Submit your post

Follow Us

सलमान खान को स्टार बनाने वाली 'मैंने प्यार किया' का हीरो पहले ये खूंखार एक्टर होने वाला था?

46
शेयर्स

चलिए आपको 30 साल पहले ले चलते हैं. 1989. इस साल सूरज बड़जात्या की डायरेक्शन में बनी पहली फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ रिलीज़ हुई थी. ये फिल्म 80 के दशक की सबसे बड़ी हिट फिल्म मानी जाती है. इसे सलमान खान के करियर की ऑफिशियल डेब्यू फिल्म भी माना जाता है. हालांकि इससे पहले सलमान 1988 में आई फिल्म ‘बीवी हो तो ऐसी’ से अपना करियर शुरू कर चुके थे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ‘मैंने प्यार किया’ के हीरो के लिए पहली चॉइस सलमान खान नहीं थे? वो नहीं थे तो कौन थे? इसी सवाल का जवाब आपको आगे मिलेगा क्योंकि जिस एक्टर को इस रोल के लिए चुना गया था. उन्होंने 2018 में ये बात सबको खुद ही बताई थी.

वो एक्टर हैं – पीयूष मिश्रा, उन्होंने ‘साहित्य आजतक 2018’ के इवेंट में बताया था कि उन्हें सलमान खान और भाग्यश्री स्टारर सुपरहिट फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ ऑफर हुई थी, लेकिन उन्होंने इसे नहीं लिया. जब पीयूष से पूछा गया कि ऑफर स्वीकार क्यों नहीं किया तब उन्होंने पूरा का पूरा किस्सा बताया-

“मुझे नहीं पता कि मैंने ये फिल्म क्यों नहीं की. मैंने सोचा भी नहीं था. दरअसल हुआ ये था कि मैं एनएसडी (नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा) में पढ़ाई करते हुए तीसरे साल में था. तब एक दिन मुझे मेरे डायरेक्टर मोहन महर्षि ने अपने चैंबर में बुलाया. वहां एक सज्जन बैठे थे. उनसे मिलवाते हुए बताया कि ये मिस्टर राजकुमार बड़जात्या हैं. ये अपने बेटे सूरज बड़जात्या को बतौर डायरेक्टर लॉन्च करना चाहते हैं. हिरोइन तलाश कर चुके हैं. अब हीरो तलाश में यहां आए हैं. तो बड़जात्या साहब मुझे देखकर बहुत खुश हुए. उस वक़्त मैं बहुत खूबसूरत हुआ करता था. साथ ही उन्होंने (राज कुमार बड़जात्या) अपना कार्ड देते हुए कहा कि आप राजकमल कलामंदिर आइएगा और मुझसे मिलिएगा.

जवानी. गुलाल. अब. लाइफ के तीन पड़ावों में पीयूष मिश्रा. (फोटोः एफबी)
जवानी. गुलाल. अब. लाइफ के तीन पड़ावों में पीयूष मिश्रा. (फोटोः एफबी)

इस सबके बाद मैं आजतक नहीं समझ पाया कि मैं वहां क्यों नहीं गया. पता नहीं मैं वहां क्यों नहीं गया. ना मैं तब कोई महान थिएटर कर रहा था. ये बात है 1986 की. फिर तीन साल बाद ‘मैंने प्यार किया’ आ गई जो कि सुपरहिट रही. तब जरा सी टीस हुई कि चला जाता. पता नहीं मिलता रोल या नहीं मिलता मगर चला तो जाता. लेकिन मुझे नहीं पता कि मैंने फिल्म में काम क्यों नहीं किया. मैं बेवकूफ नहीं जो फिल्म छोड़ देता, लोग कहते हैं कि मैंने थिएटर के कारण छोड़ दी, ऐसा नहीं है.”

पीयूष ने आगे कहा-

“मुझे इस बात का अफसोस नहीं है. नहीं की तो नहीं की. मैंने कभी नहीं सोचा कि अगर मैंने वो फिल्म की होती तो क्या होता. कैसा करियर होता.”

ये सारी बातें पीयूष मिश्रा की जुबानी यहां सुन लीजिए:

वैसे आपको बता दें कि फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ में सलमान खान वाले रोल के लिए कई एक्टर्स को आज़माया गया था. मगर वो सेलेक्ट नहीं हो पाए. इस लिस्ट में एक्टर दीपक तिजोरी, विंदु दारा सिंह, फ़राज़ खान और संजय कपूर जैसे नाम शामिल हैं.


Video- Alcohol से निजात पाने के लिए मैंने Acting शुरू की: Piyush Mishra

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्रिकेट के किस्से

जब वाजपेयी ने क्रिकेट टीम से हंसते हुए कहा- फिर तो हम पाकिस्तान में भी चुनाव जीत जाएंगे

2004 में इंडियन टीम 19 साल बाद पाकिस्तान के दौरे पर गई थी.

शिवनारायण चंद्रपॉल की आंखों के नीचे ये काली पट्टी क्यों होती थी?

आज जन्मदिन है इस खब्बू बल्लेबाज का.

ऐशेज़: क्रिकेट के इतिहास की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी दुश्मनी की कहानी

और 5 किस्से जो इस सीरीज़ को और मज़ेदार बनाते हैं

जब शराब के नशे में हर्शेल गिब्स ने ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दी

उस मैच में 8 घंटे के भीतर दुनिया के दो सबसे बड़े स्कोर बने. किस्सा 13 साल पुराना.

वो इंडियन क्रिकेटर जो इंग्लैंड में जीतने के बाद कप्तान की सारी शराब पी गया

देश के लिए खेलने वाला आख़िरी पारसी क्रिकेटर.

जब तेज बुखार के बावजूद गावस्कर ने पहला वनडे शतक जड़ा और वो आखिरी साबित हुआ

मानों 107 वनडे मैचों से सुनील गावस्कर इसी एक दिन का इंतजार कर रहे थे.

जब श्रीनाथ-कुंबले के बल्लों ने दशहरे की रात को ही दीपावली मनवा दी थी

इंडिया 164/8 थी, 52 रन जीत के लिए चाहिए थे और फिर दोनों ने कमाल कर दिया.

श्रीसंत ने बताया वो किस्सा जब पूरी दुनिया के साथ छोड़ देने के बाद सचिन ने उनकी मदद की थी

सचिन और वर्ल्ड कप से जुड़ा ये किस्सा सुनाने के बाद फूट-फूटकर रोए श्रीसंत.

कैलिस का ज़िक्र आते ही हम इंडियंस को श्रीसंत याद आ जाते हैं, वजह है वो अद्भुत गेंद

आप अगर सच्चे क्रिकेट प्रेमी हैं तो इस वीडियो को बार-बार देखेंगे.

चेहरे पर गेंद लगी, छह टांके लगे, लौटकर उसी बॉलर को पहली बॉल पर छक्का मार दिया

इन्होंने 1983 वर्ल्ड कप फाइनल और सेमी-फाइनल दोनों ही मैचों में मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता था.