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पता चल गया बादल और रडार वाली बात के पीछे नरेंद्र मोदी की ग़लती नहीं थी!

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पीएम आजकल ट्रोल रहे हैं, इतनी बड़ी भी ग़लती नहीं की है. उनने बस एक इंटरव्यू में ये कहा कि उन्होंने एयर स्ट्राइक के समय एक्सपर्ट्स को राय दी थी. एक्सपर्ट्स को राय देना ग़लती नहीं है. राय ये थी कि बारिश-बादल में विमान जाने दो, इससे रडार से बचने में फायदा मिलेगा. चलो ग़लती से मुंह से निकल गया कि 1987 में मेल से डिजिटल कैमरे की फोटो भेजते थे. पर आदमी है. ग़लती हो जाती है या उनके पास रहा होगा स्पेशल एक्सेस. हम कौन हैं जज करने वाले?

पर पूरी ग़लती पीएम की नहीं है. ठीक है न? हम इंडियंस टेक्निक को लेकर कई Myths पाल बैठे हैं. ये उसमें से एक है. और भी मिथ्स हैं जैसे.

1. फोन को चार्ज में लगा दो, लेकिन लाइट चली जाए तो सॉकेट बैट्री को उलटा सुड़क लेगा.

2. रेडियो के पीछे चुंबक लगा दो तो रेडियो की आवाज बढ़ जाएगी.

3. टॉर्च की कटोरी को उंगली से छू तो कटोरी खराब हो जाती है.

4. चश्मे को धूप में रखकर भूल जाओ तो पावर घट जाती है.

5. एंटीना में साइकल की रिम लगा दो तो ज्यादा साफ़ दिखने लगता है. ( नहीं, आपका एंटीना पहले से ही इतना सड़ चुका होता था)

6. जूता पहन के स्कूल के कम्प्यूटर रूम में जाओ तो कम्प्यूटर में वायरस चले जाते हैं.

7. सीडी प्लेयर पर पानी से भरा गिलास रख दो तो दूसरे के यहां कैच नहीं करता.

8. बारिश में टीवी देखने से एंटीना गिरने वाली बिजली कैच कर लेता है.

9. नेटवर्क नहीं आ रहा तो फोन उठाने से नेटवर्क आ जाता है.

10. लुटेरा एटीएम लूटना चाहे तो उल्टा पिन डालने से पुलिस को फोन चला जाता है.

11. ईवीएम हैक हो जाती है. (#OkSorry)

12. ईवीएम ब्लूटूथ से हैक हो जाती है. ( #OkSorryBye)

13. मोबाइल पर सारे ऐप बंद कर देने से बैट्री बचती है. ( बैकग्राउंड में रनिंग ऐप्स दोस्त समस्या वहां है)

14. फेसबुक फ्री है और हमेशा फ्री रहेगा. ( LOL)

15. कम्प्यूटर चालू करने के बाद डेस्कटॉप को रीफ्रेश करने से कम्प्यूटर बढ़िया चलता है.

इसके अलावा अन्य ज्ञानी भी हैं, जिन्होंने बहुत कुछ बताया. वो अंकिल तो याद होंगे ही, जो बताते थे कि सेलफोन का डेटा बैट्री में चला जाता है और क्लाउड कम्प्यूटिंग खतरनाक है, क्योंकि बादल उड़ कार यहां-वहां चले जाते हैं. ऐसा ही कुछ आपको याद आए तो बताइए. लिस्ट बढ़ती रहेगी.

हमने शुरू में कहा था, पता चल गया बादल और रडार वाली बात के पीछे नरेंद्र मोदी की ग़लती नहीं थी, तो किसकी ग़लती थी? किसी की नहीं. हम सबने मिथ पाले हैं, अगले ने भी एक मिथ  आसपास की बात बोल दी और क्या!

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Myths about technology and science we Indians believe

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