ये कहानी परेश रावल के नेता बनने से पहले की है. परेश नेता बनने से बहुत पहले फेमसहो गए थे. पब्लिक बाबूराव को ज्यादा पहचानती है, परेश रावल को कम. वही बाबूरावगणपतराव आप्टे, जिनके डायलॉग का इस्तेमाल आदमी फोन पर गरियाने में करता है- फोन रख,रख तेरी मां की.लेकिन ये हम आज क्यों बता रहे हैं? क्योंकि परेश रावल का आज बड्डे है. ऐसे मेंपढ़िए उनके एक्टिंग करियर से जुड़े किस्से.30 मई, 1950 को मुंबई में पैदा हुए थे. परेश पढ़ाई पूरी करने के बाद इंजीनियर बननेको भटक रहे थे. लाइफ ने कुछ और बनाने का प्लान कर रखा था. तो एक्टर बन गए. 1984 मेंपहली फिल्म आई थी 'होली.' इस फिल्म में उनके साथ एक और लीजेंड ने इंडस्ट्री मेंएंट्री की थी. आमिर खान. उस जमाने में आमिर खान ने हीरो के रोल में फिल्मों कीशुरुआत की. परेश रावल को विलेन बनाया गया. इसके बारे में परेश ने एक इंटरव्यू मेंबताया था"भैया हम प्रोड्यूसर डायरेक्टर तो हैं नहीं. वो हमको जिस रोल के लिए चुनते हैं हमउसके लिए जान लगा देते हैं. ऐसा होता है कि शुरू में जिस भूमिका में चल जाओ, वो फिरउसी में रिपीट करने लगते हैं. इसी बीच महेश भट्ट, केतन मेहता और दिबाकर बनर्जी जैसेडायरेक्टर भी हैं. जिन्होंने हमको अलग भूमिका में काम कराने का रिस्क लिया."आमिर खान और परेश रावल का साथ रील लाइफ से रियल लाइफ तक कैसे रहा? सोचो. पहले रीललाइफ. अंदाज अपना अपना के सीन याद करो. जिसमें परेश रावल ने तेजा का रोल प्ले कियाथा."इस गेम का हर पत्ता कैसे खेलना है, मुझे अच्छी तरह आता है."लेकिन वो फिल्म थी कॉमेडी. विलेन की हरकतें भी देख कर हंसी आती थी. लोगों के लैपटॉपमें अब तक स्टोर पड़ी रहती है. जैसे मैक्स वालों के पास सूर्यवंशम की सीडी. फिरबाज़ी याद करो. उसमें वो जो छंगा आदमी रहता है. जिसके बारे में आमिर को आखिरी मेंपता चलता है कि उसकी जिंदगी की सभी मुसीबतों की जड़ यही छंगा है. फिर उसको मार केहेलीकॉप्टर में घुसा देता है. फिर रियल लाइफ में उनका पंगा. जब आमिर ने बयान दियादेश की इंटॉलरेंस पर. और परेश ने उनको आड़े हाथ लिया.https://youtu.be/iG8nNoH6AwU?t=13280 और 90 के दशक में परेश रावल ने तकरीबन सभी फिल्मों में निगेटिव रोल किए. उसजमाने के लोग जो कुमार शानू और अजय देवगन के फैन हैं. अब भी कभी कभी "जीता था जिसकेलिए...जिसके लिए मरता था" गाते हैं. उनको दिलवाले के अजय देवगन में अपना रूप दिखताथा. और मामा ठाकुर सबसे ज्यादा घिनहा दुश्मन. वही लोग जब सयाने हुए. घरवालों नेउनका प्रमोशन स्याही पोकने वाली कलम से बॉलपेन तक कर दिया. दिलवाले से आगे निकल करलोग नौकरी चाकरी वाले हो गए. तो परेश रावल के कलेवर ने भी पल्टी मार दी. 80s और 90sमें विलेन और सरदार, तमन्ना जैसी कुछ फिल्मों में बहुत गंभीर किरदार निभाने के बादपरेश कॉमेडियन हो गए.https://www.youtube.com/watch?v=lrPIWPGPi58हेराफेरी के बाबूराव गणपतराव आप्टे अपने आप में कल्ट किरदार है भाईसाब. मिडिल क्लासका कम कमाई और बड़े दिल वाला आदमी कैसा हो सकता है. उस रोल में परेश रावल के अलावाकिसी और को अब इमेजिन भी नहीं किया जा सकता. अपने किराएदारों से कुत्ते बिल्ली कीतरह लड़ता वो बुड्ढा कब उनके साथ साजिश में शामिल हो जाता है. ये ह्यूमन नेचर केशोध का विषय है. स्वीमिंग पूल में बाल्टी से पानी निकाल कर नहाना सबके बस का कामनहीं है. उस रोल के बाद कितने ही कॉमिक रोल किए. आवारा पागल दीवाना, दीवाने हुएपागल, हंगामा, हलचल, चुप चुपके, भागमभाग. और भाई मालामाल वीकली. उसमें एक्स्ट्रानिकले हुए दांत तो खोपड़ी में घुस गए हैं.परेश रावल की शादी स्वरूप संपत से हुई है. स्वरूप 1979 में मिस इंडिया रह चुकी हैं.उसके बाद उनका एक्टिंग करियर शुरू हुआ. अपनी शादी से जुड़ा वाकया शेयर किया था परेशरावल ने. जो बड़ा दिलचस्प है.पत्नी स्वरूप संपत के साथ परेश"स्वरूप के पिता जी इंडियन नेशनल थिएटर के प्रोड्यूसर थे. अपने दोस्तों के साथ मैंएक बंगाली ड्रामा देखने गया था. तो वहां स्वरूप को देखा. मैंने अपने दोस्त से कहाकि ये लड़की मेरी वाइफ बनेगी. उसने पूछा जानते हो किसकी बेटी है? मैंने कहा कि मेरीवाइफ बनेगी बस."https://www.youtube.com/watch?v=8nUwpoTrWFkएक और माइलस्टोन किरदार था ओह माई गॉड फिल्म का. इसके लिए बहुत तारीफें मिलीं परेशरावल को. कि धर्म के नाम पर जो छीछालेदर और ढोंग मचा है उसकी पोल पट्टी खोल दी.उसके बाद जब से पॉलिटिक्स में एंट्री हुई है तब से खेला कुछ बदला हुआ है. क्योंकियहां आदमी पॉलिटिक्स को निहायत घटिया चीज समझता है. लेकिन फिर भी हर चौक चौराहे परबात उसी पर होगी. ट्रेन के जनरल डिब्बों में सीट के लिए झगड़े होते हैं तो स्लीपरमें पॉलिटिकल ऑर्ग्यूमेंट्स जीतने के लिए. यहां हर आदमी नेता है और राजनीति से नफरतकरता है. उसी चक्कर में परेश रावल की गाड़ी भी हिचकोलें मार रही है. लेकिन हां,उनके स्टारडम में कुछ खास कमी नहीं आई है. राजनैतिक विरोधी भी उनकी फिल्मों के फैनहैं.--------------------------------------------------------------------------------वीडियो देखें: रिया के गिरफ्तार होने पर अंकिता लोखंडे ने जो लिखा, अब उस पर सफाईदी है