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गुलाम नबी आजाद ने दिया एक और झटका! जम्मू-कश्मीर के 51 नेता भी अब इस्तीफा देंगे

नेताओं ने यहां तक कहा - "गुलाम नबी का फैसला एकदम सही है"

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30 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 30 अगस्त 2022, 03:34 PM IST)
51 J&K Kashmir Congress Leaders To Resign After Ghulam Nabi Azad
(बाएं-दाएं) गुलाम नबी आजाद और राहुल गांधी. (फाइल फोटो- इंडिया टुडे और facebook.com/rahulgandhi)
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गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) कांग्रेस को तगड़ा झटका दे सकते हैं. खबर है कि जम्मू-कश्मीर कांग्रेस (J&K Congress) के कई नेता पार्टी से इस्तीफा देकर गुलाम नबी आजाद के साथ जाने को एकदम तैयार हैं. इंडिया टुडे की जानकारी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के इन नेताओं की संख्या 51 है. बता दें कि बीती 26 अगस्त को गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था.

अब तक 64 Congress Leaders Resign कर चुके हैं

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, जिन नेताओं के गुलाम नबी के साथ जाने की बात कही जा रही है, उनमें जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री ताराचंद भी शामिल हैं. वो मंगलवार, 29 अगस्त को कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके हैं. इसका ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि वो खुश हैं कि गुलाम नबी अलग पार्टी बना रहे हैं. आजतक की खबर के मुताबिक ताराचंद ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने एक बार भी उनसे और बाकी नेताओं से मिलने की जहमत नहीं उठाई, जबकि वे उनसे मिलकर अपनी समस्याएं बताना चाहते थे. 

ताराचंद ने दावा किया था कि दूसरी पार्टियों के नेताओं ने भी उनसे संपर्क किया है. उनके मुताबिक ये नेता भी गुलाम नबी की नई पार्टी में शामिल होना चाहते हैं. ताराचंद के अलावा अब्दुल माजिद वानी, घारू चौधरी और मनोहर लाल शर्मा जैसे नेताओं ने भी कांग्रेस छोड़ दी है. ये तीनों पहले जम्मू-कश्मीर के मंत्री रह चुके हैं. इस्तीफे का ऐलान करने वाले अन्य नेताओं में गुलाम हैदर मालिक, विनोद मिश्रा, विनोद शर्मा, नरिंदर शर्मा, मसूद, परविंदर सिंह, अराधना अंदोत्रा, संतोष महनास, वरुण मंगोत्रा, रेहाना अंजुम, तीरथ सिंह, सरनाम सिंह, नीरज चौधरी, अशोक भगत आदि शामिल हैं.

पूर्व विधायक बलवान सिंह ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्तीफे का ऐलान कर दिया. उनके साथ कांग्रेस के और भी नेता मौजूद थे. इस दौरान बलवान सिंह ने साफ कहा,

"हमने आजाद के सपोर्ट में संयुक्त इस्तीफे की चिट्ठी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दी है."

इसके साथ ही ऐसे नेताओं की संख्या 64 तक पहुंच गई है, जो गुलाम नबी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस छोड़ चुके हैं या छोड़ने की घोषणा कर चुके हैं. इनमें पूर्व मंत्रियों, विधायकों के साथ-साथ पार्षद, जिला और ब्लॉक स्तर के नेता भी शामिल हैं. यहां तक कि पंचायत राज इंस्टीट्यूशन के सैकड़ों सदस्य भी गुलाम नबी के साथ जाने की बात कह चुके हैं.

इससे पहले गुलाम नबी आजाद का एक इंटरव्यू सामने आया. इसमें उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर फिर हमला बोला. गुलाम नबी ने इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में कहा कि राहुल गांधी बस फोटो खिंचाने और धरना देने वाले नेता हैं, पार्टी संगठन के लिए वो ठीक नहीं हैं. ये भी बताया कि कांग्रेस छोड़ने और उसके बारे में खुलकर बोलने का फैसला अचानक नहीं लिया, इसके लिए उन्हें नौ साल लग गए. गुलाम नबी ये भी कहा कि उन्होंने राहुल गांधी पर निजी हमले नहीं किए, बल्कि पार्टी की समस्याओं को उजागर किया है.

राहुल गांधी के सिक्योरिटी गार्ड और पीएम कौन हैं, जिन पर गुलाम नबी आजाद ने इल्जाम लगाया?

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