आज-कल तो हर चिरकुट सेल्फियापे का शिकार है. कभी फोटो खींचना हुनरमंदों के वास्तेथा. ऐसा ही एक लड़का था रघु राय. अभी भी है, पर लड़कपना तो बीत गया होगा न. पहलीफोटू गधे के बच्चे की खींची थी. लद्दाख में. फिर तो दर्जनों अमर चित्र उतारे. उनकीएक किताब आई है. रूपा पब्लिकेशन वालों का एक और प्रिंट है. अलेफ. उसी से. नाम हैपीपल. इसमें रघु राय के खींचे लोगों के पोट्रेट हैं. कवर पर साधना में आंख मूंदेंअपने उस्ताद बिस्मिल्ला खान हैं. भीतर नेता से लेकर हीरोइन तक, कलाकार से लेकरबंजारे तक सब हैं. हर तस्वीर को मिनटों निहार सकें. और उस किताब की 12 तस्वीरें हमले आए आपके लिए. देखें. पढ़ें. अमृता प्रीतम. साहिर लुधियानवी से वहशियों सा प्यारकरती थीं. इत्ता कि साहिर की जूठी सिगरेट के ठूंठ जला जिगर जलाती थीं. उनकी एककिताब जरूर पढ़िएगा. रसीदी टिकट. ऑटोबायोग्राफी. ये नाम क्यों. किसी से अमृताबोलीं. अपनी जिंदगी पर किताब लिख रही हूं. उसने कहा, तुम्हारी लाइफ में क्या है, एकरसीदी टिकट के पीछे सब आ जाएगा. टाइगर पटौदी. शर्मिला टैगोर. परी कथाओं सा प्यार.एक बंगाली भद्र लोक से आई नायिका. जिसे पर्दे पर पहला सुपर स्टार दीवानों की हद तकचाहता था. मगर पर्दे के बाहर असल जिंदगी में उसने मंसूर से मुहब्बत की. इंडियनक्रिकेट में बेखौफ हो खेलने की आदत इसी लड़के ने डाली. पहले टेस्ट से ही. और हां,भोपाल के नवाब परिवार से आते थे जनाब. इसीलिए इन दोनों के साहिबजादे सैफू को नवाबकहते हैं सब. जनरल जिया उल हक. पाकिस्तान की तरक्की का चक्का उल्टा करने वाला आदमी.इसने इंटरनेशनल प्रेशर को किनारे किया और पॉपुलर लीडर जुल्फिकार को फांसी पर चढ़ादिया. फिर मुल्क में कट्टरपंथियों को छाती से चिपका लिया. अफगानिस्तान में रूस केविरोध के नाम पर जिहादियों को खुल्ला पइसा बांटा. और उसके लिए अमरीका से पेल केवसूली की. आखिरी में जहाज से जा रहे थे, बम फटा और मर गए. महान बाप के कद की बराबरीके तो बहुत किस्से कहे सुने गए. सुनील गावस्कर और रोहन. अमिताभ बच्चन और अभिषेक.मगर मां की बराबरी वाले अफसाने कुछ कम रहे. ये तस्वीर देखिए. गजब की प्रतिभाशाली औरसपनों सी सुंदर सुचित्रा सेन. देवदास वाली. आंधी वाली. यहां तस्वीर में. और उसकेसामने. बेटी मुनमुन. फ्लॉप एक्ट्रेस. इनकी बेटियां भी फ्लॉप रहीं. पर अब मुनमुनमाननीय लोकसभा सांसद हैं. थैंक्स टु ममता दी. रघु राय को उनकी पॉलिटिकल याहिस्टोरिकल पोट्रेट के लिए ज्यादा जाना जाता है. मगर मुझे उनकी वे तस्वीरें ज्यादालुभाती हैं, जहां सब्जेक्ट मशहूर नहीं है. इसलिए उन्हें देखते हुए कोई बैगेज नहींरहता. आप जैसे चाहें, वैसे व्याख्या करें. जैसे चाहें वैसे कलई उतारें. यही देखिए.धोबी के बच्चे. ये धोबी भइया रघु राय के घर कपड़े लेते आते थे. कुछ लोग हैं, जिनकीजिंदगी लालच भरती है. बेहिसाब. जैसे खुशवंत सिंह. और पीछे लौटें तो जैसे राज कपूर.नरगिस से प्यार किया. मगर उनकी मां जद्दन बाई राजी नहीं हुईं. प्यार अधूरा रह गया.उसे फिर फिर पूरा करते रहे. आरके स्टूडियो का लोगो देखिए गौर से. एक कलाकार, जिसनेऔरत की देह की हर सुंदरता को पर्दे पर पनाह दी. सामाजिक चेतना ऐसी कि विधवा विवाहसे लेकर किशोर वय की कामनाओं तक सबको फिल्मों में ले आए. यहां अपने दड़बे में.बेफिकर. एक ठहाके के ठीक पहले सा कुछ. और ऊपर. बीच में बाप. पृथ्वी राज कपूर. अकबरसी शख्सियत. किनारे नरगिस. नाम में ही कैसा सुर है. और एक तरफ वैजयंती माला. सबसेसफल फिल्मों में से एक संगम की हीरोइन. गले मिली सहम-सहम, भरे गले सी बोलती, ये तुमन थीं तो कौन था, तुम्हीं तो थीं. बांग्लादेश कैसे बना. बना तो पाकिस्तान था. 1947में. दो हिस्सों में. पूर्वी और पश्चिमी. फिर पश्चिमी के पाजी नेताओं और जनरलों नेबदमाशी शुरू कर दी. बांग्ला भाषियों के साथ सौतेला सुलूक. विरोध तेज हुआ. उनके जनमतको भी मुंह बिरा दिया गया. आंदोलन हुआ तो पहुंच गए फौजी ले बंदूक. मारकाट चालू हुईतो सब बांग्लादेशी हमारे हिंदुस्तान में घुसने लगे. लाखों की संख्या में. जैसेआज-कल सीरिया वाले जगह-जगह भटक रहे हैं. तब की है ये तस्वीर. बिस्मिल्ला खां.हिंदुस्तान से. बनारस से. गंगा-जमुना के मेल से. तहजीब से. मिट्टी से. उनकी शहनाईखूब सुनी. आजादी पर बजाई. गंगा जी के घाट पर बजाई. बाबा विश्वनाथ के लिए बजाई. हमेंलगता रहा. उस्ताद फेफड़ों का खूब ख्याल करते होंगे. यहां इंसान दिख रहा है. हाथ मेंसिगरेट लिए. सबके अपने चीट डे होते हैं न. एक पेड़ को बचाने के लिए तुम क्या करोगे.एक काम करो. उसे हग कर लो. पेड़ की देह पर तुम्हारी देह. तब कोई कैसे कुल्हाड़ीमारेगा. कतल हो जाएगा न पूरा का पूरा कानून की नजर में. सुंदर लाल बहुगुणा ने यहीकिया. चिपको आंदोलन शुरू किया. ताकि जंगल बचाए जा सकें. असभ्य बर्बर शहरियों से.खजुराहो. सुनो तो दिखता है. मंदिर. काम वाला. इत्ती मुद्राएं कि कोई कर ले तोजिम्नास्ट बन जाए. ये मंदिर जंगल में छिपे थे. एक अंगरेज ने खोजे. अंगरेजों के वक्तरजवाड़े भी खूब बने रहे. उन्हीं में से एक ये परिवार रहा होगा. खजुराहो का राजपरिवार. उसी के एक राजा जी. राजा तो क्या रहे. सबको इंदिरा ने खत्म कर दिया. मगरपुराना वैभव भी सात पुश्तों में जाता है. यहां खूब जानवर नजर आ रहे हैं. शिकारीआहां. इसे देख मिले सुर मेरा तुम्हारा याद आ गया. तस्वीर का कंपोजिशन देखिए. सबसेपुराना क्या. इंसान. उसकी आवाज. उससे भी पुराने पत्थर. चट्टानों वाले पत्थर. उससेभी पुराना आसमान. मगर इन सबको जिंदा करता फिर एक इंसान. एस बालाचंदर. महान कलाकार.वीणा बजाते. जो ये किताब खरीदनी हो तो इस लिंक पर क्लिक कर लें.http://www.amazon.in/People-Finest-Portraits-Raghu-Rai/dp/9383064137/ref=sr_1_1?s=books&ie=UTF8&qid=1471959466&sr=1-1&keywords=people+raghu+rai