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IPL में कप्तान बदलने और ना बदलने वाली टीमों का कितना फायदा-नुकसान हुआ?

IPL 2021 का आगाज़ होने में अब कुछ ही दिनों का समय बचा है. जहां आठों टीमें 14वीं बार IPL खिताब के लिए जी-जान से जुट जाएंगी. IPL के नए सीज़न में कुछ टीमें पुराने तो कुछ नए कप्तानों के साथ मैदान पर उतर रही हैं. IPL की हिस्ट्री में कई टीमों ने सीज़न दर सीज़न कप्तान बदले, जबकि कई टीमों ने एक ही कप्तान पर सालों से विश्वास जताया है.

आइये जानते हैं कि IPL की आठों टीमों ने कितने-कितने कप्तान बदलें और उसका नतीजा क्या रहा.

दिल्ली कैपिटल्स/दिल्ली डेयरडेविल्स

सबसे पहले बात करते हैं दिल्ली कैपिटल्स टीम की. इस टीम के दो नाम इसलिए क्योंकि जिस टीम को आज हम दिल्ली कैपिटल्स के नाम से जानते हैं वो कभी दिल्ली डेयरडेविल्स हुआ करती थी. नाम की तरह ही इनका कप्तान बदलने का इतिहास भी बहुत पुराना है.

दिल्ली ने IPL के 14 सीज़न में 10 से ज़्यादा कप्तान आज़माए हैं. जिनमें सबसे ज़्यादा चार सीज़न वीरेंद्र सहवाग टीम के कप्तान रहे. वीरू के अलावा दिल्ली वालों ने बीच-बीच में गौतम गंभी, दिनेश कार्तिक, जेम्स होप्स, महेला जयावर्दना, डेविड वॉर्नर, केविन पीटरसन, जेपी डूमिनी, ज़हीर खान, करुण नायर और श्रेयस अय्यर को भी आज़माया है.

Shreyas Iyer (3)
श्रेयस अय्यर. फोटो: PTI

2018 से अय्यर टीम के कप्तान थे, लेकिन इस सीज़न चोट लगने की वजह से टीम को ऋषभ पंत के रूप में एक नया कप्तान मिला है.

दिल्ली की टीम इतने कप्तान बदलने के बावजूद कभी भी खिताब नहीं जीत सकी.

किंग्स इलेवन पंजाब/पंजाब किंग्स

अब बात कर लेते हैं उस टीम की जिसने दिल्ली की तरह ही कप्तानों की अदला-बदली की है. 2008 के सीज़न में टीम ने सिक्सर किंग युवराज सिंह को कप्तान बनाया. इसके बाद 2009 तक टीम ने उनपर भरोसा किया और फिर 2010 में कप्तान बदल दिया.

2010 में कुमार संगाकारा टीम के कप्तान बने और इसके बाद तो टीम ने वीरेंद्र सहवाग, एडम गिलक्रिस्ट, जॉर्ज बेली, डेविड हसी, महेला जयावर्दना, डेविड मिलर, ग्लेन मैक्सवेल, मुरली विजय सभी को आज़मा लिया.

2020 से टीम केएल राहुल के साथ बनी हुई है. लेकिन अब तक पंजाब किंग्स की टीम पहले IPL खिताब के इंतज़ार में ही है.

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर

पहले सीजन ही RCB की टीम ने वर्ल्ड क्रिकेट के लिजेंड राहुल द्रविड़ को कप्तानी सौंपी. लेकिन उस सीज़न टीम का कैम्पेन सातवें पायदान पर खत्म हुआ. इसके बाद द्रविड़ से कप्तान ले ली गई. दूसरे सीज़न अनिल कुंबले को टीम का कप्तान बनाया गया और टीम फाइनल तक पहुंच गई.

इसके बाद 2011 में फिर से टीम की कप्तानी बदली और डेनियल विटोरी को कमान सौंपी गई. लेकिन फिर 2011 में ही विटोरी से कप्तानी विराट को पास कर दी गई. बीच-बीच में केविन पीटरसन, शेन वॉटसन और ज़हीर खान ने कुछ मौकों पर टीम की कमान संभाली. लेकिन टीम ने युवा विराट कोहली को फुल टाइम कप्तान बनाकर 2021 तक उनपर विश्वास बनाए रखा है.

Virat Devdutt
विराट कोहली और देवदत्त पड्डीकल. फोटो: PTI

भले ही RCB की टीम 13 सालों में IPL नहीं जीत सकी. लेकिन फिर भी ये टीम एक कप्तान वाली थ्योरी पर बरकरार रही है.

मुंबई इंडियंस

अब बात करते हैं IPL इतिहास की सबसे सफल टीम की. साल 2008 में जब IPL की शुरुआत हुई तो सचिन तेंडुलकर टीम के कप्तान बने. इसके बाद 2011 तक मुंबई ने सचिन को कप्तानी के पद पर आसीन रखा. लेकिन टीम को वो सफलता नहीं मिली जिसकी वो हकदार थी. 2012 में हरभजन और फिर रिकी पोन्टिंग को टीम की कप्तानी दी गई. लेकिन ये दांव भी बहुत ज़्यादा नहीं चला.

फिर आया मुंबई का किस्मत बदलने वाला साल यानी 2013, पूरी तरह से रोहित शर्मा को टीम की कप्तानी दी गई और फिर उन्होंने ऐसी किस्मत बदली कि टीम ने आठ सालों में पांच खिताब जीत लिए.

2013 के बाद से मुंबई इंडियंस की टीम का भरोसा रोहित शर्मा पर बरकरार है.

राजस्थान रॉयल्स

राजस्थान रॉयल्स की बात करें तो इस टीम ने 13 सालों की हिस्ट्री में पांच कप्तानों का इस्तेमाल किया है. सीज़न की शुरूआत राजस्थान ने शेन वॉर्न की कप्तानी में की. वॉर्न ने पहले ही सीज़न में राजस्थान को चैम्पियन बना दिया. उसके बाद 2011 तक वॉर्न, 2012-13 में राहुल द्रविड़, 2014-15 में शेन वॉटसन और उसके बाद अजिंक्य रहाणे और स्टीव स्मिथ ने भी टीम की कप्तानी की.

लेकिन 2008 के बाद कोई भी इस टीम को चैम्पियन नहीं बना सका. पिछले कुछ सालों में तो टीम किसे कप्तान बनाए, इसी असमंजस में है.

संजू सैमसन. फोटो: AP
संजू सैमसन. फोटो: AP

सीज़न 2021 के लिए टीम ने एक युवा कप्तान संजू सैमसन पर भरोसा जताया है. अब देखना होगा कि राजस्थान का ये दांव कितना चलता है.

सनराइज़र्स हैदराबाद

अब बात कर लेते हैं उस टीम की जिसने पिछले नौ सालों में कप्तानी में बहुत ज़्यादा हेरफेर नहीं किया. सीज़न की शुरूआत में हैदराबाद टीम की पहचान डेक्कन चार्जर्स नाम से होती थी. शुरूआती सीज़न में इस टीम ने वीवीएस लक्ष्मण से लेकर एडम गिलक्रिस्ट, कुमार संगाकारा और डैरेन सैमी तक सबको आज़माया.

लेकिन 2013 में ये टीम सनराइज़र्स हैदराबाद बन गई और फिर डैरेन सैमी से होते हुए टीम की कप्तानी डेविड वॉर्नर के हाथों में गई. बीच-बीच में कैमरन व्हाइट, भुवनेश्वर कुमार ने टीम की कप्तानी की. लेकिन डेविड वॉर्नर इसके प्रबल देवादर बने रहे.

2018 के सीज़न में जब डेविड वॉर्नर IPL नहीं खेले तो विलियमसन को कप्तानी सौंपी गई और उन्होंने 2019 तक टीम की कप्तानी की. लेकिन 2020 में मैनेजमेंट ने पूरी तरह से डेविड वॉर्नर को कप्तानी सौंप दी. अब 2021 में वॉर्नर ही टीम की अगुवाई करेंगे.

वॉर्नर की कप्तानी में हैदराबाद की टीम दो बार चैम्पियन बनी है.

कोलकाता नाइट राइडर्स

IPL की सबसे सफल टीमों में शुमार KKR ने बहुत ज़्यादा कप्तान बदलने में विश्वास नहीं किया. पहले सीज़न दादा सौरव गांगुली को कप्तान बनाने वाली KKR ने अगले सीज़न में ही ब्रैंडम मैक्कलम को कप्तान बना दिया. दाल नहीं गली तो अगले सीज़न फिर से दादा को कप्तानी दे दी.

शुरुआती तीन सालों में इधर-उधर झांकने के बाद 2011 में टीम को मिली गौतम गंभीर की कप्तानी और यहां से कहानी बदल गई. गौतम ने सात सालों में टीम को दो खिताब जिताए और KKR के सबसे सफल कप्तान बने. 2017 तक KKR ने गौतम गंभीर की कप्तानी पर भरोसा रखा. लेकिन 2018 में टीम ने गंभीर को छोड़ दिनेश कार्तिक को कप्तानी सौंपी.

दो सीज़न कार्तिक को कप्तानी देने के बाद 2020 में सीज़न के बीच में ऑएन मॉर्गन को कप्तान बना दिया गया. 2021 में एक बार फिर से KKR वर्ल्ड चैम्पियन कप्तान मॉर्गन के साथ ही जाएगी.

चेन्नई सुपर किंग्स

साल 2008 टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी और साल 2021 टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी. CSK की कप्तानी की बस इतनी सी कहानी है. इस टीम ने कभी भी धोनी से आगे या पीछे नहीं देखा.

धोनी की कप्तानी में टीम 2008 से 2019 तक हर बार प्लेऑफ्स में पहुंची और तीन बार टाइटल भी जीता.

Csk 700
चेन्नई सुपर किंग्स. फोटो: AP

इस तरह से इन आठों टीमों के कप्तान और उन्हें बदलने के ट्रेंड पर मत जाइयेगा. क्योंकि कुछ टीमें कप्तान बदलकर भी कामयाब रही हैं. जबकि कुछ बदल बदलकर भी पहले खिताब के लिए परेशान हैं. इसलिए कप्तानों वाली इस खिचड़ी को समझ पाना आसान नहीं है.


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