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महिला आरक्षण पर राहुल गांधी ने उठाया OBC का मुद्दा, अमित शाह को आई 'CM' मोदी की याद

लोकसभा में 19 सितंबर को महिला आरक्षण बिल पर बहस शुरू हुई. बिल को ‘नारी शक्ति वंदन विधेयक' नाम दिया गया है. संसद के विशेष सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी और गृह मंत्री अमित शाह ने बिल पर अपनी बात रखी.

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amit shah and rahul gandhi speaks on women reservation bill in parliament
राहुल ने कहा कि वो महिला आरक्षण बिल के समर्थन में हैं. साथ ही उन्होंने जातीय जनगणना की भी मांग की. (फोटो- ट्विटर)
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प्रशांत सिंह
20 सितंबर 2023 (अपडेटेड: 20 सितंबर 2023, 10:16 PM IST)
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लोकसभा (Lok Sabha) में 19 सितंबर को महिला आरक्षण बिल (Women reservation bill) पर बहस शुरू हुई. बिल को ‘नारी शक्ति वंदन विधेयक' नाम दिया गया है. संसद के विशेष सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिल पर अपनी बात रखी. राहुल ने कहा कि वो महिला आरक्षण बिल के समर्थन में हैं. साथ ही उन्होंने जातीय जनगणना की भी मांग की.  

लोकसभा में नारी शक्ति वंदन बिल पर चर्चा के दौरान बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा,

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राहुल ने आगे कहा कि महिला आरक्षण बिल को एक बात अधूरा बनाती है. इसमें OBC आरक्षण भी शामिल किया जाना चाहिए था. उन्होंनेे कहा, 

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राहुल ने आगे कहा,

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कांग्रेस नेता ने कहा कि जैसे ही विपक्ष जाति जनगणना का मुद्दा उठाती है, बीजेपी नया मुद्दा लेकर आ जाती है. नई संसद पर बोलते हुए राहुल ने कहा,

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इसके साथ ही उन्होंने सेंगोल को लेकर भी सवाल उठाए. राहुल गांधी ने कहा कि कल मैं चर्चा सुन रहा था. सेंगोल की चर्चा ही रही थी. उन्होंने कहा कि जब अंग्रेजों ने हमारे क्रांतिकारी नेताओं से पूछा तो उन्होंने कहा कि हम जनता को सत्ता देंगे. जिसके बाद वोट सत्ता ट्रांसफर का प्रतीक बन गया. 

अमित शाह बोले- ये राजनीतिक मुद्दा नहीं

वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि ये उनके लिए राजनीतिक मुद्दा नहीं है. उन्होंने पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा,

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उन्होंने कहा कि इस देश की बेटी न केवल नीतियों के अंदर अपना हिस्सा पाएंगी, बल्कि नीति निर्धारण में भी अपने पद को सुरक्षित करेंगी. शाह ने बताया,

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अमित शाह ने कहा कि 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तो उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दिया. उस वक्त उनके बैंक अकाउंट में जितना भी पैसा बचा था, वो पूरा गुजरात सचिवालय के वर्ग तीन और चार के कर्मचारियों की बच्चियों की पढ़ाई-लिखाई के लिए दिया गया. इसके लिए कोई कानून नहीं था.

अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उस वक्त उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देशभर में दिया. गुजरात में उन्होंने जागरूकता पैदा की. इससे लिंगानुपात में सुधार हुआ था. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाई का फायदा ये हुआ कि एक ओर लिंगानुपात में सुधार हुआ. दूसरा गुजरात में प्राइमरी एजुकेशन में 37 फीसदी ड्रॉपआउट रेशो था, लेकिन जब मोदीजी प्रधानमंत्री बने तो ये ड्रॉपआउट रेशो घटकर 0.7 फीसदी ही रह गया. शाह ने कहा कि महिला सशक्तिकरण संविधान संशोधन से जुड़ा नहीं है, बल्कि ये महिलाओं के लिए सुरक्षा, सम्मान और सहभागिता का मुद्दा है.

(ये भी पढ़ें: मोदी सरकार महिला आरक्षण लाई, लेकिन लागू कब होगा? ये ट्विस्ट जानना बहुत जरूरी)

वीडियो: महिला आरक्षण बिल पर अमित शाह क्या बोले कि सुप्रिया सुले ने बीजेपी नेता को घेर लिया

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