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बेटा के विधायक रहते पिता को सांसदी का टिकट, क्या अरविंद केजरीवाल की पार्टी भी अब परिवारवाद पर उतर आई है?

Arvind Kejriwal ने कहा था कि अब इस देश में परिवारवाद या दोस्तवाद नहीं बल्कि सिर्फ भारतवाद होगा. लेकिन Lok Sabha Elections 2024 के लिए AAP ने Mahabal Mishra को टिकट दिया है. उनके बेटे Vinay Mishra पहले से ही द्वारका विधानसभा सीट से AAP के विधायक हैं.

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Mahabal Mishra Arvind Kejriwal Vinay Mishra
बेटे विनय मिश्रा के विधायक रहते AAP ने महाबल मिश्रा को सांसदी का टिकट दिया है. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे/PTI)
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1 मार्च 2024 (Updated: 1 मार्च 2024, 15:47 IST)
Updated: 1 मार्च 2024 15:47 IST
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साल 2012. अफवाह उड़ी थी कि इस साल दुनिया खत्म होने वाली है. अफवाह थी, इसलिए दुनिया बच गई. लेकिन इसी साल देश की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हुआ. सत्ता के खिलाफ खड़े हुए एक आंदोलन से जन्मे कुछ नेताओं ने पार्टी बना ली. नाम दिया- आम आदमी पार्टी (Aam Admi Party). इसका संक्षेपण किया गया AAP के तौर पर. पार्टी के कर्ताधर्ता बने अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal).

उस समय के अपने बयानों में केजरीवाल ने कई वादे किए थे. उनमें ये बात भी शामिल रही कि वो ये सुनिश्चित करेंगे कि उनकी पार्टी में परिवारवाद ना हो. नवंबर 2012 में उन्होंने कहा था कि अब आम आदमी चुनाव लड़ेगा, आम आदमी वोट देगा और आम आदमी संसद में बैठेगा. उन्होंने दावा किया था कि उनकी पार्टी राजनीति और राजनीतिक दलों के काम करने का तरीका बदल देगी.

उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा था कि वो इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि उनकी पार्टी में कोई पारिवारिक शासन ना हो. 

साल 2022 के अगस्त महीने में भी उन्होंने परिवारवाद और दोस्तवाद को लेकर कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था,

"हमारा देश परिवारवाद और दोस्तवाद के वजह से पीछे रह गया है. एक पार्टी ऐसी है जिसने केवल और केवल एक परिवार के लिए काम किया है. सारा सरकारी पैसा एक परिवार के लिए लुटा दिया. और दूसरी पार्टी ऐसी है जिसने केवल अपने दोस्तों के लिए काम किया. सारा पैसा अपने दोस्तों पर लुटा दिया."

केजरीवाल ने कहा था,

"हमें प्रण लेना पड़ेगा कि अब इस देश से परिवारवाद खत्म करना है, दोस्तवाद खत्म करना है."

उन्होंने कहा कि अब इस देश में परिवारवाद या दोस्तवाद नहीं बल्कि सिर्फ भारतवाद होगा.

लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha Election) के लिए पार्टी ने जब महाबल मिश्रा (Mahabal Mishra) को टिकट दिया तो दिल्ली के मौजूदा सीएम के इस पूर्व दावे पर सवाल उठ गए. वो इसलिए क्योंकि महाबल मिश्रा के बेटे विनय मिश्रा (Vinay Mishra) आम आदमी पार्टी के विधायक हैं.

AAP में परिवारवाद?

लोकसभा चुनाव के लिए INDIA गठबंधन के तहत AAP और कांग्रेस के बीच सहमति बनी कि दिल्ली में AAP 4 सीटों पर और कांग्रेस 3 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. इसके बाद AAP ने इन सभी 4 चार सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी. पश्चिमी दिल्ली की लोकसभा सीट केजरीवाल की पार्टी के खाते में आई थी. इसी सीट से पार्टी ने महाबल मिश्रा को चुनाव मैदान में उतारा है. वो यहां से कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं. और बेटे विनय मिश्रा द्वारका सीट से AAP के विधायक हैं.

अपने एक दशक के राजनीतिक करियर में अरविंद केजरीवाल कई बार विपक्षी पार्टियों पर परिवारवाद का आरोप लगाते रहे हैं. ऐसे में महाबल मिश्रा को टिकट देने के बाद AAP के परिवारवाद नहीं करने वाले दावे पर सवाल उठने ही थे. 

ये भी पढ़ें: 'INDIA गठबंधन नहीं छोड़ा तो केजरीवाल गिरफ्तार होंगे', AAP ने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाया

कौन हैं Mahabal Mishra?

बिहार के मधुबनी जिले के सिरियापुर के रहने वाले हैं महाबल मिश्रा. मुजफ्फरपुर के एलएस कॉलेज से पढ़ाई की. दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के करीबी माने जाते थे. दिल्ली में ‘पूर्वांचल के नेता’ के तौर पर भी जाने जाते हैं. 

महाबल मिश्रा पहले कांग्रेस में थे. 1998 में उन्होंने नसीरपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के दिग्गज नेता विनोद शर्मा को हराया था. इसके बाद 2003 और 2008 में भी कांग्रेस ने उन पर भरोसा जताया और टिकट दिया. दिल्ली की द्वारका सीट से विधायक रहे. इसके बाद 2009 में पश्चिमी दिल्ली सीट से लोकसभा का चुनाव लड़े. जनकपुरी विधानसभा से लगातार 7 बार विधायक रह चुके भाजपा उम्मीदवार जगदीश मुखी को वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया.

Mahabal Mishra with Rahul Gandhi
राहुल गांधी के साथ महाबल मिश्रा (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)

इसके बाद आया साल 2020. जब महाबल के बेटे विनय मिश्रा AAP में शामिल हो गए. इसके पहले वो कांग्रेस की टिकट पर पालम विधानसभा सीट से अपनी किस्मत आजमा चुके थे. लेकिन इस चुनाव में उनको हार से संतोष करना पड़ा था. 

Mahabal Mishra with Arvind Kejriwal and Manish Sisodia
अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के साथ महाबल मिश्रा (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)

2020 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने आदर्श शास्त्री का टिकट काटकर विनय मिश्रा को टिकट दिया. विनय तो चुनाव जीत गए लेकिन तब तक उनके पिता महाबल मिश्रा को कांग्रेस ने पार्टी से निलंबित कर दिया था. आरोप लगा कि कांग्रेस में रहते हुए महाबल अपने बेटे और आप उम्मीदवार के लिए चुनाव प्रचार कर रहे थे.

Mahabal Mishra suspended from congress
2020 में कांग्रेस ने महाबल मिश्रा को पार्टी से निलंबित कर दिया था.

इसके बाद नवंबर 2022 में दिल्ली नगर निगम चुनाव से ठीक पहले उन्होंने अरविंद केजरीवाल की पार्टी का दामन थाम लिया. और अब 2024 में उनको पार्टी से लोकसभा का टिकट भी मिल गया.

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