आपने आखिरी बार चिट्ठी कब लिखी थी? ये सवाल आपको थोड़ा सा चौंका सकता है. क्योंकिचिट्ठी लिखने की परंपरा हमारे बीच से लगभग खत्म ही हो गई है. लेकिन प्रतियोगीपरीक्षा की तैयारी करने वाले लोगों के लिए यह अभी भी बहुत काम की चीज है. केंद्रसरकार से लेकर राज्य सरकार तक के भर्ती आयोग, कैंडिडेट्स को परखने के लिए एग्जाममें लेटर लिखवाते हैं. 29 सितंबर 2019 को ऐसी ही एक परीक्षा हुई. SSC CHSL 2018 केटियर 2 की. जिसमें कैंडिडेट्स को एक लेटर लिखने के लिए कहा गया. लेटर के डिटेल्सकुछ यूं थे-आप शिवानी/शिव, निवासी CGO काम्प्लेक्स लोधी रोड़, नई दिल्ली 110003 हैं. अपने छोटेभाई नमन को पत्र लिख कर सेल फोन के अत्यधिक प्रयोग से होने वाली हानियों से अवगतकराएं. (शब्द सीमा: 150 शब्द)बेगूसराय के प्रिंस भी इस एग्जाम में हिस्सा ले रहे थे. लेटर उन्होंने भी लिखा.अच्छे से लिखा. टियर 1 में 200 में से 161 नंबर लाने वाले प्रिंस को पूरी उम्मीद थीकि टियर 2 भी आसानी से निकल जाएगा. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. 20 फरवरी 2020 को रिजल्टआया. प्रिंस को टियर 2 में 0 मार्क्स मिले और उन्हें एग्जाम के लिए अनक्वॉलिफाइड करदिया गया था.क्यों किया गया ऐसा? इसका जवाब मिला आरटीआई से. बताया गया कि प्रिंस नेलेटर के आखिर में लिखा था-माता पिता को प्रणाम तथा छोटी को स्नेह देना तुम्हारा अग्रज शिवSSC ने 'छोटी' शब्द को UFM यानी Unfair means नियमों का उल्लंघन माना. और इसी कीवजह से उन्हें अनक्वॉलिफाइड कर दिया गया. बावजूद इसके कि 100 नंबर के इस एग्जाम मेंउन्होंने 76 नंबर स्कोर किए थे. लेकिन एक छोटी की वजह से उन्हें नंबर मिले 0. छोटी को UFM मानते हुए SSC ने प्रिंस को 76 की बजाय 0 नंबर दिया.दी लल्लनटॉप से बात करते हुए प्रिंस कहते हैं, जैसे अंग्रेजी में लेटर के आखिर मेंलिखते हैं, लव्ज टू यंगर. वैसे ही मैंने हिंदी में लिखा कि छोटी को स्नेह देना. तोउन्होंने छोटी को आइडेंटिटी मानते हुए मेरी उम्मीदवारी ही निरस्त कर दी. टियर 1 मेंमेरे 161 नंबर आए थे. टियर 2 में 76 नंबर आए. मेरा सेलेक्शन तो होता ही, साथ हीमुझे कोई भी पोस्ट मिल जाता. लेकिन केवल एक छोटी की वजह से मेरी दो साल की तैयारीखराब हो गई. डिस्क्रिप्टिव का पेपर मैं पहले भी लिख चुका हूं. पिछले बार भी मेरे 50में 40 मार्क्स थे. लेकिन टाइपिंग न कर पाने की वजह से बाहर हो गया था. ऐसा नहीं थाकि ये पहली बार था और मुझे नियम नहीं पता थे. ऐसा केवल प्रिंस के साथ ही नहीं हुआ.25 फरवरी 2020 को घोषित CHSL 2018 टियर 2 के रिजल्ट में 4560 ऐसे कैंडिडेट थे जोUFM के चलते बाहर हो गए. पहले CHSL को समझ लेते हैं फिर UFM की बात करेंगे. CHSLयानी Combined higher secondary level Exam. इसके जरिए केंद्र सरकार लोवर डिविजनलक्लर्क, पोस्टल असिस्टेंट, कोर्ट क्लर्क और डेटा इंट्री ऑपरेटर जैसे पदों के लिएभर्ती करती है. CHSL की परीक्षा तीन चरणों में होती है. टियर 1 में ऑनलाइनऑब्जेक्टिव सवाल पूछे जाते हैं. टियर 2 में डिस्क्रिप्टिव एग्जाम होता है यानी किपेन और पेपर वाली परीक्षा. टियर 3 में टाइपिंग और डेटा इंट्री स्पीड का टेस्ट होताहै.#SSC_IMAGINARY_UFMHarassing sincere candidates is a new normal for Staff Selection Commission.SSC's New Mandate- Persecute, torment, and harass genuine candidates so thattheir future become bleak and dark. @sscchief@PMOIndia@DoPTGoI@architguptanbt@SardarVmpic.twitter.com/Aw3lRvztFV— Priya Jain (@PriyaJa97420108) April 11, 2020अब बात UFM की. आसान भाषा में समझें तो SSC इस नियम के जरिए कैंडिडेट्स को परीक्षामें अनुचित साधनों का प्रयोग करने से रोकता है. जैसे -1. कैंडिडेट ऑन्सर शीट में अपनी पहचान नहीं उजागर कर सकता. ऑन्सर शीट में नाम पतामोबाइल नंबर आदि नहीं लिखा जा सकता. ऐसा करने पर 0 मार्क्स दिए जाते हैं.2. कैंडिडेट बुकलेट में दिए स्थान के अलावा कहीं भी साइन नहीं कर सकता. गलती सेनिरीक्षक के कॉलम में भी अगर साइन कर देता है तो ऑन्सर शीट चेक नहीं होती.3. ऑन्सर शीट में कहीं भी कोई निशान बनाने या रफ कॉपी करने पर भी प्रतिबंध है.4. यदि कोई कैंडिडेट निश्चित शब्द सीमा से 10 प्रतिशत ज्यादा लिख देता है तो उसकेनंबर काटे जा सकते हैं.पते के साथ में 56 और 123 जैसे इमेजिनरी नंबर डालने वालों को भी UFM के चलते फेल करदिया गया.अब सवाल ये उठता है कि UFM तो पहले भी लागू था. और तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स केलिए तो ये बेसिक सी चीज है. इसके बारे में कैंडिडेट्स को भी पता ही होगा. तो फिर इसबार ऐसा क्या हुआ कि जिसने इतनी बड़ी संख्या में कैंडिडेट्स को बाहर कर दिया.इस सवाल का जवाब देते हुए जयपुर के विवेक कहते हैं, एग्जाम के सारे नियम-कानूननोटिफिकेशन जारी होने के समय ही बता दिए जाते हैं. नोटिफिकेशन में था कि आप अपनीरियल आइडेंटिटी नहीं लिख सकते हैं. नाम रोल नंबर या फिर पता वगैरह कुछ भी. इस बारएसएससी ने क्या किया कि एग्जाम के समय बुकलेट में एक नया वर्ड डाल दिया रियल केसाथ-साथ 'इमेजिनरी.' ये सिर्फ बुकलेट में था जो हमें एग्जाम शुरू होने के पांच मिनटपहले मिलता है. ना ही इसके बारे में नोटिफिकेशन में कुछ कहा गया था और ना ही प्रवेशपत्र में इसकी जानकारी दी गई थी. और इसी इमेजिनरी के आधार पर इतने लोगों को UFMकिया गया. 15 अप्रैल 2020 को जारी नोटिस में SSC ने खुद स्वीकार किया है कि नोटिफिकेशन में 'इमेजिनरी' वर्ड नहीं था. इसे एग्जाम के समय ऐड किया गया है.विवेक भी उन 4560 कैंडिडेट्स में से हैं जिन्हें टियर 2 में 0 नंबर मिले हैं. 2017में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जॉब छोड़ SSC की तैयारी शुरू करने वाले विवेक कहते हैं,क्वेश्चन में हाउस नंबर नहीं दिया गया था. लेटर को भेजने के लिए हाउस नंबर की जरूरततो होती ही है तो मैंने एक इमेजिनरी हाउस नंबर 123 लिख दिया. मैंने वही किया जो अबतक किताबों में पढ़ता आया था. पहले के एग्जाम्स में भी 123, XYZ, ABC जैसे एड्रेस,नाम यूज किए जाते रहे हैं. ये कोई नया नहीं था. लेकिन रिजल्ट आने पर जब मैं अपनास्कोर चेक करने गया तो वहां लिखा था UFM ऐड्रेस. यानी कि इमेजिनरी ऐड्रेस लिखने कीवजह से UFM लगा है. अब मुद्दा ये है कि इन्होंने रूल चेंज कर दिया और किसी को बतायाभी नहीं. जिस रूल को बदलकर ये 4560 बच्चों को फेल कर रहे हैं उसका इन्होंने कोईनोटिस नहीं निकाला. सब रिजल्ट वाले दिन पता चला. CHSL 2018 की ही एक ऑन्सर शीट जिसमें 'शुभाशीष' और 'अग्रजा' जैसे शब्दों पर UFMनहीं लगा है.कैंडिडेट्स के मन में एक बड़ा डर CGL यानी Combined Graduate Level Exam और MTSयानी Multi Tasking Staff Exam के रिजल्ट को लेकर भी है. इनका रिजल्ट लास्ट अप्रैलसे मई के पहले हफ्ते तक में आने की उम्मीद है. विवेक कहते हैं, CGL के क्वेश्चनपेपर में लेटर भेजने वाले और रिसीव करने वाले दोनों के बारे में कुछ नहीं कहा गयाथा. लेकिन अब लेटर है तो भेजने वाला भी होगा और रिसीव करने वाला भी होगा ही. ऐसेमें कैंडिडेट्स ने अपने मन से ही काल्पनिक नाम पता लिख दिया है. CGL में टियर 1 औरटियर 2 दोनों ही ऑब्जेक्टिव एग्जाम होते हैं. इसमें काफी टफ कंम्पीटीशन से होकरकैंडिडेट तीसरे टियर तक पहुंचता है. आप ही बताइए ये कहां तक सही है कि इन छोटी सीचीजों की वजह से पूरे मेहनत को जीरो कर दिया जाए. 2018 SSC CGL में मेरे 600 में से515 मार्क्स हैं. और CHSL 2018 में 200 में से 150 है. लेकिन इमेजिनरी रूल की वजहसे अब कुछ समझ नहीं आ रहा है. सेलेक्शन होगा या नहीं होगा इस पर संशय हो गया है. हमघर वालों को समझा भी नहीं पा रहे कि क्यों फेल हुए. #SSC_UFMISSUE pic.twitter.com/juRRajNiPC— Abhijeet chauhan (@mickycooldude) April 21, 2020SSC का क्या कहना है? रिजल्ट आने के बाद UFM की वजह से बाहर हुए कैंडिडेट्स नेकमीशन को शिकायत करना शुरू कर दिया. ट्विटर पर भी कैंपेन शुरू कर दिया गया. 11अप्रैल को #SSC_IMAGINARY_UFM और #SSC_UFM पर एक लाख से ज्यादा ट्वीट हुए. जिसकेबाद SSC ने एक नोटिस जारी किया. इस नोटिस में बताया गया कि 4560 कैंडिडेट्स नेकमीशन के निर्देशों का पालन नहीं किया. ऑन्सर शीट में अपनी पहचान (वास्तविक याकाल्पनिक) उजागर की. इसलिए इन कैंडिडेट्स को रिजेक्ट कर दिया गया और 0 नंबर दियागया. यह एक्शन एग्जामिनेश के निर्देशों के आधार पर हुआ है. हालांकि कैंडिडेट्स कीशिकायतों को ध्यान में रखते हुए कमीशन ने विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाने का फैसलाकिया है. जो इस पूरे मामले की जांच करेगी. SSC के चेयरमैन ब्रजराज शर्मा ने भीलॉकडाउन खत्म होने के बाद मामले की जांच कराने की बात कही है. नवभारत टाइम्स से बातकरते हुए उन्होंने कहा, UFM को लेकर कई उम्मीदवारों की शिकायत हमें मिली है. आयोगउम्मीदवारों की शिकायतों की जांच करेगा और फिर इस पर अपना निर्णय देगा. अभी देशलॉकडाउन है और आयोग बंद है ऐसे में अभी जांच शुरू नहीं की जा सकती, लेकिन लॉकडाउनखत्म होने के बाद एसएससी उम्मीदवारों की शिकायतों पर जल्द से जल्द काम करेगा. SSCके कमेटी बनाने और जांच कराने के फैसले से कैंडिडेट्स को कोई बहुत ज्यादा उम्मीदनहीं है. उनका कहना है कि रिजल्ट पब्लिश होने और नियुक्तियों के पूरा हो जाने केबाद कमेटी कुछ भी डिसीजन दे, उससे क्या ही होगा? प्रिंस कहते हैं, मैं एसएससी केऑफिस भी गया था. वहां मैंने उनको बुकलेट भी दिखाया. उनको भी पता है कि ये गलत हैलेकिन वहां कोई ये मानने को तैयार ही नहीं है. वो कह रहे हैं आप कुछ भी लिखो, छोटीलिखो या बड़ी लिखो अब जो मिल गया सो मिल गया. अब इसमें कुछ नहीं हो सकता. अबरात-रात भर नींद नहीं आती है. किसी तरह से समय काट रहे हैं लॉकडाउन के बाद घर चलेजाएंगे. जब उन्हें मनमानी ही करना है तो हम क्या ही कर लेंगे. दो चार दिन जाकरप्रोटेस्ट कर सकते हैं और क्या? कैट कोर्ट में केस लड़ने के लिए डेढ़-दो लाख रुपएफीस मांगते हैं. इतना पैसा हम लोग कहां से दे पाएंगे?#SSC_REMOVE_IMAGINARY_UFMSsc=What do u expect from us? Studens= pic.twitter.com/FUsO88DlNw— Manoj Tanan (@tanan_manoj) April 19, 2020SSC या किसी भी एग्जाम में जब ये युवा ऑन्सर शीट पर लेटर लिखते हैं तो उन्हें एकउम्मीद होती है. नौकरी के ऑफर लेटर की उम्मीद. अपने घरों से सैकड़ों किलोमीटर दूरकिराए के कमरों में रहकर इस ऑफर लेटर के लिए दिन रात मेहनत करते हैं. लेकिन आयोगोंद्वारा भर्ती प्रक्रिया के बीच में किए गए बदलाव उनकी इस उम्मीद पर पानी फेर देतेहैं. और इन युवाओं को नाउम्मीदी और निराशा से भर देते हैं. उम्मीद है कि इन युवाओंकी मांग पर SSC पर जरूर ध्यान देगा.--------------------------------------------------------------------------------कोरोना लॉकडाउन के इस दौर में स्टूडेंट्स कई मोर्चों पर लड़ाई लड़ रहे हैं. लेकिनये लड़ाई अकेले की नहीं. इसलिए अनुभव साझा करना है जरूरी. अगर आप भी अपने दोस्त दीलल्लनटॉप के साथ शेयर करना चाहते हैं अपनी दिक्कतें और एक्सपीरिएंस तो हमें मेलकरें YUVA.LALLANTOP@GMAIL.COM पर.--------------------------------------------------------------------------------LDC 2018: राजस्थान के ये हजारों युवा अशोक गहलोत सरकार से क्या मांग कर रहे हैं?