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आतंकी हाफिज सईद के बेटे का काला सच, आतंकियों की भर्ती करता है, चीन का फ़ेवरेट है!

भारत ने इसी साल अप्रैल में तल्हा सईद को आतंकवादी घोषित किया था.

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Hafiz Saeed
आतंकी सरगना हाफिज सईद और तल्हा सईद. (फोटो- आजतक)
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सौरभ
20 अक्तूबर 2022 (Updated: 21 अक्तूबर 2022, 07:07 AM IST)
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पाकिस्तान की ज़मीन से पनपे आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में चीन कैसे रास्ता रोकता है, इसके उदाहरण देने की भी जरूरत अब बची नहीं हैं. बीते दिन, 19 अक्टूबर को भारत ने लश्कर-ए-तैएबा के सरगना हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद (Talha Saeed) को ब्लैक लिस्ट करने के लिए UN सिक्योरिटी काउंसिल में प्रस्ताव रखा. चीन ने अपने वीटो का इस्तेमाल करते हुए उसे खारिज करवा दिया. 

वैसे तो ये पाक और आतंक को चीन की कोई पहली 'अप्रत्यक्ष' मदद नहीं है, लेकिन हाफिज सईद के बेटे को बचाना ड्रैगन के मंसूबों को साफ कर देता है. क्योंकि इसी तल्हा सईद को भारत ने अप्रैल के महीने में आतंकी घोषित किया था. इसी तल्हा सईद पर भारत और अफगानिस्तान में आतंकी गतिविधियां प्लान कर हमले करवाने का आरोप है. हाजिफ सईद के लिए ये सिर्फ बेटा नहीं, बल्कि उसके आतंकी संगठन का एक जिम्मेदार नेता भी है.

भारत के लिए क्यों खतरा है तल्हा सईद?

26/11 के मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बेटा भी उसी की तरह भारत के खिलाफ जहर उगलता, गाहे-बहागे सुना ही जाता है. करीब साढ़े 5 साल पहले फरवरी, 2017 में तल्हा सईद का एक वीडियो वायरल हुआ था. इस वीडियो वो हाफिज सईद की तरह ही कश्मीर पर भड़काऊ बयानबाजी करता दिख रहा था. आजादी के नारे लगवा रहा था.

बताया जाता है कि 47 साल का तल्हा, लाहौर की एक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर भी था. लेकिन फिलहाल तो वो हाफिज सईद के आतंकी संगठन में अहम भूमिका में है और उसपर भारत में हमलों को अंजाम देने की कोशिश में जुटे रहने का आरोप है.

बीते 8 अप्रैल, 2022 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मोहम्मद तल्हा सईद के नाम एक नोटिफिकेशन जारी किया. इस नोटिफिकेश में सरकार ने सईद को आतंकी घोषित करते हुए बाकायदा इसकी वजहें गिनवाईं. लेकिन बीजिंग को या तो ये वजहें समझ नहीं आईं या उसने समझने की जहमत नहीं उठाई. गृह मंत्रालय ने अपने नोटिफिकेशन में कहा-

- पाकिस्तान के लाहौर के रहने वाला हाफिद सईद का बेटा तल्हा सईद लश्कर-ए-तैयबा का एक सीनियर लीडर है और इस आतंकी संगठन की मौलवियों की शाखा का प्रमुख भी है.

- तल्हा सईद लश्कर के लिए फंड इकट्ठा करता है और आतंकियों की भर्ती का काम देखता है. वो भारत और अफगानिस्तान में भारत के हितों वाले इलाकों में आतंकी हमलों का प्लान बनाता है. 

- तल्हा सईद लश्कर के सेंट्रर्स में जाकर वहां भारत, इजरायल, अमेरिका और पश्चिम के वो देश जहां भारत के हित हैं, उनके खिलाफ जहरीले बयान देता है.

गृह मंत्रालय का नोटिफिकेशन
सांसद बनने गया था

पाकिस्तान में साल 2018 के आम चुनाव में हाफिज़ सईद का बेटा और उसके दामाद, दोनों ने चुनाव लड़ा था. बेटे तल्हा ने सरगोधा से चुनाव लड़ा था और दामाद हाफिज़ खालिद वलीद ने लाहौर से. इन दोनों ने 'अल्लाह-ओ-अकबर तहरीक' (AAT) के टिकट से चुनाव लड़ा था. चुनाव में आतंकी संगठन जमात-उद-दावा ने अपनी एक राजनीतिक पार्टी बनाई थी. पार्टी का नाम था मिल्ली मुस्लिम लीग (MML). लेकिन पाकिस्तान के अंग्रेजी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, वहां के चुनाव आयोग ने इस पार्टी को मान्यता नहीं दी. इसके बाद इन लोगों ने AAT से चुनाव लड़ा. हालांकि, AAT के बारे में कहा जाता है कि उसका MML से सीधा कनेक्शन था. वैसे तो इस पार्टी ने 250 उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन सीट एक भी नहीं मिली.

LoC पर धरना दिया

साल 2016 में कश्मीर में भयानक बाढ़ आई थी. हालात इतने खराब थे कि सेना को मोर्चा संभालना पड़ा. इस दौरान एक अजब वाकया सामने आया. जब भी कोई देश किसी संकट या त्रासदी से जूझ रहा होता है, तो पड़ोसी मुल्क और दूसरे देश उसकी सहायता करने आगे आते हैं. ऐसा तब होता है जब पीड़ित देश सहायता मांगे या फिर वो उन परिस्थितियों से निपटने में सक्षम ना हो. फिर भी अगर कोई देश पीड़ित देश की सहायता करता है, उसमें दोनों देशों की सरकारें शामिल होती हैं. विदेश मंत्रालय के जरिए प्रकिया पूरी होती है. लेकिन 2016 में जब कश्मीर में बाढ़ आई, तो पाकिस्तान का आतंकी संगठन जमात-उद-दावा सहायता के नाम पर नाटक करने लगा.

जो जमात हजारों मौत का सौदागर है, उससे जुड़ा एक संगठन है फलाह-ए-इंसानियत. ये नाम सुनकर शायद 'विडंबना' भी मर जाना चाहती होगी. इसी संगठन के कुछ लोग LoC पर आते हैं और कहते हैं कि वो कश्मीर में बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत का सामान लाए हैं और उन्हें भारत जाना है. लेकिन पाकिस्तानी सैनिक उन्हें रोक देते हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक फलाह-ए-इंसानियत के चेयरमैन हाफिज़ अब्दुर रउफ ने कहा था, 

"हमने पाकिस्तानी अधिकारियों से गुजारिश की है कि हम अपने घायल कश्मीरी भाइयों के लिए 10 से अधिक ट्रकों में राहत सामग्री, सूखा राशन और दवाएं देने के लिए भारतीय सेना से बात करें, जिन्हें इसकी सख्त जरूरत है."

पाक सेना ने जब रोका तो मुजफ्फराबाद से 52 किलोमीटर दूर LoC पर चकोठी गांव में ये लोग वहीं धरने पर बैठ जाते हैं और जिद करते हैं कि उन्हें राहत सामाग्री हिंदुस्तान भेजनी है. इन्हीं लोगों में शामिल था तल्हा सईद. फिर वहां एक रैली होती है और तल्हा हाफिज सईद का संदेश पढ़ता है,

"कश्मीर एक दिन पाकिस्तान में होगा."

नूपुर शर्मा विवाद में तल्हा की बयानबाजी

पैगंबर पर बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की विवादित टिप्पणी के बाद देश के भीतर और बाहर हर तरफ से आपत्ति जताई गई. लेकिन ये मुद्दा पाकिस्तान में एक अलग ढंग से बेचा गया. और भारत के खिलाफ जहर उगलने का ये मौका तल्हा ने भी नहीं छोड़ा. पाकिस्तान के पत्रकार गुलाम अब्बास ने दी लल्लनटॉप से बातचीत में बताया कि तल्हा ने इस विवाद के बाद कई दफे नफरती बयानबाजी की. उसने नूपुर शर्मा के साथ-साथ भारत के खिलाफ भी भड़काऊ बयान दिए.

वीडियो: पाकिस्तान ने रूस-यूक्रेन वॉर के बहाने UNGA में कश्मीर पर टिप्पीण की तो भारत ने धो डाला

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