भारतीय कॉरपोरेट घरानों पर बहुत बड़ा खुलासा होने वाला है? OCCRP की सीरीज खलबली मचा सकती है
अडानी ग्रुप पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने जो खलबली मचाई, उससे भी बड़ी खलबली मचा सकती है जॉर्ज सोरोस से फंडिग पाने वाली OCCRP.

गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप पर अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने जो खलबली मचाई, उससे बड़ी खलबली मच सकती है. खबर है कि इनवेस्टिगेटिव पत्रकारों के ग्लोबल नेटवर्क ‘ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट’ (OCCRP) भारत के कुछ कॉरपोरेट घरानों पर 'खुलासा' कर सकता है. OCCRP को हंगेरियन-अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस के संगठन और रॉकफेलर ब्रदर्स फंड जैसे अन्य कई संगठनों से फंडिंग मिलती है. न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट में कहा गया है कि OCCRP जल्द ही कुछ भारतीय कॉरपोरेट घरानों पर एक रिपोर्ट या आर्टिकल की सीरीज पब्लिश कर सकता है.
भारतीय कॉरपोरेट घरानों पर होगा 'खुलासा'?रिपोर्ट में कहा गया है कि इस 'खुलासे' में कॉरपोरेट घरानों के शेयरों में निवेश होने वाले विदेशी फंड की जानकारी दी जा सकती है. रिपोर्ट किस या किन कॉरपोरेट घरानों पर होगी, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है. हालांकि, कहा जा रहा है कि एजेंसियां कैपिटल मार्केट पर कड़ी निगरानी रख रही हैं.
OCCRP स्वतंत्र मीडिया केंद्रों और खोजी पत्रकारों का एक ग्लोबल नेटवर्क है. इसकी वेबसाइट पर बताया गया है कि ये नेटवर्क "अपराध और भ्रष्टाचार को उजागर करता है". OCCRP ऑर्गेनाइज्ड क्राइम पर आधारित रिपोर्टिंग में विशेषज्ञता का दावा करता है. इसकी वेबसाइट के मुताबिक, ये संस्था जॉर्ज सोरोस की ओपन सोसाइटी फाउंडेशन से जुड़ी है. OCCRP की फंडिंग में फोर्ड फाउंडेशन, रॉकफेलर ब्रदर्स फंड और ओक फाउंडेशन जैसे और भी संगठन शामिल हैं.
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अडानी ग्रुप के खिलाफ आई थी हिंडनबर्ग की रिपोर्टइस साल जनवरी में आई हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट में अडानी ग्रुप की कंपनियों पर स्टॉक हेरफेर और अकाउंटिंग धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था. हिंडनबर्ग एक अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी है. यानी ऐसी कंपनी जो शेयरों में गिरावट के जरिए कमाई करती है. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में काफी गिरावट आई थी. वहीं अडानी ग्रुप ने हिंडनबर्ग के आरोपों को आधारहीन बताया था.
अडानी ग्रुप पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को लेकर अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस की टिप्पणी पर भी विवाद हो गया था. सोरोस ने कहा था कि PM मोदी इस मामले पर चुप हैं, लेकिन उन्हें विदेशी निवेशकों और संसद में सवालों का जवाब देना होगा. सोरोस की टिप्पणी की BJP ने तीखी आलोचना की थी. कहा था कि जॉर्ज सोरोस ने PM मोदी और भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने भी कहा था कि इस मुद्दे का जॉर्ज सोरोस से कोई लेना-देना नहीं है.
वहीं अडानी ग्रुप के खिलाफ आरोपों की जांच भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) कर रही है. ऐसा कहा जा रहा है कि SEBI ने मामले पर अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे सुप्रीम कोर्ट को सौंपा जाएगा. इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई 29 अगस्त को होनी है.
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