खतरे में तितलियों का वजूद, अगर हमें जिंदा रहना है तो इन्हें मरने से बचाना होगा
पिछले साल अगस्त के महीने से साइंटिस्ट की टीम ‘कुयाबेनो वाइल्डलाइफ रिजर्व’ में रिसर्च कर रही थी. लेकिन तितलियों को ही क्यों पकड़ा जा रहा था? इसका एक बड़ा कारण है. तितलियां बायोइंडिकेटर कही जाती हैं. बायोइंडिकेटर माने ये किसी जगह पर पर्यावरण की स्थिति के बारे में बता सकती हैं.
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जीव वैज्ञानिकों ने जंगल में कुल 32 जाल बिछाए. (Image: Kanika Thapliyal, Wikimedia Commons)
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