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पालघर मॉब लिंचिंग: IPS अधिकारी ने वीडियो में दिख रहे पुलिसवाले पर सवाल खड़े किये हैं

महाराष्ट्र का पालघर. यहां एक गांव में 16 अप्रैल की रात भीड़ ने तीन लोगों को पीट-पीटकर मार डाला. इन लोगों में दो साधु थे, एक उनका ड्राइवर था. घटना के दो दिन बाद सोशल मीडिया पर मॉब लिंचिंग के वीडियो वायरल हुए. इसके बाद देर रात खबर आई कि 110 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं. घटना का वीडियो 19 अप्रैल को वायरल हुआ. वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले पर लोगों के रिएक्शन्स भी आए हैं.

ईस्ट दिल्ली से BJP सांसद और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने ट्वीट कर कहा,

‘इंसान के रूप में घूम रहे जानवरों ने बहुत ही अमानवीय, बर्बर और निंदनीय हरकत की. उन्होंने तीन लोगों की जान ले ली. उस 70 बरस के निस्सहाय बुजुर्ग आदमी की अपील पर ध्यान भी नहीं दिया. अब केवल घृणा और शर्म बाकी रह गई है.’

जर्नलिस्ट कंचन गुप्ता ने लिखा,

‘पालघर मॉब लिंचिंग के डरावने वीडियो को देखा, जिनमें दो साधुओं और उनके ड्राइवर का महाराष्ट्र में मर्डर कर दिया गया. वीडियो में एक पुलिसवाला एक बुजुर्ग साधु को लगभग भीड़ को सौंपते दिख रहा है. वीडियो में वो साधु मदद की गुहार लगा रहा है और पुलिसवाला दूर जा रहा है.’

एक अन्य ट्वीट में कंचन गुप्ता ने लिखा,

‘मुझे पालघर मॉब लिंचिंग के वीडियो नहीं देखने चाहिए थे. जितनी बार मैं सोने की कोशिश कर रहा हूं, उस बुजुर्ग साधु की तस्वीर, जो पुलिसवाले से मदद मांग रहा था, मेरे सामने आ रही है. वो पुलिसवाला साधु का हाथ छुड़ाकर दूर चला गया. भीड़ ने उस साधु को जमकर पीटा. वो तस्वीर मेरी आंखों के सामने तैर रही है.’

जूना अखाड़ा के गिरी आचार्य स्वामी अवधेशानंद ने ट्वीट किया,

‘पालघर में जूना अखाड़ा के साधुओं की नृशंस हत्या चौंकाने वाली है और निंदनीय है. हिंसा की इस अमानवीय घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ कड़े एक्शन लिए जाने चाहिए.’

बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी पुलिस को घेरते हुए घटना का एक वीडियो डाला. लिखा,

‘महाराष्ट्र के पालघर का एक और वीडिओ सामने आया है. हृदयविदारक, बेबस संत पुलिस के पीछे अपनी जान बचाने भाग रहा है और ऐसा साफ़ दिख रहा है कि पुलिस न केवल अपनी ज़िम्मेदारी से पीछे हट रही है, अपितु ऐसा लगता है कि बेचारे संत को भीड़ में धकेला जा रहा है. ये महाराष्ट्र में क्या हो रहा है?’

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संबित पात्रा का ट्वीट.

आगे लिखा,

‘पालघर में कोई एक या दो पुलिस वाले नहीं थे, जैसा कुछ वीडियो में लग रहा है. पूरी पुलिस फ़ौज के होते हुए ये लिंचिंग हुई है. यह सोचने के लिए बाध्य करती है कि पुलिस की ऐसी क्या मजबूरी थी कि उनकी आंखों के सामने ये जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया? महाराष्ट्र सरकार को बहुत कुछ का जवाब देना है.’

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संबित पात्रा का ट्वीट.

ओडिशा पुलिस क्राइम ब्रांच के IG अरुण बोथरा ने पुलिसवाले पर सवाल किया. लिखा,

‘ये आदमी पूरे पुलिस विभाग के लिए अपमान है. एक बुजुर्ग आदमी ने इस पुलिसवाले से उम्मीद लगाई थी कि वो उसे भीड़ से बचाएगा, लेकिन उसने बुजुर्ग आदमी को भीड़ के हवाले कर दिया और दूर चला गया. इससे ज्यादा शर्मनाक और क्या होगा?’

Arun Bothra
IPS अधिकारी अरुण बोथरा क ट्वीट.

एक्टर फरहान अख्तर ने भी घटना की आलोचना की. कहा,

‘जिस हिंसा ने तीन लोगों की जान ले ली, मैं उसकी कड़ी आलोचना करता हूं. सोसायटी में भीड़ के नियमों की कोई जगह नहीं होनी चाहिए. मुझे उम्मीद है कि हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया गया होगा और इंसाफ जल्द से जल्द मिल जाए.’

एक्ट्रेस कृतिका कामरा ने लिखा,

‘मॉब लिंचिंग पागलपन है. अफवाहें नफरत बढ़ाती हैं और फिर ये पागलपन हो जाता है. मैं ये नहीं समझ सकती कि लोग कैसे पालघर जैसी डरावनी घटना को सांप्रदायिक करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन फिर, ये लोग महामारी के साथ भी ऐसा कर चुके हैं.’

महाराष्ट्र के होम मिनिस्टर ने ट्वीट कर लोगों से अपील की कि इस मामले को सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश न करें. हमला करने वाले और जिनकी जान गई है, दोनों अलग धर्म के नहीं हैं. इसलिए धार्मिक विवाद का निर्माण अगर कोई करेगा, तो पुलिस और महाराष्ट्र साइबर क्राइम कठोर कार्रवाई करेगा. उन्हें आदेश दिए गए हैं.

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जूना अखाड़े के दो साधु 35 साल के सुशील गिरी महाराज और 70 साल के चिकणे महाराज कल्पवृक्षगिरी ड्राइवर निलेश के साथ 17 अप्रैल को मुंबई के कांदिवली से गुजरात के सूरत जा रहे थे. दोस्त के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए. कांदिवली से करीब 120 किलोमीटर का रास्ता भी तय कर लिया था. पीटीआई के अनुसार कुछ लोगों ने तीनों को रोक लिया और उन्हें गाड़ी से निकाल कर पीट-पीट कर मार डाला. भीड़ को इन पर चोर होने का शक था.

पालघर के डीएम कैलाश शिंदे ने बताया कि तीनों कांदिवली से सूरत जा रहे थे. दादरा और नगर हवेली की सीमा के बीच एक गांव है. जहां ये घटना हुई है. गांव वालों के हाथ में कुल्हाड़ी, लकड़ी, पत्थर समेत दूसरे हथियार थे. इन हथियारों से उन्होंने तीनों पर हमला किया. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. तीनों को गाड़ी में डाला. पर गांव वालों ने फिर अटैक कर दिया. तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. घटना में कई पुलिसवाले भी जख्मी हुए हैं.

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार हुए 110 लोगों में से 9 नाबालिग हैं. 101 लोगों को इस महीने की 30 तारीख तक के लिए पुलिस कस्टडी में लिया गया है. इस मामले में जांच अभी जारी है.


वीडियो देखें: महाराष्ट्र के पालघर में मॉब लिंचिंग हुई और पुलिस कुछ नहीं कर पाई!

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