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क्या ये गाने सच में इतने मुश्किल थे जो हमने हमेशा गलत गाए!

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कविता किताब में छपकर आए तो पढ़ लेते हैं. कुछ समय में भूल जाते हैं. कहीं कोट करना हो तो दिमाग पर जोर डालकर याद करना पड़ता है. कोई सामने खड़ा होकर सुनाता है तो कुछ दिन के लिए याद रह जाती है. लेकिन ये लिमिटेड पीरियड ऑफर होता है. हफ्ता, महीना भर बाद भूल ही जाना है. अगर कविता हमेशा के लिए जुबान पर चढ़ाना हो तो फिल्मों में डाल दो. फिल्मी गानों की सबसे अच्छी बात ये है कि ये जुबान पर चढ़ जाते हैं तो ताउम्र नहीं उतरते. लेकिन इन गानों के साथ भी कभी कभी प्रॉब्लम होती है. जब इंटरनेट का जमाना नहीं था तब तो बहुत होती थी. इनके लिरिक्स पकड़े नहीं मिलते थे. बस धुन दिमाग पर चढ़ जाती थी. लोग इनकी धुन में अपने अक्षर चढ़ाकर गुनगुनाने लगते थे. ये गाने दिमाग पर ऐसे चस्पां हुए कि इनकी गलत लिरिक्स ही याद रह गईं. सही को अब जानने का मन भी नहीं करता. ये कुछ गाने निम्नलिखित हैं, अपना वाला चुन लें.

1. जस्ट चिल चिल: मैंने प्यार क्यों किया

मैंने प्यार क्यों किया फिल्म 2005 में आई थी. रात आठ बजे बरामदे में खाट पर रेडियो लेकर पड़ा हुआ था. उसमें फरमाइशी गानों का प्रोग्राम हेलो एफएम आता था इत्ते ही टाइम. तो उसमें उन्नाव से किसी भाई का फोन आया. उसने एंकर से कहा “मैडम जस चेंव चेंव” वाला गाना सुना दो. मैडम ने उसे समझाया कि सुना तो दे रहे हैं लेकिन ध्यान से सुनना. वो गाना जस्ट चिल चिल है, चांव चांव नहीं. अगली बार सही गाना बताना. ये था वो क्रांतिकारी गाना.

2. ईंधना विणवा गइती मोरे सैंयां: फाल्गुनी पाठक

ये डांडिया स्पेशल गाना उस दौर में आया था जब फाल्गुनी पाठक की तूती बोलती थी. उनके अलबम दन्न से निकलते और फैल जाते. ये गाना जितना सुनने में अच्छा लगता था उतना ही देखने में भी. इसलिए इसका जुबान पर चढ़ना लाजिमी था. लेकिन गुजराती गाने की लिरिक्स शुरू होते ही औंधे मुंह गिर जाती थी. हम गाते थे “इंधणामिणवागइ थी मोरे सैंयां.” जबकि असल में इसका मतलब था ईंधना विणवा गइती- अर्थात ईंधन के लिए लकड़ियां चुनने गई थी, वहां सखियों ने पूछताछ कर दी.

3. धूम धूम: धूम

धूम मचा ले धूम मचा ले धूम. ये हिंदी वाला था. इसे गाने में स्पीड जॉन अब्राहम की बाइक्स जैसी ही तेज थी. लेकिन इंगलिश वाला थोड़ा कठिन था. लेकिन उसमें टशन अलग किस्म का था. इसलिए गाना बहुत जरूरी था. लिरिक्स आते नहीं थे तो आवाज निकलती थी “धूम धूम तेरी अइसी की तइसी.” जो चल गया वो चल गया. इंगलिश मीडियम वालों ने भले सही लिरिक्स खोजने की कोशिश की हो लेकिन हिंदी वालों ने अब तक इसी से काम चलाया है. असली लिरिक्स ये थी.
Dhoom dhoom come and light my fire
Dhoom dhoom let me take u higher
Dhoom dhoom wanna feel that burning
Dhoom dhoom it s a wild emotion
Dhoom dhoom passion and devotion
Dhoom dhoom now the wheels are turning
Move ur body close to mine now
Let me feel ur luv divine now
Together we will explode and we will go boom boom boom boom
Dhoom machale dhoom machale dhoom

4. बी अ रेबेल: रंग दे बसंती

अपनी तो पाठशाला मस्ती की पाठशाला वाली लाइन से पहले ये आता था. लूज़ कंट्रोल तक समझ में आता था लेकिन ये नहीं. इसलिए इसको कहते थे “हायो रब्बा.” असल में था बी अ रेबेल, अर्थात बागी बनो.

5. कहो न कहो: मर्डर

ये गाना अपने साथ एक अरबी वर्जन भी लाता था. वो अरबी नहीं जिसको घुइंया कहते हो, अरबी भाषा. उसे पकड़ पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन था. लेकिन गाने के बीच में पड़ता था इसलिए गाना जरूरी था. उसको तमल्लिमा तवल्लिमा कुछ भी बना देते थे. लेकिन एक लाइन से आगे कभी न बढ़ पाए. उस गाने के लिरिक्स हैं, मतलब का पता चलते ही सूचित किया जाएगा.
Kamalli ma’aa wala hatta’ baidiam
Niki aldi hawa kamalli maaa
Kamalli b’ali uffal di walaa bansaa
Kamalli waa hishmillah hataa banu wayyaa

6. बुरे बुरे हम शैतान: ब्लफमास्टर

ये गाना इत्ता धांसू था कि बाइक में तीस का तेल भराकर फर्राटे भरने वाला हर लौंडा इसे गाता था. लेकिन कसम है जो कभी एक भी लाइन समझ में आई हो. बस बूरे बूरे हम हम हम से हम करके निकल जाते थे. गाना सुन लो. लिरिक्स पकड़ने की कोशिश मत करो.

7. गलती म्हारे से हो गई: करण अर्जुन

गाना बहुत तेज बीट वाला था और रेडियो की ताल में ताल मिलाकर गाया जाता था. लेकिन गलती म्हारे से हो गई की जगह “गलती मारे से हो गई” निकलता था. क्योंकि यूपी के गांवों में म्हारे जैसा कोई शब्द नहीं होता, ‘हमाए’ होता है. और मारे से गलती का रिश्ता भी बनता है, बस ये बात थी.

8. सलामे सलामे: धूम

धूम अगेन. लेकिन इस बार धूम का ये वाला गाना. इस गाने के बारे में लगता था कि सिंगर गलत गा रहा है. सलामे जैसे कौन सी चीज होती है. सलामी होती है जो 21 तोपों की दी जाती है. इसलिए सलामी होगा. कुछ बहुत ज्यादा अंग्रेजी मारे थे तो वो ‘सलाम इट’ गाते थे.

9. जिया जले जान जले: दिल से

शाहरुख खान का डांस इस गाने में जित्ता कातिल था इतने ही इसके शुरुआती लिरिक्स. इदेरीमुत्तोलीजिंदीक्यो करके कुछ गाया जाता था. असली लिरिक्स ये थे.
पुंजिरिथंजी कोंझीको

मुंथिरि मुथ्थोली चिंडिक्को

वंजनि वरना चुंदरि वावे

थांगिन्नअक्कथ थकधिमियादुम थंगनिलावे होइ

10. चप्पा चप्पा चरखा चले: माचिस

ये गाना गुलजार ने लिखा है इसलिए लिरिक्स की चिंता तो छोड़ दीजिए. वो खुद नहीं करते हैं तो हम आप काहे रिस्क लें. लेकिन गुरु उच्चारण तो सही होना चाहिए न. भले फिजिक्स के नियमों की ऐसी तैसी कर दी जाती है. लेकिन गाने के बीच में एक जगह आता है “लोहे के चिमटे से लिपटे को मारा था.” लोग इसे गाते थे लोहे के चिमटे से लिट्टे को मारा था. ‘प’ गायब ही हो जाता है. समझ में नहीं आता कि जिस लिट्टे ने हमारे प्रधानमंत्री राजीव गांधी का मर्डर करा दिया उसे कोई चिमटे से कैसे मार सकता है?

11. दिल दिवाना हो गया है: ये जवानी है दीवानी

इमरान किस्सू हाशमी के फैन्स के लिए वो समय बड़ा रूमानी था जब हर तीन महीने पर उनकी एक फिल्म रिलीज होती थी. ऐसी ही एक फिल्म ये जवानी है दीवानी आई थी. जिसमें ये गाना शुरू होता था तो हम गुनगुनाने लगते थे – मुत्तरेसी मुत्तरेबी…..जाने जां. बीच का कुछ समझ में नहीं आता था. नेपथ्य में सोनू निगम ये गाते थे

मुत्तलेशी मुत्तलेबी मुरकाबी जाने जां
या हबीबी योनो फीबी येना होब्बी जाने जां

हमने इत्ते गाने बताए. आपने भी बहुत गाने गलत गाए होंगे. अगर हां तो ईमानदारी से कमेंट में बता देना.


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