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दो होठों के मिलन ने जावेद अख्तर के लिए बहुत बड़ी प्रॉब्लम खड़ी कर दी थी

जीनियस जावेद अख्तर के बड्डे पे सुनिए उनका वो किस्सा जो कहीं और सुनने देखने को नहीं मिलेगा!

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17 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 17 जनवरी 2021, 05:45 AM IST)
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लेफ्ट में उस गीत का स्क्रीनशॉट जिसके ट्रांसलेशन में हुई थी दिक्कत और राइट में वो जिन्हें 'हुई थी' दिक्कत!
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एक साउथ इंडियन फ़िल्म आई थी जींस. भारत में बनी उस वक्त तक की सबसे महंगी फ़िल्म. विश्व के सातों आश्चर्य एक ही गाने में - उस वक्त तक के सबसे महंगे गाने में. ऐश्वर्या राय हीरोइन थी उस मूवी की.
अब फ़िल्म के निर्माताओं ने इसको हिंदी में रिलीज़ करने की सोची. फ़िल्म हिंदी में होगी तो ज़ाहिर है कि गाने भी हिंदी में होंगे. तो गानों को हिंदी में लिखवाने के लिए निर्माता गए जावेद अख्तर के पास.
अब जावेद अख्तर और जींस के निर्माता के बीच जो बातचीत हुई, उसे संवाद शैली में ही लिख दिया है, इंस्पायर्ड बाय सौरभ (ओके कॉपीड कह लीजिए)
जींस फ़िल्म के निर्माता: सर हमने एक फ़िल्म बनाई थी तमिल में. आज तक की सबसे महंगी फ़िल्म. रहमान का म्यूज़िक़  है उसमें. अब हम इसे हिंदी में लाना चाह रहे हैं. चाहते हैं कि इसके गीत आप लिखें.
जावेद अख्तर: वो तो ठीक है लेकिन मुझे सारे गीत देखने भी पड़ेंगे.
निर्माता: सर गाने देखने की क्या जरूरत? आपको म्यूज़िक़ की और गानों की ऑडियो कैसेट भिजवा देते हैं और हर गाने की सिचुएशन भी समझा देते हैं. बाकी तो आप संभाल ही लेंगे.
जावेद अख्तर: आप लोग समझ नहीं रहे, प्रॉब्लम के चलते मुझे इसके गाने देखने भी होंगे.
निर्माता:कैसी दिक्कत?
जावेद अख्तर: दिक्कत नहीं प्रॉब्लम
निर्माता: वही, कैसी प्रॉब्लम?
जावेद अख्तर: 'कैसी प्रॉब्लम' नहीं. सिर्फ ‘प्रॉब्लम’. नहीं समझे न? मैं समझाता हूं. देखो अंग्रेजी का एक शब्द है ‘प्रॉब्लम’. इसमें तीन अंग्रेजी के अक्षर हैं – ‘P’, ‘B’ और ‘M’. जानते हो अंग्रेजी के केवल यही तीन अक्षर हैं जिनमें ऊपर के होंठ नीचे के होंठों से मिलते हैं.
अब अगर गीत पहले लिखे जा चुके होते फिर फ़िल्म बनती, जैसा अमूमन होता है, तो तुम एक्टर्स से लिप सिंक करवा लेते. लेकिन चूंकि फ़िल्म तुम्हारी बन चुकी है पहले और अब लिखवा रहे हो गीत, तो मुझे देखना होगा न कि कहां कहां पर प्रॉब्लम हुई है, मतलब कहां कहां पर अंग्रेजी के तीन अक्षर आए हैं. मतलब कहां कहां पर होंठ मिले हैं. और उसी हिसाब से लिरिक्स लिखनी होंगी. जिससे की सब कुछ नेचुरल लगे.
(इसके बाद निर्माता एल्फाबेट बुदबुदाने लगे, ये वेरीफाई करने के लिए कि क्या वाकई में ऐसा है – A B C D E F...)
निर्माता: सर 'एफ'?
जावेद अख्तर: मैं लोगों को कहता आया हूं और तुमसे भी कह रहा हूं कि तलफ्फुज़ सही करो. 'फ' और 'फ़' में अंतर है मेरे भाई. और 'F' बोलते वक्त शब्द खत्म हो जाता है लेकिन होंठ नहीं मिलते. ट्राई अगेन.
(निर्माता फिर एल्फाबेट बुदबुदाने लगते हैं – A B C D E F G H I J K L M N O P Q R S T U V W...)
प्रॉब्लम शब्द को इसलिए ही तो प्रॉब्लम कहाजाता है क्यूंकि इसे बोलते वक्त प्रॉब्लम होती है,
प्रॉब्लम शब्द को इसलिए ही तो प्रॉब्लम कहा जाता है क्यूंकि इसे बोलते वक्त प्रॉब्लम होती है
निर्माता: सर 'डब्ल्यू'?
जावेद अख्तर: दो बातें – पहले तो वो 'डब्ल्यू' नहीं 'डबल यू' है. यानी अंग्रेजी का एक मात्र अक्षर जो दो अक्षरों से मिलकर बना है. और दूसरी बात, जो आपकी फ़िल्म में गीत लिखने के लिए ज़रुरी है वो ये कि - ‘डबल यू‘, या जैसा कि तुम कहते हो ‘डब्ल्यू’, जब कभी भी शब्दों में प्रयुक्त होता है तो होंठ नहीं मिलते. वाटर, वेटर...
बल्कि ‘डबल यू‘ और 'वी' में यही तो अंतर है. अंग्रेजी में सिखाया जाता है – Kiss the W and Chew the V.
मतलब, 'डबल यू' को चूमो और 'वी' को चबाओ. मतलब, जहां पर अंग्रेजी शब्दों में 'डबल यू' देखो तो गोल मुहं बना कर उच्चारित करो जैसे – 'Water', और जहां पर शब्दों में 'वी' देखो तो अपने नीचे वाले होठों को अपने दांतों से चबा कर उच्चारित करो जैसे – 'Virgin'.
मगर हम गैर आंग्ल भाषी लोग W और V को एक ही तरह से ट्रीट करते हैं, नहीं करना चाहिए.
निर्माता: सर आप ये बताइए पैसे कितने लोगे?
शायद निर्माताओं ने थ्री इडियट्स देखी होगी. आप जींस का सात अजूबों वाला गीत देखिए और जावेद अख्तर के ही गीतों में जावेद अख्तर को विश कीजिए – मैं कोई ऐसा गीत गाऊं:


ऊपर के वार्तालाप में लेखक ने बहुत सारी क्रिएटिव लिबर्टी ली है ताकि शब्दों और उसके उच्चारण को लेकर कुछ और बातें भी क्लियर हो सकें. मगर फिर भी 'प्रॉब्लम' वाला इंसिडेंट अक्षरशः सत्य है, जिसे लेखक ने अपनी मेमोरी के आधार पर लिखा है. 




एक कविता रोज़ में पढ़िए और जावेद अख्तर की ही आवाज़ में सुनिए उनकी एक कविता:

किन पहाड़ों से आ रहा है ये किस समन्दर को जा रहा है, ये वक़्त क्या है?

 

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