और पुलिस बचाव अभियान में जुटी है. भूकंप इतना तेज था कि झटके उत्तर भारत के बिहार, दिल्ली NCR और उत्तर प्रदेश में भी महसूस किए गए. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस तबाही के बाद नेपाल को हरसंभव मदद का वादा किया है.

राष्ट्रीय भूकंप मापन केंद्र के अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जाजरकोट जिले के लामिडांडा क्षेत्र में था. ये जिला पूरा पहाड़ी इलाका है. आबादी लगभग 1 लाख 90 हजार. भूकंप के झटकों के चलते भूस्खलन भी हुआ है, जिसकी वजह से कई रास्ते बंद हो गए हैं. कई इमारतें ढह गई हैं. 

Nepal earthquake houses damaged

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.4 दर्ज की गई और इसका केंद्र 10 किमी की गहराई पर था.

नेपाल के अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि कई जगहों पर कम्यूनिकेशन कट गया है. घायलों को इलाज के लिए जाजरकोट के एक अस्पताल में ले जाया जा रहा है. यह इलाका राजधानी काठमांडू से लगभग 500 किलोमीटर पश्चिम में है.

4 नवंबर की सुबह प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल मेडिकल टीम के साथ घटना स्थल की तरफ रवाना हो गए है. प्रधानमंत्री के प्रेस सलाहकार गोविंद आचार्य ने जानकारी दी,

“दवाओं और हेलीकॉप्टर के साथ एक मेडिकल टीम तैयार है. मौसम के चलते प्रभावित इलाके में पहुंचने में कुछ देरी हुई. 3 नवंबर की रात को चार बार भूकंप आए. रात 11:47, 12:08, 12:29 और 12:35 बजे. इनकी तीव्रता 6.4, 4.8, 4.2 और 4.3 थी.”

इससे पहले नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक पोस्ट में लिखा,

“माननीय प्रधानमंत्री ने शुक्रवार रात 11:47 बजे जाजरकोट के रामीडांडा में आए भूकंप से हुई मानवीय और भौतिक क्षति पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने तत्काल बचाव और राहत के लिए सभी तीन सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया है.”

PM मोदी ने जताया दुख

भूकंप से हो रही तबाही के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नेपाल को मदद का भरोसा दिलाया है. उन्होंने एक पोस्ट में लिखा,

“नेपाल में भूकंप के चलते हुई जनहानि और क्षति से अत्यंत दुखी हूं. भारत नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और हर संभव मदद देने के लिए तैयार है. हमारी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं.”

नेपाल में पिछले एक महीने में छह से ज्यादा तीव्रता वाला ये दूसरा भूकंप था. इससे पहले 2 अक्टूबर को पड़ोसी देश में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था. हालांकि तब ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा था.

आठ साल पहले नेपाल भूकंप की भीषण तबाही झेल चुका है. अप्रैल 2015 में नेपाल में 7.8 तीव्रता वाले भूकंप ने 12 हजार से ज्यादा लोगों की जान ली थी. लाखों लोग विस्थापित हो गए थे. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक भूकंप से 80 लाख लोग प्रभावित हुए थे.

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