देश के लिए पति को मार डाला, कहानी नीरा आर्या की, जिन्होंने आजादी के बाद फूल बेचकर गुजारा किया
नीरा का जन्म 5 मार्च 1902 को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खेकड़ा में हुआ था. उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को बचाने के लिए अपने पति की जान ले ली थी. अंग्रेजों ने उन्हें काला-पानी की सजा सुनाई, काफी टार्चर किया फिर लालच भी दिए, लेकिन वो टस से मस नहीं हुईं.
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नीरा आर्या को सुभाष चंद्र बोस ने पहली महिला जासूस कहा था (PHOTO-Wikipedia)
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