एक कविता रोज़ - अंतिम सुख
जो अंतिम दुख होगा/सुख की तरह होगा.
Advertisement

एक कविता रोज़ में आज पढ़िए राजस्थान के युवा कवि अहर्निश सागर की कविता 'अंतिम दुख'.
Quick AI Highlights
Click here to view more
अहर्निश सागर राजस्थान के नए खेप के कवियों में आते हैं. उदयपुर के एमएलएसयु से इन्होने पढ़ाई की है और विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में छपते रहते हैं. इनकी कविताओं को अगर इनके ही शब्दों में समझें तो ये वो हैं जो पहाड़ पर चढ़कर उसे जीतना नहीं, बल्कि उसके पार निकल जाना चाहते हैं. चाहते हैं जीवन की उन असीम संभावनाओं में गोते लगाना, जो पहाड़ की चोटी जीतने के बाद हमारी आंखों से ओझल हो जाती हैं.
आज एक कविता रोज़ में आपको पढ़ाएंगे अहर्निश की ही एक कविता - 'अंतिम सुख'.

