दोस्तो! अब मुझे पूरा यकीन हो गया कि मोदी सरकार जो भी करती है अच्छे के लिए करती है
आबो-हवा देश की बहुत साफ़ है, क़ायदा है कानून है इंसाफ है...
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फोटो - thelallantop
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मध्यप्रदेश के एक नेता अभिलाष पांडेय (प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता युवा मोर्चा मध्यप्रदेश) का कहना है कि पॉकेटमारी की घटनाएं बढ़ने का मतलब सरकार विकास कर रही है. तो इस हिसाब से -
# 1) देश में बेरोज़गारी बढ़ गई है क्यूंकि हर किसी ने स्टार्टअप खोल लिया है.
#2) छुरेबाज़ी की घटनाएं बढ़ गईं हैं, क्यूंकि भारत में लौह उत्पादन बढ़ गया है.
# 3) मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ गई हैं क्यूंकि समाज में मेलजोल बढ़ा है और सब मिलकर उसे मार रहे हैं जो आपकी विचारधारा से सहमत नहीं है.
# 4) रुपया गिर रहा है क्यूंकि लोगों के पास इतना ढेर रुपया हो गया है कि उसे पानी की तरह बहाया जा रहा है.
# 5) महिलाओं के प्रति क्राइम बढ़े हैं क्यूंकि अब पुलिस स्टेशन में क्राइम ज़्यादा रिपोर्ट किए जा रहे हैं. (ये वास्तविक कथन है.)
# 6) किसान आत्महत्या कर रहे हैं क्यूंकि, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनको स्वर्ग में 'सस्ते दामों में' मकान मिल रहे हैं.
# 7) पोल्यूशन बढ़ रहा है क्यूंकि सर्जिकल स्ट्राइक में गोल बारूद ज़्यादा यूज़ हो रहा.
# 8) कश्मीर का हल नहीं निकाला जा रहा क्यूंकि 'हल' तो सारे किसान लेकर स्वर्ग चले गए न!
# 9) इनटॉलेरेंस, कम्यूनलिज़्म जैसी चीज़ें बढ़ी हैं... ...दरअसल ये चीज़ें पहले से ही थीं अब लोगों का 'अंग्रेजी शब्दावली' बढ़ी है.
# 10) स्कूल, बिजली पानी जैसी मूलभूत समस्याएं हल नहीं हो पा रहीं क्यूंकि सरकार इन ‘टुच्ची-मुच्ची’ चीज़ों से ध्यान भटकाए बिना कुछ बड़ा करने की सोच रही है.
और फाइनली एक 'सरकारी आरती' -
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#2) छुरेबाज़ी की घटनाएं बढ़ गईं हैं, क्यूंकि भारत में लौह उत्पादन बढ़ गया है.
# 3) मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ गई हैं क्यूंकि समाज में मेलजोल बढ़ा है और सब मिलकर उसे मार रहे हैं जो आपकी विचारधारा से सहमत नहीं है.
# 4) रुपया गिर रहा है क्यूंकि लोगों के पास इतना ढेर रुपया हो गया है कि उसे पानी की तरह बहाया जा रहा है.
# 5) महिलाओं के प्रति क्राइम बढ़े हैं क्यूंकि अब पुलिस स्टेशन में क्राइम ज़्यादा रिपोर्ट किए जा रहे हैं. (ये वास्तविक कथन है.)
# 6) किसान आत्महत्या कर रहे हैं क्यूंकि, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनको स्वर्ग में 'सस्ते दामों में' मकान मिल रहे हैं.
# 7) पोल्यूशन बढ़ रहा है क्यूंकि सर्जिकल स्ट्राइक में गोल बारूद ज़्यादा यूज़ हो रहा.
# 8) कश्मीर का हल नहीं निकाला जा रहा क्यूंकि 'हल' तो सारे किसान लेकर स्वर्ग चले गए न!
# 9) इनटॉलेरेंस, कम्यूनलिज़्म जैसी चीज़ें बढ़ी हैं... ...दरअसल ये चीज़ें पहले से ही थीं अब लोगों का 'अंग्रेजी शब्दावली' बढ़ी है.
# 10) स्कूल, बिजली पानी जैसी मूलभूत समस्याएं हल नहीं हो पा रहीं क्यूंकि सरकार इन ‘टुच्ची-मुच्ची’ चीज़ों से ध्यान भटकाए बिना कुछ बड़ा करने की सोच रही है.
और फाइनली एक 'सरकारी आरती' -
आबो-हवा देश की बहुत साफ़ है, क़ायदा है कानून है इंसाफ है. अल्लाह मियां चाहे कोई जिए या मरे, आदमी को खून वून सब माफ़ है!
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