Submit your post

Follow Us

अच्छी कविता लिखने की इच्छा रखने वालों के नाम खुला खत

हर साल की 21 मार्च को वर्ल्ड पोएट्री डे होता है. जैसे 20 मार्च को वर्ल्ड स्पैरो डे होता है. वैसे ही 19 मार्च को भी कुछ होता होगा. हम बिना बातों की जलेबी बनाए मुद्दे पर आते हैं. जैसे वर्ल्ड स्पैरो डे स्पैरो अर्थात गौरैया को बचाने के लिए मनाया जाता है. वैसे ही वर्ल्ड पोएट्री डे पोएट्री अर्थात कविता को बचाने के लिए मनाया जाता है. आप भी इसमें योगदान दे सकते हैं. उसके लिए आपको वेरी सिंपल स्टेप्स फॉलो करने हैं. ये खुली वाली चिट्ठी पढ़ो और कविता बचाओ.

1. गालिब, हरिवंशराय बच्चन, गुलजार को बख्श दें

व्हाट्सऐप पर आए दिन पोएट्री की हत्या होते देखता हूं. बहुत से लोग अपनी पॉटी हरिवंशराय बच्चन की पोएट्री के नाम से छापते हैं. ये नमूना देखिए.

harivansh-rai-bachchan-3

एक ये भी

harivansh-rai-bachchan-2

इनकी संख्या इतनी हो गई कि कुमार विश्वास पर केस करने वाले बच्चन साहब को भी क्लियर करना पड़ा कि ये कविता पूज्य बाबूजी ने नहीं लिखी थी.

एक मिर्जा गालिब की कलाकारी भी देख लो. ये सच में जोक है.

galin joke

2. रात 10 बजने से पहले सो जाया करो

यहां फेसबुक कवियों की बात हो रही है. 10 बजते ही अधेड़ों के अंदर का प्रेम जाग जाता है. नर और मादा अपनी फ्रेंडलिस्ट में मौजूद अपोजिट सेक्स को आकर्षित करने के लिए कविताएं ठेलने लगते हैं. जितना प्यार ये लोग फेसबुक पर लिखते हैं, उसका आधा रियल लाइफ में कर लें तो इनकी रात कभी बरबाद न हो. फोन भी बैटरी चाट जाता है.

 

Capture

3. इन शब्दों को कागज पर लिखो और फाड़कर फेंक दों

अमलतास, निचोड़कर, प्रिय तुम, उस मोड़, अपनापा, अंगड़ाई, ये शब्द कविता में जहां आ जाते हैं, कविता उठकर कमर सीधी करती हुई वहां से चल देती है.

amaltas

4. आवाजें लिखना छोड़ो

नल से गिरता पानी टप टप टप टप, भांय भांय करता सन्नाटा, मच्छर की भुन्न भुन्न, काकरोच की किर्र किर्र, इसमें से हो सकता है कि कोई आवाज गलत मिल गई हो. लेकिन ये सारी आवाजें कविताओं में कभी न कभी इस्तेमाल की जा चुकी हैं. इसलिए आवाजें लिखना छोड़ो.

jal tap

5. कीबोर्ड की एंटर की पर डामर चिपका दें

आजकल चार लाइन लिखकर, कहीं से भी एंटर मारकर कविता बना देते हैं लोग. कविता को बचाना है तो प्लीज एंटर की उखाड़ दो, उसे पिघलाकर पेपरवेट बना लो, बच्चे को खेलने के लिए दे दो. लेकिन प्लीज इसका इस्तेमाल करके कविता लिखना बंद कर दो.

(इसकी तस्वीर नहीं है. ऊपर से कोई भी देख लो.)

6. टॉपिक चेंज करो

एक काम करो. घर में गीता या कुरान है. जाओ उठा लाओ. इस पर पड़ी धूल झाड़ो. अब इस पर हाथ रखकर कसम खाओ. मां, बचपन, गांव, देश पर नहीं लिखेंगे. इन पर जितना लिखा है वो पढ़ लो, फिर कुछ लिखने को नहीं मिलेगा.


ये भी पढ़ें:

अल्का याज्ञ्निक के 36 लुभावने गानेः जिन्हें गा-गाकर बरसों लड़के-लड़कियों ने प्यार किया

एक दो तीन गाना जावेद अख्तर ने लिखा है कि लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने?

नागिन डांस से जुड़ी सच्चाई जान लोगे तो मुंह में रुमाल फंसाना छोड़ दोगे

मूर्तियां गिरने पर सबसे ज्यादा दुखी ये नेता है!

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

पोस्टमॉर्टम हाउस

कामयाब: मूवी रिव्यू

एक्टिंग करने की एक्टिंग करना, बड़ा ही टफ जॉब है बॉस!

फिल्म रिव्यू- बागी 3

इस फिल्म को देख चुकने के बाद आने वाले भाव को निराशा जैसा शब्द भी खुद में नहीं समेट सकता.

देवी: शॉर्ट मूवी रिव्यू (यू ट्यूब)

एक ऐसा सस्पेंस जो जब खुलता है तो न सिर्फ आपके रोंगटे खड़े कर देता है, बल्कि आपको परेशान भी छोड़ जाता है.

ये बैले: मूवी रिव्यू (नेटफ्लिक्स)

'ये धार्मिक दंगे भाड़ में जाएं. सब जगह ऐसा ही है. इज़राइल में भी. एक मात्र एस्केप है- डांस.'

फिल्म रिव्यू- थप्पड़

'थप्पड़' का मकसद आपको थप्पड़ मारना नहीं, इस कॉन्सेप्ट में भरोसा दिलाना, याद करवाना है कि 'इट्स जस्ट अ स्लैप. पर नहीं मार सकता है'.

फिल्म रिव्यू: शुभ मंगल ज़्यादा सावधान

ये एक गे लव स्टोरी है, जो बनाई इस मक़सद से गई है कि इसे सिर्फ लव स्टोरी कहा जाए.

फिल्म रिव्यू- भूत: द हॉन्टेड शिप

डराने की कोशिश करने वाली औसत कॉमेडी फिल्म.

फिल्म रिव्यू: लव आज कल

ये वाली 'लव आज कल' भी आज और बीते हुए कल में हुए लव की बात करती है.

शिकारा: मूवी रिव्यू

एक साहसी मूवी, जो कभी-कभी टिकट खिड़की से डरने लगती है.

फिल्म रिव्यू: मलंग

तमाम बातों के बीच में ये चीज़ भी स्वीकार करनी होगी कि बहुत अच्छी फिल्म बनने के चक्कर में 'मलंग' पूरी तरह खराब भी नहीं हुई है.