Submit your post

रोजाना लल्लनटॉप न्यूज चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं !

Follow Us

जज ने कूड़े के ढेर के पास कुर्सी लगा ली और कहा: जब तक कूड़ा हटेगा नहीं, यहीं बैठूंगा

1.16 K
शेयर्स

‘स्वच्छ भारत’ अभियान को बड़े सारे चेहरे मिले. साफ जगह पर टोकरी भर सूखे पत्ते गिराकर फोटो खिंचवाने के लिए झाडू थामे नेता. छोटे नेता, बड़े नेता. सिलेब्रिटी नेता. मगर सच्ची वाली डेडिकेशन कम ही दिखाई देती है. आज ऐसे ही डेडिकेशन की एक तस्वीर केरल से आई है. केरल का अर्नाकुलम जिला. यहां जिला प्रशासन में एक अधिकारी हैं. नाम है, ए एम बशीर. डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी सेक्रटरी के पोस्ट पर हैं. सब-जज भी हैं. ये जनाब अर्नाकुलम बाजार में धरने पर बैठ गए हैं. क्यों? क्योंकि वो कचरे के ढेर से परेशान हैं. असल में परेशान तो उस इलाके के लोग हैं. ए एम बशीर लोगों की परेशानी से परेशान हैं. इसीलिए वो कूड़े के ढेर के पास बैठ गए. कि जब तक ये हटता नहीं, तब तक मैं जाऊंगा नहीं.

ये बाजार में पड़े कचरे का ढेर है. लोगों ने जिला प्रशासन से बार-बार इसकी शिकायत की थी (फोटो: ANI)
ये बाजार में पड़े कचरे का ढेर है. लोगों ने जिला प्रशासन से बार-बार इसकी शिकायत की थी (फोटो: ANI)

मॉनसून में कूड़े का ढेर और तंग करता है
बशीर साहब यहां बाजार में निकले थे. इंस्पेक्शन के लिए. उन्हें लोगों की शिकायत मिली थी. कि बाजार में कूड़े का ढेर पड़ा गंधाता रहता है. फल-सब्जियां. सब पड़ी सड़ती रहती हैं. इसकी वजह से लोगों को दिक्कत होती है. मच्छर, मख्खियां. गंध अलग. मॉनसून भी आ चुका है. बारिश के मौसम में कूड़ा और ज्यादा सड़ता और तंग करता है. ए एम बशीर इन्हीं शिकायतों का जायजा लेने बाजार पहुंचे. उन्होंने कूड़े का ढेर देखा. हटवाने की कोशिश की. फिर उन्होंने क्या किया कि कुर्सी मंगवाई. नाक पर मास्क बांधा. और कुर्सी पर बैठ गए. बोले, जब तक कूड़ा नहीं हटता तब तक ऐसे ही बैठा रहूंगा.

…और हमें परमेश्वरन अय्यर याद आ गए
ए एम बशीर को देखकर हमें परमेश्वरन अय्यर की याद आई. 1981 बैच के IAS अफसर. जिन्होंने 2009 में समय से पहले रिटायरमेंट ले लिया. सफाई के लिए खूब काम किया. बस भारत में नहीं, दूसरे देशों में भी. उनकी एक तस्वीर भी आई थी. वो एक गड्ढे में उतरे हुए हैं. और कुदाल से मल निकालकर गड्ढा साफ कर रहे हैं.

परमेश्वरन ये संदेश देना चाहते थे कि शौचालय साफ करना कोई घृणित काम नहीं है. इसे रोजमर्रा के बाकी कामों की तरह किया जाना चाहिए. गांवों में अक्सर ये वाले शौचालय बनाए जाते हैं. गड्ढा भर जाता है, तो उसके अंदर जमा हुआ मल खाद बन जाता है.
परमेश्वरन ये संदेश देना चाहते थे कि शौचालय साफ करना कोई घृणित काम नहीं है. इसे रोजमर्रा के बाकी कामों की तरह किया जाना चाहिए. गांवों में अक्सर ये वाले शौचालय बनाए जाते हैं. गड्ढा भर जाता है, तो उसके अंदर जमा हुआ मल खाद बन जाता है.

ये भी पढ़ें: 

PM मोदी ने जिस पूर्व IAS की तारीफ की, वो अपने हाथ से मल वाला गड्ढा साफ कर चुके हैं

‘स्वच्छ भारत’ के लिए पेंशन से मोदी को भेजता रहा पैसे

नरेंद्र मोदी की झाड़ू लगाई जगह पर मूत दिए बीजेपी कार्यकर्ता

ये स्टार्टअप कौओं को नौकरी देगा और पर्यावरण भी बचाएगा


क्या है IAS राजेंद्र पैंसिया का छाता सफाई मॉडल, जो पूरे UP में लागू होगा

लल्लनटॉप न्यूज चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं !

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें
A government official in Ernakulam sits beside a garbage pile to protest against it

टॉप खबर

एमजे अकबर ने अपने दोस्त की बेटी का भी यौन शोषण किया!

आरोप लगाने वाली पत्रकार ने कहा वो उस वक्त 18 साल की थी और अकबर 55 के.

नाना पाटेकर ने दस साल पहले कहा था 'सफाई देते हुए घिन आ रही है'

उस प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सामने आया है.

किसानों की 15 मांगों में वो कौन सी मांगें हैं जो बिल्कुल नहीं मानी जानी चाहिए?

पर कुछ मांगें सरकार चाह कर भी नकार नहीं सकती.

तनुश्री दत्ता के मामले पर सबसे अजीब बात शक्ति कपूर ने बोली

तनुश्री दत्ता-नाना पाटेकर मामले में अब तक क्या क्या हुआ, सब जानिए.

गांधी जयंती के दिन भिगोकर पीटे गए किसान, दिल्ली में प्रदर्शन से रोका

और आज उस आदमी का भी जन्मदिन है, जिसने जय जवान-जय किसान का नारा दिया था.

बिग बॉस में जाने की बात पर तनुश्री दत्ता ने दिया ये जवाब

लोग कह रहे हैं कि वो बिग बॉस में दिखने के लिए, फिल्म इंडस्ट्री में लौटने के लिए कंट्रोवर्सी कर रही हैं.

क्या यूपी पुलिस ने इस बार एक आम आदमी को एनकाउंटर में मार दिया है?

पुलिस की गोली से मरने वाला एपल कंपनी में मैनेजर था.

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को पलट दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने प्रमोशन में आरक्षण आसान कैसे बनाया, समझ लीजिए

अब हर मामले में पिछड़ापन साबित करने की बंदिश नहीं रहेगी. स्टेप बाय स्टेप समझिए कि कब क्या हुआ.

भारत बंद तो ठीक है, लेकिन इसमें हुई हिंसा और तोड़फोड़ की ज़िम्मेदारी कौन लेगा?

कांग्रेस की अगुवाई में 21 विपक्षी पार्टियों ने किया है भारत बंद.