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कौन हैं PM मोदी पर बोलने वाले जॉर्ज सोरोस, जिन्हें BJP-कांग्रेस ने साथ मिलकर सुनाया है?

अडाणी को लेकर जॉर्ज सोरोस ने पीएम मोदी पर निशाना साधा था.

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17 फ़रवरी 2023 (अपडेटेड: 17 फ़रवरी 2023, 10:18 PM IST)
George Soros
जॉर्ज सोरोस. (Image: Reuters)
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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने जॉर्ज सोरोस पर निशाना साधा है. उन्होने सोरोस पर अपने फायदे के लिए भारत के लोकतंत्र को बदनाम करने और देश की अर्थव्यवस्था पर हमला करने का आरोप लगाया.

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा, 

जिस व्यक्ति ने बैंक ऑफ इंग्लैंड को तोड़ दिया और जिसे एक देश द्वारा आर्थिक युद्ध अपराधी के रूप में नामित किया गया है, वो अब भारतीय लोकतंत्र को तोड़ने की बात कर रहा है. जैसा कि आप जानते हैं कि एक अंतरराष्ट्रीय उद्यमी जॉर्ज सोरोस ने अब भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप करने के अपने इरादों की बात कही है.

इधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भी सोरोस की टिप्पणियों की निंदा करते हुए कहा कि पार्टी की नेहरूवादी विरासत ने सुनिश्चित किया कि सोरोस जैसे लोग भारत के चुनावी परिणामों को निर्धारित नहीं कर सकते.

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक ट्वीट में कहा, 

क्या PM से जुड़ा अडानी घोटाला भारत में लोकतंत्र को फिर से स्थापित करने का मौका बना रहा है? यह पूरी तरह से कांग्रेस, विपक्षी दलों और हमारी चुनावी प्रक्रिया पर निर्भर करता है. इसका जॉर्ज सोरोस से कोई लेना-देना नहीं है."

क्या कहा था सोरोस ने?

अडानी ग्रुप पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को लेकर सोरोस ने कहा कि मोदी इस मामले पर चुप हैं, लेकिन उन्हें विदेशी निवेशकों और संसद में सवालों का जवाब देना होगा. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक सोरोस ने कहा, 

“यह भारत की संघीय सरकार पर मोदी की पकड़ को काफी कमजोर कर देगा और बहुत जरूरी संस्थागत सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए दरवाजा खोल देगा. मुझे भारत में एक लोकतांत्रिक पुनरुद्धार की उम्मीद है.

कौन हैं जॉर्ज सोरोस?

अमेरिका के रहने वाले 92 साल के सोरोस दुनिया के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक हैं. उनका जन्म एक समृद्ध यहूदी परिवार में हुआ था, जिसने नाजियों के आने पर हंगरी छोड़ दिया था. उस समय उनकी उम्र 17 साल थी. इसके बाद 1947 में वो लंदन गए. यहां लंदन स्कूल ऑफ़ इकॉनमिक्स में सोरोस ने फिलॉसफी की पढ़ाई की.

पढ़ाई के बाद उन्होंने लंदन के मर्चेंट बैंक सिंगर एंड फ्रीडलैंडर में काम किया. 1956 में सोरोस न्यूयॉर्क चले गए, जहां उन्होंने शुरुआत में यूरोपीय सिक्योरिटी के विश्लेषक के तौर पर काम किया. सोरोस ने 1973 में हेज फंड की स्थापना की. हेज फंड मैनेजर ने ब्रिटिश मुद्रा, पाउंड को कम कर दिया और कहा जाता है कि उसने 1 बिलियन डॉलर (लगभग 8 हजार करोड़ रुपये) का लाभ कमाया.

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, सोरोस की कुल संपत्ति 8.5 बिलियन डॉलर (लगभग 70 हजार करोड़ रुपये) है और वो ओपन सोसाइटी फ़ाउंडेशन के संस्थापक हैं, जो लोकतंत्र, पारदर्शिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बढ़ावा देने वाले समूहों और व्यक्तियों को अनुदान देता है.

NDTV की खबर के मुताबिक कोल्ड वॉर समाप्त होने के बाद सोरोस ने चेकोस्लोवाकिया, पोलैंड, रूस और यूगोस्लाविया में इन फाउंडेशनों की स्थापना की. इस शताब्दी की शुरुआत तक, ये ओपन सोसाइटी फ़ाउंडेशन 70 से अधिक देशों में सक्रिय हो चुकी थी. वह राजनीतिक सक्रियता में भी शामिल रहे हैं और उन्होंने बराक ओबामा, हिलेरी क्लिंटन और जो बाइडेन के राष्ट्रपति अभियान का समर्थन किया. सोरोस, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के खिलाफ बोलते रहे हैं.

वीडियो: अडानी-हिंडनबर्ग विवाद पर कांग्रेस ने की JPC की मांग, जांच कमेटी का इतिहास ये है

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