पुतिन-किम के मिलन से बाइडन का कुलबुलाना तो ठीक है, लेकिन शी जिनपिंग को क्यों टेंशन हो गई?
पुतिन और किम के इस ‘ब्रोमांस’ से पश्चिम के माथे पर शिकन पड़ रही है. ये तो अपेक्षित था. मगर अंदर की ख़बर है कि ये संबंध चीन को भी नहीं सुहा रहे. दूसरी बात, कि ये ब्रेमांस नहीं है. मतलब का रिश्ता है. दोनों का, दोनों से मतलब निकलता है.
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पुतिन और किम जॉन्ग उन. (फ़ोटो - एजेंसी)
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