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ब्रेंडन मैकुलम की वो पारी जिसे राहुल द्रविड़ ने 'टॉर्चर' का नाम दिया था!

आईपीएल के रुख़ से पर्दा उठने वाला है. मगर पर्देदारी के बीच. यूएई में. अब तक आईपीएल के 12 चैप्टर बीत चुके हैंं. बीते समय को याद किए बिना नए युग की बात बेमानी है. इसलिए हम लेकर आए हैं आईपीएल के इतिहास के चुनिंदा क़िस्से. आज का क़िस्सा एक अविश्वसनीय बैटिंग का है.


साल 2018. राहुल द्रविड़ ने क्रिकेट की वेबसाइट ईएसपीएन-क्रिकइन्फ़ो को एक इंटरव्यू दिया. उन्हें ब्रेंडन मैकुलम की एक पारी की याद दिलाई गई. दस साल पुरानी. द्रविड़ ने पेशानी पर जोर देते हुए कहा,

वो एक टॉर्चर था. उस टॉर्चर की सबसे अच्छी बात ये रही कि वो डेढ़ घंटे के भीतर खत्म हो गया.

ये कौन सी पारी थी? और, द्रविड़ उसे टॉर्चर का नाम क्यों दे रहे थे? ये सब जानने के लिए कैलेंडर को पीछे लिए चलते हैं. 11 साल पीछे. जहां से ये सब शुरू हुआ.

दो साल. तीन घटनाएं. जिन्होंने पहले इंडियन क्रिकेट को बदला. फिर वर्ल्ड क्रिकेट को.

जले पुतलों की वंदनाएं

पहला साल. 2007. भारतीय क्रिकेट में दो खास घटनाएं घटीं. 13 मार्च को वनडे वर्ल्ड कप शुरू हुआ. 23 मार्च तक टीम वर्ल्ड कप की दौड़ से बाहर हो चुकी थी. लीग फेज में बांग्लादेश और श्रीलंका से हारकर. पुतले जले. प्लेयर्स के घरों पर पत्थरबाजी हुई. खिलाड़ियों को छिपकर वापस आना पड़ा था. 

यही माहौल छह महीने के भीतर यू-टर्न ले चुका था. सितंबर का महीना. पहले वर्ल्ड टी-20 का बिगुल बजा. फटाफट क्रिकेट का महाकुंभ. भारतीय टीम को भी जाना था. उस वक्त इंडियन क्रिकेट में भूचाल मचा हुआ था. ग्रेग चैपल चैप्टर का धुआं अभी पूरी तरह छंटा नहीं था. तभी टीम को दूसरा झटका लगा. सचिन, द्रविड़ और गांगुली की तिकड़ी ने छोटा फॉर्मेट खेलने से मना कर दिया. बोले, नौजवानों को मौका मिलना चाहिए.

एक साल. दो वर्ल्ड कप. दो नतीजे और देश का माहौल ही बदल गया.
एक साल. दो वर्ल्ड कप. दो नतीजे और देश का माहौल ही बदल गया.

BCCI ने एकदम नई टीम उतारी. लंबी ज़ुल्फ. मस्तमौला चरित्र और बल्ले को गदे की तरह भांजने वाले लड़के की लॉटरी लगी. ऐलान हुआ, महेंद्र सिंह धोनी वर्ल्ड टी-20 में टीम इंडिया के कप्तान होंगे. मज़ेदार बात ये कि इस टीम का कोई कोच नहीं था. लालचंद राजपूत सबसे सीनियर अधिकारी थे. पद, टीम मैनेजर. भारत में टूर्नामेंट को लेकर मामूली चर्चा थी. उत्साह न के बराबर था. फिर एक ख़बर आई, भारत ने फ़ाइनल में पाकिस्तान को हरा दिया है. जिनके पुतले जलाए गए थे, उनके नाम की वंदनाएं गाई जाने लगींं.

एक सपना, जो शोर में दब गया

इस जीत के सात महीने बाद. साल नंबर दो. 2008. घटना नंबर तीन. T20 में एक एक्सपेरिमेंट हुआ. पैसों की गिनती मिलियन डॉलर्स में. खेल और ग्लैमर का कॉकटेल. मैचों के बीच में चीयरलीडर्स. आफ़्टर-मैच पार्टियां. भारत में पहली बार फ्रेंचाइजी लीग शुरू होने जा रही थी. नाम आईपीएल. इंडियन प्रीमियर लीग. जिसे बाद में इंडियन पैसा लीग भी कहा गया. 

18 अप्रैल, 2008. दिन शुक्रवार. जगह बेंगलुरु का मुदलियार चिन्नास्वामी स्टेडियम. पहला मैच. पहला पेपर. सारे कर्ता-धर्ताओं के सीने में धुकधुकी थी. आगे क्या होने वाला है? पास या फ़ेल? क्रिकेट किस करवट बैठेगा, ये भी तय होने वाला था.

आईपीएल के चेयरमैन ललित मोदी ने माइक थामा और बोले,

‘मेरी आंखों में लंबे समय से एक सपना पल रहा था कि इंडिया में फ्रेंचाइजी बेस्ड क्रिकेट लीग हो….’

ललित मोदी 1993 से भारत में फ्रेंचाइजी लीग शुरू करने का सपना देख रहे थे.
ललित मोदी 1993 से भारत में फ्रेंचाइजी लीग शुरू करने का सपना देख रहे थे.

स्टेडियम के शोर में ललित मोदी की आवाज़ दब गई. और वो कहानी भी जो 90 के दशक में शुरू हुई थी. ऐड गुरु पीयूष पांडे और क्रिकेटर अरुण लाल के साथ. तीनों ने मिलकर बीसीसीआई को 50 ओवर की फ़्रेंचाइज़ी लीग का प्रस्ताव दिया था. बोर्ड ने न कर दिया. डेढ़ दशक बाद वही प्रोपोजल झाड़-पोंछकर निकाला गया. जो थोड़े बदलाव के साथ आईपीएल का ड्राफ़्ट बना. खैर, वो कहानी फिर कभी.

ललित मोदी उस दिन तो अपनी कहानी नहीं सुना पाए. मगर जो छिप गया, वो आगे कई बड़ी कहानियों की उपजाऊ ज़मीन तैयार करने वाला था.

पहला सिक्का

पहले ही मैच में अचंभा दिखा. T20 को छोटा फ़ॉर्मेट बताकर वर्ल्ड कप में खेलने से मना करने वाले राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली मैदान में साथ-साथ उतरे. बतौर कप्तान. सौरव गांगुली कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए. मालिक शाहरूख खान. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए राहुल द्रविड़. मालिक विजय माल्या. एंटरटेनमेंट और बिजनेस इंडस्ट्री एक ही कतार में बैठी थी. क्रिकेट की वजह से या यूं कहें कि बहुत सारी लालसाओं को साधने की खातिर.

आईपीएल इतिहास के पहले मैच के दो कप्तान, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली.
आईपीएल इतिहास के पहले मैच के दो कप्तान, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली.

अंपायर आए. सिक्का उछला. बेंगलुरु के पक्ष में गिरा. द्रविड़ ने बॉलिंग चुनी. यहीं से संकेत साफ़ हो गए. कोलकाता के लिए बैटिंग की शुरुआत सौरव गांगुली के साथ ब्रेंडन मैकुलम ने की. पहला ओवर फेंकने आए प्रवीण कुमार. बस तीन रन बने. तीनों एक्स्ट्रा. मैकुलम पहली छह गेंदों पर अपना खाता तक नहीं खोल पाए. लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसे शास्त्रों में कत्लेआम की संज्ञा दी जा सकती है.

पहला शिकार बने ज़हीर खान. दूसरे ओवर में गेंद ज़हीर ख़ान के पास आई. पहली गेंद पर लड्डू. ज़हीर ने दूसरी गेंद थोड़ी आगे फेंक दी. मैकुलम के पैरों के पास. यॉर्कर की चाह मेंं. गेंद कोई हरकत दिखाती, इससे पहले ही मैकुलम ने बल्ला चला दिया था. टकराने के क्षणों के अंदर गेंद एक टप्पा खाकर मिड-विकेट बाउंड्री के पार निकल गई. आईपीएल के इतिहास में बल्ले से पहला रन निकल चुका था.

आशंका, जो सच हो गई

कुछ मिनटों से बंधे मैकुलम का खूंटा खुल चुका था. गुम बैठे दर्शकों में हरकत होने लगी. शोर बढ़ता गया और खुमार मैदान से निकलकर इंडियावालों के दिलों में बस गया. ज़हीर के ओवर में तीन चौके और एक छक्का लगा. मैकुलम की दहशत बेंगलुरु में प्रसाद की तरह बंटी. प्रवीण कुमार से लेकर जैक्स कैलिस तक सब के सब मैकुलम के फरसे के नीचे आए.

सबसे ज्यादा मार पड़ी जैक्स कैलिस को. चार ओवरों में 48 रन. अपनी सातवीं गेंद पर खाता खोलने वाले मैकुलम ने 53 गेंदों पर शतक ठोक दिया था. कुल जमा 73 गेंदों पर 158 नाबाद रन. 10 चौके और 13 छक्के. मैकुलम 13 की संख्या से नफ़रत करते हैं. मगर उस दिन 13 ने उनकी रंगत को निखार दिया था.

मैकुलम ने उस दिन किसी को नहीं बख़्शा.
मैकुलम ने उस दिन किसी को नहीं बख़्शा.

ये मैच शुरू होने से ठीक पहले एक भविष्यवाणी हुई थी. बेंगलुरु की टीम मीटिंग में. मैकुलम के हमवतन रॉस टेलर की जानिब से. टेलर ने कहा था, आज बैरी अंधाधुंध बैट भांजने वाला है. बैरी, मैकुलम का निकनेम है. कप्तान राहुल द्रविड़ को लगा कि मैकुलम शुरुआत में ही हवा में खेलकर अपना विकेट गंवाएगा या फिर तूफान आएगा. पहली खुशफहमी थी और दूसरी आशंका. आशंका ने परंपरा का पालन किया और सच हो गई.

पहले IPL के पहले मैच की पहली पारी के ओपनर बैट्समैन ने सीजन का पहला शतक लगाया. फरसेबाजी का ऐसा आलम IPL की पहचान बनने वाला था. मैकुलम ने धुकधुकी को मुस्कान में बदल दिया था. चौड़ी मुस्कान. दर्शकों के मुंह में IPL का स्वाद लग गया था. और ये स्वाद आने वाले समय में बढ़ता ही गया.

16 साल का ‘सुपरस्टार’ गवाह

उस दिन चिन्नास्वामी के स्टैंड में एक 16 साल का लड़का भी मैच देख रहा था. उसने गौर फरमाया और रिवर्स स्विप, स्कूप की तकनीकें अपने तरकश में शामिल की. वो लड़का अब टीम इंडिया का अभिन्न हिस्सा बन चुका है. नाम कन्नूर लोकेश राहुल. केएल राहुल.

राहुल मैकुलम की उस पारी को स्टेडियम के स्टैंड में बैठकर निहार रहे थे.
राहुल मैकुलम की उस पारी को स्टेडियम के स्टैंड में बैठकर निहार रहे थे. (एपी)

राहुल बताते हैं,

हमारे जैसे यंगस्टर्स के लिए वो पारी अद्भुत थी. वो बैटिंग देखने के बाद ही मैंने छक्के लगाने, रिवर्स स्वीप और स्कूप शॉट्स लगाने की प्रैक्टिस शुरू की थी. वैसी बैटिंग हमने पहले कभी नहीं देखी थी.

कोलकाता नाइटराइडर्स ने पहली इनिंग में 222 रन बनाए. 223 के टारगेट का पीछा करने उतरी बेंगलुरु की बल्लेबाजी औंधे मुंह गिर गई. इकलौता खिलाड़ी जिसने दहाई का आंकड़ा पार किया, वो टीम का मेन बॉलर था. प्रवीण कुमार. 82 के टोटल में से 18 रन. ये मैच मैकुलम-गाथा के नाम हो चुका था.

ब्रेंडन मैकुलम की वो पारी IPL का कवर फोटो बन गई. जो हर उम्र के लोगों को अपनी तरफ खींच रही थी. भारत में फ्रेंचाइजी क्रिकेट का धमाकेदार आगाज़ हो चुका था. सुपरहीरो वाली तख्तियों पर ‘ब्रेंडन बैरी मैकुलम’ का नाम चमक रहा था.


वीडियो: 66 गेंदों पर 175 रन पीटने वाले क्रिस गेल को किस बात की कसक थी?

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