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  • Ancient camping site dating 8500 BC discovered by ASI at 14000 feet above sea level on the way to Saser La to Ladakh

10,500 साल पहले लोग लद्दाख में कैंपिंग करते थे!

हड़प्पा, मुअनजोदड़ो सब भूल जाओ. ईसा से साढ़े आठ हजार साल पहले की बात बता रहे हैं.

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17 अगस्त 2016 (अपडेटेड: 17 अगस्त 2016, 12:58 PM IST)
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ऑर्कियॉलजी में इंट्रेस्ट है? इतिहास में तो होगा? अगर नहीं है, तब भी नोट कर लो, काम की जानकारी है. हिमालय में लद्दाख के पास बहुत पुराने इंसान की कारगुजारी के सबूत मिले हैं. और ये किसी की सोच से भी ज्यादा पुराने हैं. ईसा मसीह से साढ़े आठ हजार साल पहले. माने 8500BC. माने अब से करीब साढ़े दस हजार साल पहले. कैसे और क्या मिला अब सुनो पूरी बात. कल्चर मिनिस्ट्री के अंडर में ऑर्कियोलॉजिकल सर्वे का काम चल रहा है. सासेर ला के पास काराकोरम के नजदीक. लद्दाख जोन में. नूब्रा घाटी में. 2015 से डॉक्टर एसबी ओटा और उनकी टीम जुटी है. ओटा Archaeological Survey of India (ASI) के जॉइंट डायरेक्टर हैं. तो सासेर के पास करीब 22 किलोमीटर देख चुकने के बाद इन लोगों को लगा कि यहां जरूर कुछ है. कुछ जली हुई सी चीजें और कुछ लकड़ी का कोयला टाइप का देखा. बस खुदाई रोक दी. कहा, पहले इसका हिसाब-किताब लगे कि ये क्या है, और कितना पुराना है. चारकोल का टुकड़ा भेजा गया फ्लोरिडा की बीटा लैब. अमेरिका में पड़ती है ये जगह. वहां रेडियोकार्बनिक प्रक्रिया, जो कि ऐसी चीजों का सही टाइम बताती है, उससे गुजारा गया. जब वैज्ञानिक लोगों को पता चला तो एकदम माहौल बदल गया. डॉक्टर ओटा को तत्काल संदेश भेजा. कि गुरू, ये तो साढ़े दस हजार साल पुराना मटीरियल है. फिर पिछले महीने यानी जुलाई में ASI के डीजी और जॉइंट डीजी और बाकी टीम साइट पर पहुंची. आगे की खोज-बीन जारी है. लेकिन ये खास बात है कि अपने यहां वैदिक सभ्यता को पुरानी सभ्यता कहा जाता है. जो करीब 1500BC से 500BC तक आती है. हड़प्पा सभ्यता भी ईसा से तकरीबन दो हजार साल पहले की सिविलाइजेशन है. ये जो चीजें मिली हैं, ये उस सभ्यता से बहुत पहले की हैं. माने इंसानी खुराफात कब और कहां शुरू हुई, इसकी खोज अभी बहुत दूर तक जाएगी. ये उसी की एक कड़ी है.

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