भारत में कोरोना की वैक्सीन कब तक आएगी, एम्स के डायरेक्टर ने बता दिया है
जल्दी ही मिलने वाली है खुशखबरी
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एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने बताया है कि देश में कोरोना वैक्सीन पर काम अंतिम चरण में चल रहा है.
ब्रिटेन में कोरोना की पहली वैक्सीन को हरी झंडी मिलने के बाद भारत में भी इसके आने की दस्तक सुनाई देने लगी है. देश में कोविड-19 से निपटने के लिए जो टास्क फोर्स बनाई गई है, उसके मेंबर रणदीप गुलेरिया ने इसी बारे में एक अच्छी खबर दी है. रणदीप गुलेरिया एम्स दिल्ली के डायरेक्टर भी हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना की वैक्सीन इसी साल या अगले साल की शुरुआत में मिल सकती है.
क्या-क्या कहा रणदीप गुलेरिया ने?
भारत में कोरोना की वैक्सीन की प्रगति के बारे में डॉ. रणदीप गुलेरिया ने गुरुवार 3 दिसंबर को अपडेट दिया. उन्होंने कहा-
डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि इस वैक्सीन को भारतीय नियामक अधिकारियों (Indian regulatory authorities) से आपातकालीन इजाजत मिलनी चाहिए, ताकि जनता को वैक्सीन देना तुरंत शुरू किया जा सके. उन्होंने दावा किया कि वैक्सीन की सेफ्टी और इफेक्टिवनेस से बिल्कुल भी समझौता नहीं किया गया है. 70 हजार से 80 हजार लोगों को वैक्सीन दी गई है. कोई गंभीर प्रतिकूल प्रभाव नहीं दिखा है. डेटा से पता चलता है कि अल्पावधि में वैक्सीन सुरक्षित है.
'पहले बुजुर्ग और हेल्थ वर्कर्स को मिले वैक्सीन'
डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि शुरुआत में वैक्सीन सभी को देने के लिए पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं होगी. हमें यह देखने के लिए एक प्राथमिकता सूची बनाने की जरूरत है कि हम उन लोगों को पहले वैक्सीन दें, जिनकी कोरोना के कारण मौत की आशंका अधिक है. बुजुर्ग, किसी बीमारी से पीड़ित लोगों और फ्रंटलाइन हेल्थवर्कर्स को कोरोना की वैक्सीन सबसे पहले लगाई जानी चाहिए.
बता दें कि हाल ही में हेल्थ सेक्रटरी राजेश भूषण ने भी कहा था कि सरकार ने देश में सभी लोगों को वैक्सीन देने की बात कभी नहीं कही थी. उद्देश्य कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ना है.
एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि वैक्सीन को लेकर तैयारियां पूरे जोरों पर हैं.
गुलेरिया ने कहा कि इस वैक्सीन रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज बनाने, और सुरक्षित तरीके से एक से दूसरी जगह पहुंचाने के इंतजाम किए जा रहे हैं. केंद्र और राज्य स्तर पर टीकाकरण वितरण योजना के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है.
दूसरी लहर को रोकने में कामयाबी
कोविड केसों की बात करें तो देश में कोरोना की दूसरी लहर थमती नजर आ रही है. पिछले 24 घंटे में कोरोना के करीब 35 हजार नए मामले सामने आए हैं. घटते केसों की संख्या पर भी डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि हम कोरोना का ग्राफ देख रहे हैं. अगर नियमों का पालन सख्ती से करते रहे तो ये गिरावट जारी रहेगी.
क्या-क्या कहा रणदीप गुलेरिया ने?
भारत में कोरोना की वैक्सीन की प्रगति के बारे में डॉ. रणदीप गुलेरिया ने गुरुवार 3 दिसंबर को अपडेट दिया. उन्होंने कहा-
डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि इस वैक्सीन को भारतीय नियामक अधिकारियों (Indian regulatory authorities) से आपातकालीन इजाजत मिलनी चाहिए, ताकि जनता को वैक्सीन देना तुरंत शुरू किया जा सके. उन्होंने दावा किया कि वैक्सीन की सेफ्टी और इफेक्टिवनेस से बिल्कुल भी समझौता नहीं किया गया है. 70 हजार से 80 हजार लोगों को वैक्सीन दी गई है. कोई गंभीर प्रतिकूल प्रभाव नहीं दिखा है. डेटा से पता चलता है कि अल्पावधि में वैक्सीन सुरक्षित है.
'पहले बुजुर्ग और हेल्थ वर्कर्स को मिले वैक्सीन'
डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि शुरुआत में वैक्सीन सभी को देने के लिए पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं होगी. हमें यह देखने के लिए एक प्राथमिकता सूची बनाने की जरूरत है कि हम उन लोगों को पहले वैक्सीन दें, जिनकी कोरोना के कारण मौत की आशंका अधिक है. बुजुर्ग, किसी बीमारी से पीड़ित लोगों और फ्रंटलाइन हेल्थवर्कर्स को कोरोना की वैक्सीन सबसे पहले लगाई जानी चाहिए.
बता दें कि हाल ही में हेल्थ सेक्रटरी राजेश भूषण ने भी कहा था कि सरकार ने देश में सभी लोगों को वैक्सीन देने की बात कभी नहीं कही थी. उद्देश्य कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ना है.
एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि वैक्सीन को लेकर तैयारियां पूरे जोरों पर हैं.
गुलेरिया ने कहा कि इस वैक्सीन रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज बनाने, और सुरक्षित तरीके से एक से दूसरी जगह पहुंचाने के इंतजाम किए जा रहे हैं. केंद्र और राज्य स्तर पर टीकाकरण वितरण योजना के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है.
दूसरी लहर को रोकने में कामयाबी
कोविड केसों की बात करें तो देश में कोरोना की दूसरी लहर थमती नजर आ रही है. पिछले 24 घंटे में कोरोना के करीब 35 हजार नए मामले सामने आए हैं. घटते केसों की संख्या पर भी डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि हम कोरोना का ग्राफ देख रहे हैं. अगर नियमों का पालन सख्ती से करते रहे तो ये गिरावट जारी रहेगी.

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